1 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

इस्लामाबाद हाई कोर्ट का आदेश: इमरान खान और बुशरा बीबी को एकांत कारावास में न रखा जाए

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
इस्लामाबाद हाई कोर्ट का आदेश: इमरान खान और बुशरा बीबी को एकांत कारावास में न रखा जाए

सारांश

इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने अदियाला जेल को सख्त आदेश दिया — इमरान खान और बुशरा बीबी को एकांत कारावास में न रखा जाए, परिवार से मुलाकात और बेटों से फोन पर बातचीत सुनिश्चित की जाए। 15 दिनों में अनुपालन रिपोर्ट माँगी गई है।

मुख्य बातें

इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने 1 सितंबर 2026 को आदेश दिया कि इमरान खान और बुशरा बीबी को एकांत कारावास में न रखा जाए।
जस्टिस खादिम हुसैन सूमरो ने खान की बहन अलीमा खानम और बुशरा बीबी की बेटी मुबाशरा खावर मानेका की याचिकाओं पर यह फैसला सुनाया।
अदालत ने अदियाला जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि खान को रोज़ाना अखबार, किताबें और चिकित्सा सुविधाएँ दी जाएँ तथा परिवार से मुलाकात की अनुमति हो।
इमरान खान अगस्त 2023 से और बुशरा बीबी 17 जनवरी 2025 से अदियाला जेल में बंद हैं।
जेल अधीक्षक को 15 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है।

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को एकांत कारावास में रखे जाने के विरुद्ध इस्लामाबाद हाई कोर्ट (IHC) ने 1 सितंबर 2026 को कड़ा आदेश जारी किया है। जस्टिस खादिम हुसैन सूमरो ने निर्देश दिया कि दोनों को जेल मैनुअल के अनुसार समस्त सुविधाएँ दी जाएँ और उनके साथ नियमों के विपरीत कोई व्यवहार न हो। अदालत ने अदियाला जेल प्रशासन को यह भी आदेश दिया कि इमरान खान को उनके बेटों से टेलीफोन पर बातचीत कराई जाए।

मुख्य घटनाक्रम

जस्टिस सूमरो ने खान की बहन अलीमा खानम और बुशरा बीबी की बेटी मुबाशरा खावर मानेका की ओर से अलग-अलग दायर याचिकाओं को सुनवाई योग्य मानते हुए यह फैसला सुनाया। ये याचिकाएँ 6 अगस्त को दायर की गई थीं, जिनमें कथित एकांत कारावास को चुनौती दी गई थी।

अदालत ने आदेश दिया कि खान के परिवार के सदस्यों को जेल नियमों के अनुसार मुलाकात की अनुमति दी जाए। इसके अलावा, अदियाला जेल प्रशासन को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि खान को प्रतिदिन समाचारपत्र और पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएँ तथा जेल नियमों के अनुरूप चिकित्सा सुविधाएँ भी मिलें।

जेल प्रशासन का पक्ष

अदियाला जेल के अधीक्षक साजिद बेग ने अदालत को बताया कि इमरान खान को चौबीसों घंटे एकल कक्ष में बंद नहीं रखा जाता था। उनके अनुसार, खान को सात कक्षों वाले एक परिसर में दिन के समय आवाजाही की सुविधा प्राप्त थी। जेल अधिकारियों ने बुशरा बीबी को भी सुरक्षा कारणों से अलग रखने की बात कही, जबकि परिवार इसे एकांत कारावास बताता रहा है।

अदालत ने अदियाला जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि वे 15 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

इमरान खान और बुशरा बीबी की कानूनी स्थिति

क्रिकेटर से राजनेता बने 73 वर्षीय इमरान खान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। उन्हें भ्रष्टाचार और उससे संबंधित मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद जेल भेजा गया था। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) इन फैसलों को राजनीति से प्रेरित बताती रही है।

बुशरा बीबी को भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद 31 जनवरी 2024 को पहली बार जेल भेजा गया था। करीब 9 महीने बाद 24 अक्टूबर 2024 को उन्हें जमानत पर रिहा किया गया, लेकिन एक अन्य मामले में 17 जनवरी 2025 को पुनः गिरफ्तार कर लिया गया। तब से वे अदियाला जेल में बंद हैं।

परिवार के आरोप और सरकार का रुख

इमरान खान के समर्थकों और परिजनों का कथित तौर पर आरोप है कि जेल प्रशासन ने परिवार के सदस्यों की मुलाकात पर अघोषित रोक लगा रखी है और खान को उचित चिकित्सा सुविधा भी नहीं मिल पा रही। पाकिस्तान सरकार इन आरोपों को लगातार खारिज करती रही है।

यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान में PTI और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। गौरतलब है कि खान की गिरफ्तारी के बाद से उनके समर्थक न्यायिक हस्तक्षेप की माँग करते आए हैं और यह आदेश उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आगे क्या होगा

अदालत के आदेश के अनुसार, अदियाला जेल प्रशासन को 15 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट सौंपनी होगी। यदि निर्देशों का पालन नहीं हुआ तो अवमानना की कार्यवाही की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इमरान खान के कानूनी मामलों की अगली सुनवाई पर पाकिस्तान और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

पाकिस्तान की जेल प्रशासन व्यवस्था पर एक न्यायिक टिप्पणी है। यह पहली बार नहीं है कि किसी पाकिस्तानी अदालत को जेल अधिकारियों को बुनियादी नियमों का पालन करने का निर्देश देना पड़ा हो — यह एक दीर्घकालिक संस्थागत विफलता की ओर संकेत करता है। असली सवाल यह है कि क्या 15 दिनों की अनुपालन रिपोर्ट महज एक औपचारिकता बनकर रह जाएगी, या अदालत अवमानना की कार्यवाही के ज़रिए वास्तविक जवाबदेही सुनिश्चित करेगी। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन इस मामले पर पहले से नज़र रखे हुए हैं, और इस आदेश का पालन न होना पाकिस्तान के लिए कूटनीतिक दबाव का कारण बन सकता है।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने इमरान खान के बारे में क्या आदेश दिया?
इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने 1 सितंबर 2026 को आदेश दिया कि इमरान खान और बुशरा बीबी को एकांत कारावास में नहीं रखा जाए और उन्हें जेल मैनुअल के अनुसार सभी सुविधाएँ दी जाएँ। अदालत ने खान को उनके बेटों से फोन पर बात कराने और परिवार से मुलाकात की अनुमति देने का भी निर्देश दिया।
इमरान खान कब से और किस जेल में बंद हैं?
इमरान खान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। उन्हें भ्रष्टाचार और संबंधित मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद जेल भेजा गया था, जिसे उनकी पार्टी PTI राजनीति से प्रेरित बताती है।
बुशरा बीबी को कब गिरफ्तार किया गया था?
बुशरा बीबी को पहली बार 31 जनवरी 2024 को भ्रष्टाचार मामले में जेल भेजा गया था। 24 अक्टूबर 2024 को जमानत पर रिहाई के बाद 17 जनवरी 2025 को एक अन्य मामले में पुनः गिरफ्तार कर लिया गया और तब से वे अदियाला जेल में हैं।
यह याचिका किसने दायर की थी और इसमें क्या माँग की गई थी?
यह याचिका इमरान खान की बहन अलीमा खानम और बुशरा बीबी की बेटी मुबाशरा खावर मानेका ने अलग-अलग दायर की थी। याचिकाओं में कथित एकांत कारावास को चुनौती देते हुए जेल नियमों के अनुसार सुविधाएँ दिलाने की माँग की गई थी।
जेल प्रशासन को अनुपालन रिपोर्ट कब तक देनी होगी?
अदालत ने अदियाला जेल अधीक्षक को 15 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट में यह बताना होगा कि अदालत के सभी निर्देशों का पालन किया गया है या नहीं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले