एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पाकिस्तान से मांगी इमरान खान की रिहाई, 8 महीने से परिवार से नहीं मिले
सारांश
मुख्य बातें
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने मंगलवार, 4 अगस्त 2026 को पाकिस्तान सरकार से आग्रह किया कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी खान को तत्काल और बिना शर्त अपने परिजनों तथा कानूनी सलाहकारों से मिलने का अधिकार बहाल किया जाए। संगठन ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से इमरान खान को निष्पक्ष सुनवाई के बुनियादी अधिकार से व्यवस्थित रूप से वंचित रखा गया है।
हिरासत की स्थिति और स्वास्थ्य चिंताएँ
एमनेस्टी इंटरनेशनल की दक्षिण एशिया के लिए कार्यवाहक क्षेत्रीय निदेशक इसाबेल लासी ने कहा, 'पिछले तीन वर्षों से पाकिस्तान के अधिकारियों ने इमरान खान को निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार से व्यवस्थित रूप से वंचित रखा है। उन्हें लंबे समय तक एकांत कारावास में रखा गया है और उनकी चिकित्सा सुविधा तथा मुलाकात के अधिकारों को भी सीमित किया गया है।' संगठन के अनुसार, इमरान खान को पिछले आठ महीनों से परिवार से मिलने की अनुमति नहीं दी गई है और कथित तौर पर उनकी आँखों की रोशनी भी गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।
लासी ने यह भी बताया कि दिसंबर 2025 से इमरान खान और बुशरा बीबी खान, दोनों को ही नियमित रूप से अपने वकीलों से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। संगठन ने माँग की कि उनके कथित गैरकानूनी एकांत कारावास को तत्काल समाप्त किया जाए और उचित चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाए।
गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि
एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार, इमरान खान को पहली बार 9 मई 2023 को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद पाकिस्तान भर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। इसके बाद 5 अगस्त 2023 को उन्हें दोबारा हिरासत में लिया गया और तब से वे जेल में हैं। जनवरी 2025 में उन्हें सरकारी गोपनीय दस्तावेजों से जुड़े मामले और बुशरा बीबी खान से विवाह से संबंधित मामले में बरी कर दिया गया था, परंतु वे अन्य मामलों में अभी भी हिरासत में हैं।
गौरतलब है कि संगठन ने 2024 में इमरान खान के विरुद्ध दर्ज मामलों का विश्लेषण किया था और इस निष्कर्ष पर पहुँचा था कि उनकी कैद गैरकानूनी और राजनीतिक कारणों से प्रेरित है।
पीटीआई समर्थकों पर कार्रवाई
9 मई 2023 और 26 नवंबर 2024 के प्रदर्शनों के बाद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख नेताओं और समर्थकों को बड़े पैमाने पर और मनमाने तरीके से गिरफ्तार किया गया। संगठन के अनुसार इनमें से कई लोग अब भी आतंकवाद से जुड़े आरोपों में हिरासत में हैं, जबकि 85 लोगों को सैन्य अदालतों द्वारा दोषी ठहराया जा चुका है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार की माँग
लासी ने पाकिस्तान के अधिकारियों से अपील की कि इमरान खान की गिरफ्तारी की वर्षगाँठ पर उनके परिवार, पार्टी और समर्थकों द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों से पहले शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पीटीआई के खिलाफ बार-बार देखी जाने वाली मनमानी और गैरकानूनी कार्रवाई दोबारा नहीं होनी चाहिए।
यह ऐसे समय में आया है जब इमरान खान की गिरफ्तारी की वर्षगाँठ निकट है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान में मानवाधिकार की स्थिति पर दबाव बढ़ता जा रहा है।