इस्लामाबाद हाई कोर्ट का आदेश: इमरान खान और बुशरा बीबी को एकांत कारावास में न रखा जाए
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को एकांत कारावास में रखे जाने के विरुद्ध इस्लामाबाद हाई कोर्ट (IHC) ने 1 सितंबर 2026 को कड़ा आदेश जारी किया है। जस्टिस खादिम हुसैन सूमरो ने निर्देश दिया कि दोनों को जेल मैनुअल के अनुसार समस्त सुविधाएँ दी जाएँ और उनके साथ नियमों के विपरीत कोई व्यवहार न हो। अदालत ने अदियाला जेल प्रशासन को यह भी आदेश दिया कि इमरान खान को उनके बेटों से टेलीफोन पर बातचीत कराई जाए।
मुख्य घटनाक्रम
जस्टिस सूमरो ने खान की बहन अलीमा खानम और बुशरा बीबी की बेटी मुबाशरा खावर मानेका की ओर से अलग-अलग दायर याचिकाओं को सुनवाई योग्य मानते हुए यह फैसला सुनाया। ये याचिकाएँ 6 अगस्त को दायर की गई थीं, जिनमें कथित एकांत कारावास को चुनौती दी गई थी।
अदालत ने आदेश दिया कि खान के परिवार के सदस्यों को जेल नियमों के अनुसार मुलाकात की अनुमति दी जाए। इसके अलावा, अदियाला जेल प्रशासन को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि खान को प्रतिदिन समाचारपत्र और पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएँ तथा जेल नियमों के अनुरूप चिकित्सा सुविधाएँ भी मिलें।
जेल प्रशासन का पक्ष
अदियाला जेल के अधीक्षक साजिद बेग ने अदालत को बताया कि इमरान खान को चौबीसों घंटे एकल कक्ष में बंद नहीं रखा जाता था। उनके अनुसार, खान को सात कक्षों वाले एक परिसर में दिन के समय आवाजाही की सुविधा प्राप्त थी। जेल अधिकारियों ने बुशरा बीबी को भी सुरक्षा कारणों से अलग रखने की बात कही, जबकि परिवार इसे एकांत कारावास बताता रहा है।
अदालत ने अदियाला जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि वे 15 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
इमरान खान और बुशरा बीबी की कानूनी स्थिति
क्रिकेटर से राजनेता बने 73 वर्षीय इमरान खान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। उन्हें भ्रष्टाचार और उससे संबंधित मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद जेल भेजा गया था। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) इन फैसलों को राजनीति से प्रेरित बताती रही है।
बुशरा बीबी को भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद 31 जनवरी 2024 को पहली बार जेल भेजा गया था। करीब 9 महीने बाद 24 अक्टूबर 2024 को उन्हें जमानत पर रिहा किया गया, लेकिन एक अन्य मामले में 17 जनवरी 2025 को पुनः गिरफ्तार कर लिया गया। तब से वे अदियाला जेल में बंद हैं।
परिवार के आरोप और सरकार का रुख
इमरान खान के समर्थकों और परिजनों का कथित तौर पर आरोप है कि जेल प्रशासन ने परिवार के सदस्यों की मुलाकात पर अघोषित रोक लगा रखी है और खान को उचित चिकित्सा सुविधा भी नहीं मिल पा रही। पाकिस्तान सरकार इन आरोपों को लगातार खारिज करती रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान में PTI और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। गौरतलब है कि खान की गिरफ्तारी के बाद से उनके समर्थक न्यायिक हस्तक्षेप की माँग करते आए हैं और यह आदेश उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आगे क्या होगा
अदालत के आदेश के अनुसार, अदियाला जेल प्रशासन को 15 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट सौंपनी होगी। यदि निर्देशों का पालन नहीं हुआ तो अवमानना की कार्यवाही की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इमरान खान के कानूनी मामलों की अगली सुनवाई पर पाकिस्तान और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की नज़र बनी रहेगी।