16 सितंबर 2026
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पूर्व कोलकाता डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास पर ₹2.80 करोड़ भ्रष्टाचार का नया मामला, गरियाहाट थाने में शिकायत दर्ज

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पूर्व कोलकाता डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास पर ₹2.80 करोड़ भ्रष्टाचार का नया मामला, गरियाहाट थाने में शिकायत दर्ज

सारांश

कोलकाता पुलिस के पूर्व डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास पर भ्रष्टाचार का एक और मामला — इस बार गरियाहाट थाने में ₹2.80 करोड़ के कथित लाभ की शिकायत। ईडी की गिरफ्तारी के बाद अब स्थानीय पुलिस स्तर पर भी कार्रवाई, जो इस मामले को और जटिल बनाती है।

मुख्य बातें

पूर्व कोलकाता डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास के खिलाफ 16 सितंबर को गरियाहाट थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत नई शिकायत दर्ज।
शिकायत में कथित तौर पर ₹2.80 करोड़ के प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष आर्थिक लाभ का आरोप।
बिस्वास की पत्नी को एक कंपनी से ₹74.36 लाख वेतन, ₹82 लाख के दो फ्लैट गुप्त रूप से खरीदने और मुर्शिदाबाद में ₹61 लाख की मरम्मत राशि लेने का आरोप।
गिरफ्तार कारोबारी जॉय कामदार से ₹13 लाख नकद व उपहार लेने का आरोप।
ED पहले ही ₹3 करोड़ के गबन मामले में आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है; बिस्वास मिदनापुर केंद्रीय सुधारगृह में न्यायिक हिरासत में।
तीनों आरोपी — बिस्वास, कामदार और बिश्वजीत पोद्दार — फिलहाल न्यायिक हिरासत में।

कोलकाता पुलिस के पूर्व डिप्टी कमिश्नर (डीसीपी) शांतनु सिन्हा बिस्वास के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत 16 सितंबर को दक्षिण कोलकाता के गरियाहाट थाने में एक नई शिकायत दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बिस्वास ने अपने पद का दुरुपयोग कर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से नकद व उपहारों के रूप में कुल ₹2.80 करोड़ का आर्थिक लाभ अर्जित किया। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब बिस्वास पहले से ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जाँच के तहत न्यायिक हिरासत में हैं।

शिकायत में लगाए गए प्रमुख आरोप

पुलिस के अनुसार, शिकायत में कई विशिष्ट आर्थिक अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। आरोप है कि बिस्वास की पत्नी को एक निजी कंपनी से वेतन के रूप में ₹74.36 लाख प्राप्त हुए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कथित तौर पर गुप्त रूप से ₹82 लाख मूल्य के दो फ्लैट खरीदे।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बिस्वास ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अपने बेटे की कॉलेज फीस के लिए ₹20.27 लाख की निकासी करवाई। मुर्शिदाबाद जिले के कांदी क्षेत्र में एक मकान की मरम्मत के नाम पर कथित तौर पर ₹61 लाख प्राप्त किए गए।

इसके अलावा, विभिन्न संगठनों को लाभ पहुँचाने के बदले बिस्वास ने एक बार ₹10 लाख और दूसरी बार ₹15 लाख वसूले — ऐसा शिकायत में कहा गया है।

कारोबारी जॉय कामदार से जुड़े आरोप

नई शिकायत में गिरफ्तार कारोबारी जॉय कामदार का विशेष उल्लेख है। आरोप है कि बिस्वास ने कामदार से नकद और उपहारों के रूप में ₹13 लाख लिए। इसके अतिरिक्त, पत्नी के लिए उपहार खरीदने के नाम पर ₹2 लाख और वसूले जाने का आरोप शिकायत में दर्ज है।

गौरतलब है कि जॉय कामदार को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

ईडी की पूर्व कार्रवाई और वर्तमान हिरासत

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इससे पहले बिस्वास को जमीन कब्जाने के एक अलग मामले में गिरफ्तार किया था। ईडी ने पिछले जुलाई में उनके खिलाफ ₹3 करोड़ के गबन का आरोप लगाते हुए आरोपपत्र दाखिल किया था। वर्तमान में बिस्वास पश्चिम मेदिनीपुर जिले के मिदनापुर केंद्रीय सुधारगृह में न्यायिक हिरासत में बंद हैं।

बिस्वास का नाम सोना पप्पू उर्फ बिश्वजीत पोद्दार के खिलाफ चल रही जमीन कब्जाने की जाँच के दौरान सामने आया था। ईडी सूत्रों के मुताबिक, इन तीनों — बिस्वास, कामदार और पोद्दार — ने कथित तौर पर अवैध तरीकों से जमीनों पर कब्जा किया और जमीन मालिकों को परेशान करने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया।

मामले का व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में पुलिस अधिकारियों से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों की जाँच कई एजेंसियों द्वारा एक साथ चल रही है। विभिन्न थानों में इस मामले से संबंधित शिकायतें पहले भी दर्ज कराई गई थीं, जो इस नेटवर्क की व्यापकता को दर्शाती हैं।

गरियाहाट थाने में दर्ज यह नई शिकायत मौजूदा ईडी मामले से अलग, स्थानीय पुलिस स्तर पर दर्ज की गई है — जो संकेत देती है कि बिस्वास के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कई मोर्चों पर एक साथ आगे बढ़ रही है।

आगे क्या होगा

गरियाहाट थाने में दर्ज शिकायत के आधार पर जाँच की दिशा तय होगी। तीनों आरोपी — शांतनु सिन्हा बिस्वास, जॉय कामदार, और बिश्वजीत पोद्दार — फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी की जाँच और अब स्थानीय पुलिस की शिकायत के साथ, मामला कानूनी रूप से और जटिल होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या उनके कार्यकाल के दौरान की व्यापक प्रशासनिक जवाबदेही भी तय होगी।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शांतनु सिन्हा बिस्वास के खिलाफ नई शिकायत में क्या आरोप हैं?
गरियाहाट थाने में दर्ज शिकायत में आरोप है कि बिस्वास ने पद का दुरुपयोग कर ₹2.80 करोड़ का कथित आर्थिक लाभ अर्जित किया। इसमें पत्नी के नाम पर ₹74.36 लाख वेतन, ₹82 लाख के दो फ्लैट, और कारोबारी जॉय कामदार से ₹13 लाख नकद लेने के आरोप शामिल हैं।
शांतनु सिन्हा बिस्वास अभी कहाँ हैं?
बिस्वास वर्तमान में पश्चिम मेदिनीपुर जिले के मिदनापुर केंद्रीय सुधारगृह में न्यायिक हिरासत में बंद हैं। उन्हें प्रवर्तन निदेशालय ने जमीन कब्जाने के एक अलग मामले में पहले गिरफ्तार किया था।
ईडी ने बिस्वास पर क्या आरोप लगाए हैं?
प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले जुलाई में बिस्वास के खिलाफ ₹3 करोड़ के गबन का आरोप लगाते हुए आरोपपत्र दाखिल किया था। उनका नाम सोना पप्पू उर्फ बिश्वजीत पोद्दार के खिलाफ चल रही जमीन कब्जाने की जाँच के दौरान सामने आया था।
इस मामले में और कौन-कौन आरोपी हैं?
इस मामले में कारोबारी जॉय कामदार और बिश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू को भी आरोपी बनाया गया है। तीनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी सूत्रों के अनुसार, इन तीनों ने कथित तौर पर मिलकर जमीन मालिकों को परेशान किया और अवैध तरीकों से जमीनों पर कब्जा किया।
गरियाहाट थाने की शिकायत और ईडी की जाँच में क्या फर्क है?
ईडी की जाँच मुख्य रूप से जमीन कब्जाने और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है, जबकि गरियाहाट थाने में दर्ज नई शिकायत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत पद के दुरुपयोग और आर्थिक लाभ से जुड़ी है। दोनों मामले स्वतंत्र रूप से चल रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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