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हावड़ा के बाली में सीपीआई(एम) के चार दफ्तरों में तोड़फोड़, भाजपा पर आरोप — पार्टी ने किया इनकार

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हावड़ा के बाली में सीपीआई(एम) के चार दफ्तरों में तोड़फोड़, भाजपा पर आरोप — पार्टी ने किया इनकार

सारांश

हावड़ा के बाली में मंगलवार रात मोटरसाइकिल सवार लोगों ने सीपीआई(एम) के चार दफ्तरों में करीब 45 मिनट तक तोड़फोड़ की। वाम दल ने भाजपा पर उँगली उठाई, भाजपा ने साफ इनकार किया। यह घटना जलपाईगुड़ी में इसी तरह के हमले के कुछ दिन बाद आई है, जो बंगाल में बढ़ते राजनीतिक टकराव का संकेत है।

मुख्य बातें

हावड़ा जिले के बाली इलाके में 16 सितंबर की देर रात सीपीआई(एम) के चार पार्टी कार्यालयों में कथित तोड़फोड़ हुई।
मोटरसाइकिल सवार लोगों ने रात करीब 11 बजे पहुँचकर लगभग 45 मिनट तक तोड़फोड़ की और एक कार्यालय में ताला लगा दिया।
सीपीआई(एम) के जिला समिति सदस्य शंकर मैत्रा ने भाजपा पर आरोप लगाया; भाजपा नेता राजा गोस्वामी ने किसी भी संलिप्तता से इनकार किया।
घटना डीवाईएफआई के पंचाननतला कार्यक्रम — जिसमें नेता दीप्सिता धर मौजूद थीं — के कुछ घंटों बाद हुई।
सीपीआई(एम) का आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
इससे पहले जलपाईगुड़ी में भी सीपीआई(एम) के जिला कार्यालय पर कथित हमले और आगजनी की घटना हो चुकी है।

पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के बाली इलाके में मंगलवार, 16 सितंबर की देर रात भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [सीपीआई(एम)] के कम से कम चार पार्टी कार्यालयों में कथित तौर पर तोड़फोड़ की गई। सीपीआई(एम) ने इस हमले के लिए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया है।

मुख्य घटनाक्रम

सीपीआई(एम) नेताओं के अनुसार, पंचाननतला रोड स्थित देवांगाजी जोनल पार्टी कार्यालय और बेलूर स्टेशन रोड स्थित पार्टी दफ्तर समेत इलाके के कई अन्य कार्यालयों को निशाना बनाया गया। पार्टी के एक नेता ने बताया कि रात करीब 11 बजे मोटरसाइकिलों पर सवार कुछ लोग पहुँचे और लगभग 45 मिनट तक तोड़फोड़ करते रहे।

जिला समिति के सदस्य शंकर मैत्रा ने आरोप लगाया, 'रात करीब 11 बजे स्थानीय भाजपा नेता बाइक पर आए और चार पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की। उन्होंने एक कार्यालय में ताला भी लगा दिया।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

घटना की पृष्ठभूमि

यह तोड़फोड़ सीपीआई(एम) के युवा संगठन डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) द्वारा बाली नहर के पास पंचाननतला में आयोजित एक कार्यक्रम के कुछ घंटों बाद हुई। इस कार्यक्रम में पार्टी नेता दीप्सिता धर समेत कई नेता मौजूद थे। सीपीआई(एम) नेताओं का कहना है कि कार्यक्रम के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था, जिसके बाद रात में पार्टी दफ्तरों पर हमले किए गए।

भाजपा की प्रतिक्रिया

भाजपा ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। भाजपा नेता राजा गोस्वामी ने कहा, 'हम गणेश पूजा और खिचड़ी वितरण कार्यक्रम में व्यस्त थे। इसके बाद हावड़ा स्टेशन पर युवा मोर्चा के कार्यक्रम में गए थे। मुझे वामपंथी पार्टी के कार्यालयों पर हमले की जानकारी मीडिया से मिली। भाजपा का इससे कोई लेना-देना नहीं है।'

पहले की घटनाओं से संबंध

गौरतलब है कि यह घटना कुछ दिन पहले उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी में सीपीआई(एम) के एक कार्यालय में कथित तोड़फोड़ और आगजनी की घटना के बाद सामने आई है। उस मामले में भी पार्टी ने आरोप लगाया था कि डीबीसी रोड स्थित उसके जिला कार्यालय पर भाजपा से जुड़े लोगों ने हमला किया था। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में वाम दलों और भाजपा के बीच राजनीतिक तनाव लगातार बना हुआ है।

आगे क्या होगा

फिलहाल पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं और सीपीआई(एम) ने उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की माँग की है। जाँच की दिशा और पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नज़रें टिकी हैं। दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी बयानों के बीच घटना की निष्पक्ष जाँच की माँग तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो एक पैटर्न की ओर इशारा करता है। चिंताजनक यह है कि दोनों मामलों में पुलिस की निष्क्रियता के आरोप लगे हैं, जो कानून-व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हैं। परस्पर विरोधी बयानों के बीच सच्चाई जाँच के बिना सामने नहीं आएगी, और जब तक स्वतंत्र जाँच नहीं होती, यह घटना राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हथियार बनी रहेगी। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है वह यह है कि बंगाल में वाम दलों का सांगठनिक ढाँचा पहले से कमज़ोर है, और इस तरह की घटनाएँ उनकी ज़मीनी उपस्थिति को और सिकोड़ने का काम करती हैं।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हावड़ा के बाली में सीपीआई(एम) दफ्तरों पर हमला कब और कैसे हुआ?
16 सितंबर की रात करीब 11 बजे मोटरसाइकिल सवार लोगों ने हावड़ा के बाली इलाके में सीपीआई(एम) के चार पार्टी कार्यालयों में घुसकर लगभग 45 मिनट तक तोड़फोड़ की। एक कार्यालय में ताला भी लगा दिया गया।
सीपीआई(एम) ने किस पर आरोप लगाया और भाजपा ने क्या कहा?
सीपीआई(एम) के जिला समिति सदस्य शंकर मैत्रा ने स्थानीय भाजपा नेताओं पर हमले का आरोप लगाया। भाजपा नेता राजा गोस्वामी ने इनकार करते हुए कहा कि वे उस समय गणेश पूजा और युवा मोर्चा कार्यक्रम में व्यस्त थे और उन्हें हमले की जानकारी मीडिया से मिली।
घटना से पहले इलाके में क्या हुआ था?
तोड़फोड़ से कुछ घंटे पहले डीवाईएफआई ने बाली नहर के पास पंचाननतला में एक कार्यक्रम आयोजित किया था, जिसमें पार्टी नेता दीप्सिता धर समेत कई लोग शामिल थे। सीपीआई(एम) के अनुसार, इस कार्यक्रम के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था।
क्या इससे पहले भी बंगाल में सीपीआई(एम) दफ्तरों पर हमले हुए हैं?
हाँ, इस घटना से कुछ दिन पहले उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी में सीपीआई(एम) के डीबीसी रोड स्थित जिला कार्यालय पर कथित तोड़फोड़ और आगजनी हुई थी। उस मामले में भी पार्टी ने भाजपा से जुड़े लोगों पर आरोप लगाया था।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
सीपीआई(एम) का आरोप है कि पार्टी द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। पुलिस की ओर से अब तक किसी आधिकारिक बयान की पुष्टि नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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