फिल्म की दुनिया के कलाकारों को धर्म के सीमाओं में नहीं बांधना चाहिए: मौलाना साजिद रशीदी
सारांश
Key Takeaways
- सारा अली खान को मंदिर में दर्शन के लिए एफिडेविट देना होगा।
- मौलाना रशीदी ने इस प्रक्रिया को अनुचित बताया है।
- फिल्मी सितारों को धर्म के दायरे में नहीं बांधना चाहिए।
- कोई भी श्रद्धालु अपनी आस्था साबित कर सकता है।
- मंदिर कमेटी ने स्पष्ट किया है कि गैर-सनातनियों के लिए दर्शन में प्रतिबंध होगा।
नई दिल्ली, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। यदि फिल्म अभिनेत्री सारा अली खान केदारनाथ-बद्रीनाथ मंदिर में दर्शन करना चाहती हैं, तो उन्हें अपनी आस्था का शपथ पत्र देना होगा। मंदिर कमेटी ने यह निर्णय लिया है कि जो भी गैर हिंदू श्रद्धालु यहां आएंगे, उन्हें एफिडेविट प्रस्तुत करना होगा। इस संदर्भ में मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि यदि सारा अली खान से शपथ पत्र मांगा जाता है, तो यह एक बेहद शर्मनाक प्रक्रिया है।
उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि फिल्मी सितारों का कोई धर्म नहीं होता। जब सारा अली खान और सलमान खान अपने घरों में गणपति की पूजा करते हैं, तब उनसे कोई एफिडेविट नहीं मांगा जाता। सभी फिल्मस्टार एक-दूसरे के साथ होली खेलते हैं, तब भी कोई प्रमाण नहीं मांगा जाता। सारा अली खान ने पहले भी मंदिरों में दर्शन किए हैं और विवादों में रही हैं।
मौलाना रशीदी ने नुसरत भरूचा का उदाहरण देते हुए कहा कि वह भी मंदिर जाने को लेकर विवादों का सामना कर चुकी हैं। उन्होंने यह सवाल उठाया कि जब कलाकार अपने घरों में गणपति स्थापित करते हैं या होली मनाते हैं, तब उनसे किसी प्रकार का प्रमाण क्यों नहीं मांगा जाता।
उन्होंने यह भी कहा कि फिल्मी दुनिया के लोगों को किसी एक धर्म के दायरे में बांधकर नहीं देखा जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने प्रमाण पत्र मांगने की प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए इसे अनुचित बताया।
इस बार केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा में बड़ा बदलाव किया गया है। अब इन धामों में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को अपनी आस्था साबित करनी होगी, जिसके लिए एफिडेविट देना होगा।
बद्री-केदार मंदिर कमेटी के चेयरमैन हेमंत द्विवेदी ने कहा कि यदि सारा अली खान केदारनाथ धाम में दर्शन के लिए आती हैं, तो उन्हें भी सनातन धर्म में अपनी आस्था का एफिडेविट देना होगा। इसके बाद ही उन्हें मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि केदारनाथ, बद्रीनाथ समेत कई मंदिरों में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर रोक लगाई जाएगी। हेमंत द्विवेदी ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति, चाहे वह किसी भी पृष्ठभूमि से क्यों न हो, सनातन धर्म में अपनी आस्था व्यक्त करता है और इसके लिए शपथ पत्र देता है, तो उसे मंदिर में दर्शन की अनुमति दी जा सकती है।