10 अगस्त 2026
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कोलकाता सिंडिकेट मामला: ईडी ने गिरफ्तार पूर्व डीसी शांतनु सिन्हा बिस्वास के करीबी 3 पुलिसकर्मियों को तलब किया

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कोलकाता सिंडिकेट मामला: ईडी ने गिरफ्तार पूर्व डीसी शांतनु सिन्हा बिस्वास के करीबी 3 पुलिसकर्मियों को तलब किया

सारांश

कोलकाता के आपराधिक सिंडिकेट मामले में ईडी की जांच का दायरा तेज़ी से बढ़ रहा है — गिरफ्तार पूर्व डीसी शांतनु सिन्हा बिस्वास के 3 करीबी पुलिसकर्मियों को समन, सोना पप्पू के परिजन भी निशाने पर। पुलिस-अपराध गठजोड़ की जड़ें कितनी गहरी हैं, यह जांच तय करेगी।

मुख्य बातें

ईडी ने 24 जून 2026 को गिरफ्तार पूर्व कोलकाता पुलिस उपायुक्त शांतनु सिन्हा बिस्वास के करीबी 3 पुलिसकर्मियों को पूछताछ के लिए तलब किया।
तलब किए गए पुलिसकर्मियों में दक्षिण कोलकाता के एक थाने का सब-इंस्पेक्टर शामिल है।
सिंडिकेट संचालक बिस्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू की पत्नी सोमा पोद्दार सहित परिजनों को भी ईडी ने इस सप्ताह तलब किया।
शांतनु सिन्हा बिस्वास , सोना पप्पू और कारोबारी जॉय कामदार — तीनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
सोना पप्पू पर जमीन कब्जाने, जबरन वसूली और शस्त्र अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 24 जून 2026 को आपराधिक सिंडिकेट मामले में गिरफ्तार पूर्व कोलकाता पुलिस उपायुक्त शांतनु सिन्हा बिस्वास के करीबी तीन पुलिस अधिकारियों को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

किन्हें भेजा गया समन

तलब किए गए तीन पुलिसकर्मियों में दक्षिण कोलकाता के एक थाने में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर भी शामिल है। इसके अलावा, ईडी ने गिरफ्तार सिंडिकेट संचालक बिस्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू की पत्नी सोमा पोद्दार सहित परिवार के कई सदस्यों को भी इस सप्ताह सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित ईडी कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

सोना पप्पू और मामले की पृष्ठभूमि

दक्षिण कोलकाता के बालीगंज निवासी सोना पप्पू पर जमीन कब्जाने, जबरन वसूली और अवैध हथियार रखने समेत कई गंभीर आरोप हैं। उनके खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज है। इन्हीं आरोपों के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की, जिसके दौरान कारोबारी जॉय कामदार का नाम सामने आया और उन्हें भी गिरफ्तार किया गया।

शांतनु सिन्हा बिस्वास की गिरफ्तारी का घटनाक्रम

जांच के सिलसिले में ईडी ने फर्न रोड, दक्षिण कोलकाता स्थित शांतनु सिन्हा बिस्वास के आवास पर छापेमारी की थी। तलाशी के अगले दिन एजेंसी ने शांतनु और उनके दो बेटों — सायंतन तथा मनीष — को पूछताछ के लिए बुलाया, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। गौरतलब है कि अप्रैल में रेत तस्करी मामले में भी शांतनु को समन भेजा गया था, जिसे उन्होंने नजरअंदाज किया था। इसके बाद उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया। कई बार समन की अनदेखी के बाद जब वे ईडी कार्यालय पहुंचे, तो लंबी पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

सोना पप्पू की गिरफ्तारी

पिछले महीने सोना पप्पू अपनी पत्नी के साथ स्वयं सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित ईडी कार्यालय पहुंचे थे, जहां लंबी पूछताछ के बाद उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल शांतनु सिन्हा बिस्वास, सोना पप्पू और जॉय कामदार — तीनों न्यायिक हिरासत में हैं।

जांच का अगला चरण

ईडी अब सोना पप्पू की पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ कर मामले के वित्तीय और आपराधिक पहलुओं की गहन जांच करना चाहती है। यह मामला ऐसे समय में तूल पकड़ रहा है जब पश्चिम बंगाल में पुलिस-अपराध सिंडिकेट के कथित गठजोड़ को लेकर राजनीतिक और कानूनी दबाव बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ या समन संभव हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने कोलकाता के किन पुलिसकर्मियों को समन जारी किया है?
ईडी ने गिरफ्तार पूर्व कोलकाता पुलिस उपायुक्त शांतनु सिन्हा बिस्वास के करीबी तीन पुलिसकर्मियों को तलब किया है, जिनमें दक्षिण कोलकाता के एक थाने में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर शामिल है। इन्हें आपराधिक सिंडिकेट मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
सोना पप्पू कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
सोना पप्पू यानी बिस्वजीत पोद्दार दक्षिण कोलकाता के बालीगंज निवासी कथित सिंडिकेट संचालक हैं। उन पर जमीन कब्जाने, जबरन वसूली और अवैध हथियार रखने सहित शस्त्र अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं, और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
शांतनु सिन्हा बिस्वास को ईडी ने कब और कैसे गिरफ्तार किया?
शांतनु सिन्हा बिस्वास ने अप्रैल में रेत तस्करी मामले में और बाद में सिंडिकेट मामले में ईडी के कई समन नजरअंदाज किए, जिसके बाद उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया। अंततः जब वे ईडी कार्यालय पहुंचे, तो लंबी पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
ईडी इस मामले में अब आगे क्या करेगी?
ईडी अब सोना पप्पू की पत्नी सोमा पोद्दार और परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ कर मामले के वित्तीय और आपराधिक पहलुओं की गहन जांच करना चाहती है। तीनों मुख्य आरोपी — शांतनु सिन्हा बिस्वास, सोना पप्पू और जॉय कामदार — न्यायिक हिरासत में हैं।
कारोबारी जॉय कामदार का इस मामले से क्या संबंध है?
जॉय कामदार का नाम ईडी की जांच के दौरान सोना पप्पू के सिंडिकेट से जुड़े वित्तीय लेनदेन की पड़ताल में सामने आया था। इसके बाद एजेंसी ने उन्हें भी इसी मामले में गिरफ्तार किया और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
राष्ट्र प्रेस
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