क्या सारा अली खान को केदारनाथ जाने की आवश्यकता है? हुसैन दलवई का सवाल
सारांश
Key Takeaways
- सारा अली खान को केदारनाथ जाने के लिए प्रमाण देना होगा।
- हुसैन दलवई ने आस्था के प्रमाण पर सवाल उठाया है।
- गंगा नदी सभी के लिए है, इसे किसी विशेष धर्म से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
मुंबई, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा है कि यदि केदारनाथ और बद्रीनाथ में दर्शन के लिए आस्था का प्रमाण देना अनिवार्य है, तो सारा अली खान को वहां जाने की क्या आवश्यकता है।
सारा अली खान को महादेव की एक प्रमुख भक्त माना जाता है और वह अक्सर केदारनाथ धाम जाकर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करती हैं। इस बार उन्हें अपनी आस्था का प्रमाण पेश करना होगा।
जानकारी के अनुसार, केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ धाम के दर्शन के लिए आने वाले गैर हिंदू श्रद्धालुओं को अपनी आस्था साबित करने के लिए हलफनामा देना होगा। बद्री-केदार मंदिर कमेटी के चेयरमैन हेमंत द्विवेदी ने कहा कि यदि सारा अली खान केदारनाथ धाम में दर्शन के लिए आती हैं, तो उन्हें भी सनातन धर्म में अपनी आस्था का हलफनामा प्रस्तुत करना होगा। इसके बाद ही उन्हें मंदिर में प्रवेश की अनुमति प्राप्त होगी।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए हुसैन दलवई ने कहा कि लोगों को यह नहीं पता कि सनातन धर्म और हिंदू धर्म का आपस में कोई संबंध नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि सारा अली खान वहां जाना क्यों चाहती हैं। अगर वह जाना चाहती हैं, तो उन्हें हलफनामे की मांग स्वीकार करनी होगी। यह उनके लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय है कि उन्हें पूजा करनी है या नहीं।
वाराणसी में गंगा नदी में इफ्तार पार्टी करने वाले युवकों की गिरफ्तारी पर हुसैन दलवई ने कहा कि यह बिल्कुल गलत है। उन्होंने इसे हिटलर के समय के मानवाधिकार उल्लंघन से जोड़ा। गंगा नदी सभी की है, और इसे किसी विशेष धर्म के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ उठाई जा रही माफी की मांग पर हुसैन दलवई ने कहा कि सदन में सभी विषयों पर चर्चा करने का अधिकार है।
उन्होंने एसिड अटैक की घटना को दुखद बताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं में शामिल लोगों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।