'सनातन' का अर्थ: न आदि, न अंत - कंगना रनौत का बयान
सारांश
Key Takeaways
- गैर-सनातनियों का मंदिर में प्रवेश अब शपथ पत्र पर निर्भर करेगा।
- कंगना रनौत ने सनातन धर्म की अनंतता पर जोर दिया।
- सारा अली खान को यदि शपथ पत्र दिया जाता है, तो उन्हें दर्शन की अनुमति मिलेगी।
मुंबई, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने हाल ही में गैर-हिंदुओं के मंदिर में प्रवेश पर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। समिति ने बताया कि केदारनाथ और बद्रीनाथ सहित कई मंदिरों में गैर-सनातनियों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। अब केवल वे गैर-हिंदू ही मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे, जो पहले सनातन धर्म में आस्था का एक औपचारिक शपथ पत्र प्रस्तुत करेंगे, जिससे उन्हें मंदिर में दर्शन की अनुमति मिलेगी।
इस निर्णय पर मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने उदाहरण देते हुए अभिनेत्री सारा अली खान का नाम लिया। उन्होंने कहा कि यदि सारा अली खान जैसी प्रसिद्ध हस्ती भी केदारनाथ आती हैं, सनातन में अपनी आस्था प्रकट करती हैं और एफिडेविट प्रस्तुत करती हैं, तो उन्हें दर्शन से नहीं रोका जाएगा।
अभिनेत्री अक्सर केदारनाथ के दर्शन के लिए आती हैं। वर्ष 2018 में उनकी पहली फिल्म 'केदारनाथ' की शूटिंग के दौरान उन्हें इस स्थान से खास लगाव हो गया था।
बुधवार को भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने संसद परिसर में राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि सारा को यह कहने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए क्योंकि वे भी सनातन धर्म में विश्वास रखती हैं। यदि वे बद्रीनाथ और केदारनाथ में दर्शन करना चाहती हैं, तो उन्हें लिखित रूप में यह देना चाहिए। यहाँ सभी लोग सनातनी हैं, क्योंकि हम जन्म से ही इस परंपरा से जुड़े हुए हैं। 'सनातन' का अर्थ है, जिसका न कोई आदि है और न ही अंत।
कंगना ने आगे कहा कि अन्य धर्म कुछ ही साल पुराने हैं, लेकिन सनातन ही सत्य है और अनादि-अनंत है। इसलिए, मुझे लगता है कि सारा को शपथ पत्र देने में कोई घबराहट नहीं होनी चाहिए। अभिनेत्री ने आगे लोकसभा के नेता विपक्ष राहुल गांधी के व्यवहार पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का संसद में व्यवहार अमर्यादित है।
कंगना ने कहा, "वे तू-तड़ाक करके बोलते हैं। यदि कोई इंटरव्यू दे रहा हो तो अनुचित शब्दों का प्रयोग करते हैं, जो बहुत अनकम्फर्टेबल महसूस करवाते हैं।"