कोलकाता पुलिस के डीसीपी और जॉय कामदार के घर पर ईडी का छापा

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कोलकाता पुलिस के डीसीपी और जॉय कामदार के घर पर ईडी का छापा

सारांश

कोलकाता में ईडी ने डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास और जॉय कामदार के निवास पर छापेमारी की। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।

Key Takeaways

  • कोलकाता में ईडी की छापेमारी से जुड़ी जानकारी
  • शांतनु सिन्हा बिस्वास और जॉय कामदार के खिलाफ जांच
  • धन-शोधन निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
  • सोना पप्पू सिंडिकेट मामले की गंभीरता
  • छापेमारी में बरामद नकदी और दस्तावेज

कोलकाता, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक विशेष टीम ने कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास के बालीगंज स्थित निवास और 'सन एंटरप्राइज' के प्रबंध निदेशक जॉय कामदार के बेहाला स्थित घर पर छापेमारी की।

अब तक कुल तीन स्थानों पर छापेमारी की गई है, जिनमें से दो स्थान शांतनु सिन्हा बिस्वास से जुड़े हैं और एक स्थान जॉय कामदार का है। यह जांच धन-शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के तहत 'सोना पप्पू और जॉय कामदार' मामले से संबंधित है। अभी तक दोनों के घरों से छापेमारी में क्या मिला है, इसकी कोई जानकारी नहीं मिली है।

अधिकारियों ने बताया कि यह तलाशी अभियान दक्षिण कोलकाता के बालीगंज क्षेत्र में 'सोना पप्पू सिंडिकेट' मामले के तहत चलाया जा रहा है। बिस्वास पहले कालीघाट पुलिस स्टेशन के ऑफिसर-इन-चार्ज थे, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में आता है। इससे पहले ईडी ने सोना पप्पू केस में हावड़ा के ज्वाइंट कमिश्नर गौरव लाल और जॉय कामदार को पूछताछ के लिए समन जारी किया था।

हाल ही में ईडी ने कोलकाता में आठ स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था। तलाशी के दौरान लगभग 1.47 करोड़ रुपए की नकदी, लगभग 67.64 लाख रुपए के सोने के गहने, चांदी, और कई आपत्तिजनक दस्तावेज तथा डिजिटल उपकरण जब्त किए गए। तलाशी के दौरान एक फॉर्च्यूनर गाड़ी भी जब्त की गई, जिसका उपयोग सोना पप्पू करता था।

इसके अलावा, दक्षिण कोलकाता के फर्न रोड स्थित विश्वजीत पोद्दार के घर से एक रिवॉल्वर बरामद की गई, जिस पर 'मेड इन यूएसए' लिखा था।​

विश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू और अन्य आरोपियों पर दंगा, हत्या के प्रयास, आपराधिक षड्यंत्र और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन के आरोप हैं। कोलकाता पुलिस की ओर से दर्ज मुकदमे के आधार पर ईडी ने प्राथमिकी दर्ज की थी।

सोना पप्पू और उसके साथी पश्चिम बंगाल राज्य में संगठित आपराधिक गिरोह की गतिविधियों में संलिप्त थे और अवैध तरीकों से धन अर्जित कर रहे थे। सोना पप्पू कोलकाता के गोलपार्क के निकट कंकुलिया रोड पर हुई एक हिंसा के मामले में भी पुलिस द्वारा वांछित है और वर्तमान में वह फरार है। हालांकि, उसे कई बार सार्वजनिक स्थलों पर देखा गया है और वह सोशल मीडिया पर 'लाइव' भी आया है, लेकिन उसकी गिरफ्तारी अब तक नहीं हो पाई है।

Point of View

जिसमें कोलकाता पुलिस के उच्च अधिकारियों का नाम जुड़ा हुआ है। यह स्पष्ट है कि ईडी इस मामले में सख्ती से जांच कर रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, वे निश्चित रूप से समाज में एक नई चर्चा को जन्म देंगे।
NationPress
22/04/2026

Frequently Asked Questions

ईडी ने किसके घर पर छापेमारी की?
ईडी ने कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास और जॉय कामदार के घर पर छापेमारी की।
यह छापेमारी किस मामले से संबंधित है?
यह छापेमारी धन-शोधन निवारण अधिनियम के तहत 'सोना पप्पू और जॉय कामदार' मामले से संबंधित है।
छापेमारी के दौरान क्या बरामद हुआ?
छापेमारी के दौरान लगभग 1.47 करोड़ रुपए की नकदी और कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए।
सोना पप्पू कौन है?
सोना पप्पू, जिसका असली नाम विश्वजीत पोद्दार है, एक वांछित आरोपी है जो संगठित आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त है।
क्या सोना पप्पू पुलिस की हिरासत में है?
नहीं, सोना पप्पू फरार है और उसकी गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है।
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