बांकुरा में वाम मोर्चा का डीएम कार्यालय मार्च: पुलिस से झड़प, बैरिकेड तोड़े
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के बांकुरा में 10 अगस्त 2026 को वाम मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) कार्यालय तक मार्च निकाला, जिसके दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। कार्यकर्ताओं ने पुलिस के बैरिकेड तोड़कर डीएम कार्यालय परिसर में प्रवेश कर लिया। यह मार्च राज्यव्यापी अभियान का हिस्सा था, जिसे वाम मोर्चा ने 15 सूत्री मांगों को लेकर आयोजित किया था।
मार्च का घटनाक्रम
वाम मोर्चा के कार्यकर्ता और समर्थक बांकुरा के हिंदू स्कूल मैदान से एकत्रित होकर डीएम कार्यालय की ओर बढ़े। पुलिस ने कार्यालय के सामने बैरिकेड लगाकर जुलूस को रोकने का प्रयास किया। जब प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाने की कोशिश की, तो दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। अंततः प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़कर कार्यालय परिसर में दाखिल होने में सफल रहे।
इसके बाद केंद्रीय बलों सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा। प्रदर्शनकारी बाहर सड़क पर बैठकर विरोध जारी रखते हुए अंततः वापस लौट गए।
वाम मोर्चा की मांगें
वाम मोर्चा के विभिन्न संगठनों ने यह मार्च 15 सूत्री मांगों को लेकर आयोजित किया था। इनमें प्रमुख रूप से अन्नपूर्णा योजना के तहत सभी पात्र महिला आवेदकों को शामिल करना, तथा धान, आलू और जूट जैसी फसलों के लिए किसानों को उचित समर्थन मूल्य दिलाना शामिल था। इसके अलावा मनरेगा के तहत सौ दिन का काम सुनिश्चित करने की माँग भी उठाई गई।
नेता का बयान
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [CPI(M)] के नेता अमिया पात्रा ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 'सरकार सिर्फ बातें करती है, काम के नाम पर कुछ नहीं होता।' उन्होंने आरोप लगाया कि किसी को भी सौ दिन का काम नहीं मिल रहा और किसानों को धान, आलू व जूट के लिए समर्थन मूल्य नहीं दिया जा रहा। पात्रा ने यह भी कहा कि अन्नपूर्णा योजना से कई महिलाएं अब भी वंचित हैं।
उन्होंने आगे कहा, 'जब जनता सड़कों पर उतर आती है, तो शासन की कोई भी बाधा उसे रोक नहीं सकती।'
राज्यव्यापी अभियान
यह मार्च केवल बांकुरा तक सीमित नहीं था। वाम मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने बीरभूम, झाड़ग्राम, अलीपुरद्वार, दार्जिलिंग, कूच बिहार, उत्तर दिनाजपुर, पुरुलिया, मालदा, मुर्शिदाबाद सहित अनेक जिलों में डीएम कार्यालयों तक इसी तरह के मार्च निकाले। अधिकांश जिलों में यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहा; बांकुरा में हुई झड़प अपवाद रही।
आगे क्या
यह घटना पश्चिम बंगाल में विपक्षी वाम दलों और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाती है। वाम मोर्चा का कहना है कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।