इमरान खान को वकील से मिलने की मिली अनुमति: आईएचसी के चीफ जस्टिस का निर्देश
सारांश
Key Takeaways
- इमरान खान को वकील से मिलने की अनुमति मिली है।
- आईएचसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
- मुख्य अपीलों का त्वरित निपटारा किया जाएगा।
- सुनवाई 9 अप्रैल को होगी।
- इमरान खान वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों का सामना कर रहे हैं।
नई दिल्ली, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान में 190 मिलियन पाउंड के संदिग्ध भ्रष्टाचार प्रकरण में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। इस्लामाबाद हाई कोर्ट (आईएचसी) के चीफ जस्टिस ने इमरान खान को उनके वकील से मिलने की अनुमति देने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
इमरान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की अर्जी पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश जारी किए गए। इस मामले में दोनों की सजा सस्पेंड करने की मांग की गई थी। न्यायालय ने उनकी मुख्य अपीलों के त्वरित निपटारे का संकेत भी दिया।
नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (एनएबी) के प्रमुख अभियोजक जावेद अशरफ और वरिष्ठ अभियोजक राफे मकसूद कोर्ट में उपस्थित हुए, जबकि पीटीआई के संस्थापक की ओर से बैरिस्टर सलमान सफदर ने अपनी दलीलें रखीं।
सुनवाई के दौरान, चीफ जस्टिस ने मुख्य अपीलों पर चर्चा करने का आग्रह किया, जबकि सजा को सस्पेंड करने की अन्य अर्जियां भी लंबित थीं।
प्रमुख दैनिक डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, न्यायालय ने स्पष्ट किया कि आरोपी को अपने कानूनी प्रतिनिधि से मिलने का अधिकार है और इसमें किसी प्रकार की रुकावट नहीं होनी चाहिए। चीफ जस्टिस ने अधिकारियों से कहा कि वे इमरान खान की अपने वकील के साथ मुलाकात को सुगम बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
मंगलवार और गुरुवार को अदालत द्वारा निर्धारित किया गया है। इस दिन इमरान के परिवार वाले, वकील और पार्टी नेता उनसे मिल सकते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं।
आईएचसी बेंच ने त्वरित कार्रवाई के लिए एक संयोजित प्रक्रिया की आवश्यकता पर भी बल दिया। चीफ जस्टिस ने कहा कि यदि अपील पर बहस आरंभ होती है, तो न्यायालय सात दिनों के भीतर मामले का निर्णय कर सकता है।
इस बीच, संबंधित अधिकारियों को न्यायालय के आदेश का तात्कालिक पालन करने के लिए निर्देशित किया गया है। मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल को तय की गई है।
यह मामला 190 मिलियन पाउंड के कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसमें इमरान खान और उनके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत से अनुरोध किया था कि इमरान को अपने वकील से परामर्श करने की अनुमति दी जाए, ताकि वह अपने बचाव की तैयारी प्रभावी ढंग से कर सकें।