कोलकाता सिंडिकेट मामला: महीनों फरार रहने के बाद सोना पप्पू ईडी के सामने पेश, ₹2 करोड़ बरामद

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कोलकाता सिंडिकेट मामला: महीनों फरार रहने के बाद सोना पप्पू ईडी के सामने पेश, ₹2 करोड़ बरामद

सारांश

महीनों की फरारी के बाद सोना पप्पू अचानक ईडी दफ्तर पहुँचा — लेकिन 'बेगुनाही' के दावे के साथ। ₹2 करोड़ की बरामदगी, आर्म्स एक्ट का मामला और एक गिरफ्तार पुलिस अधिकारी — कोलकाता के सिंडिकेट नेटवर्क की जड़ें कितनी गहरी हैं, यह जांच अब बताएगी।

मुख्य बातें

बिस्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू 18 मई 2026 को सॉल्ट लेक स्थित ईडी दफ्तर में स्वेच्छा से पेश हुआ।
वह फरवरी 2026 में रबींद्र सरोवर झड़प में नाम आने के बाद से फरार था।
ईडी ने पहले उसके घर से ₹2 करोड़ नकद , एक महंगी कार और संपत्ति दस्तावेज जब्त किए थे।
पप्पू पर रंगदारी, ज़मीन कब्जे, धमकी और आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं।
इस मामले में कंस्ट्रक्शन कारोबारी जॉय कामदार और पुलिस अधिकारी शांतनु सिन्हा बिस्वास पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।
जांचकर्ताओं को आशंका है कि फरारी के दौरान पप्पू को हवाला नेटवर्क के ज़रिए धन भेजा गया।

कोलकाता के चर्चित सिंडिकेट मामले में बिस्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू सोमवार, 18 मई 2026 को सॉल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों के सामने अचानक पेश हो गया। वह फरवरी से लापता था और जांच एजेंसियाँ उसे देशभर में तलाश रही थीं।

मुख्य घटनाक्रम

फरवरी 2026 में रबींद्र सरोवर में दो गुटों के बीच हुई झड़प में पप्पू का नाम सामने आने के बाद पुलिस उसे खोज रही थी। इस दौरान वह रुक-रुककर सोशल मीडिया पर लाइव आता रहा, लेकिन उसका ठिकाना किसी को नहीं पता चला। ईडी ने सिंडिकेट जांच के तहत उसके घर पर छापेमारी भी की थी। सोमवार को बिना किसी पूर्व सूचना के वह ईडी दफ्तर पहुँच गया।

दफ्तर में प्रवेश के दौरान जब पप्पू से गिरफ्तारी की आशंका के बारे में पूछा गया, तो उसने कहा, 'मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है।' यह दावा उसने एक से अधिक बार दोहराया।

ईडी की जांच और बरामदगी

अप्रैल 2025 में ईडी ने पप्पू के आवास पर तलाशी ली थी, जिसमें करीब ₹2 करोड़ नकद, एक महंगी कार और संपत्ति के कई दस्तावेज जब्त किए गए थे। ईडी सूत्रों के अनुसार, पप्पू के खिलाफ रंगदारी, ज़मीन पर कब्जे और धमकी देने सहित कई मामलों में एफआईआर दर्ज हैं। उस पर आर्म्स एक्ट के तहत भी एक मामला है।

जांच एजेंसी के अनुसार, पप्पू दक्षिण कोलकाता के कस्बा और बालीगंज इलाकों में कई सिंडिकेट संचालित करता है।

अन्य गिरफ्तारियाँ और पुलिस कनेक्शन

इस मामले में ईडी पहले ही कंस्ट्रक्शन कारोबारी जॉय कामदार को गिरफ्तार कर चुकी है। इसके अलावा, जांच में मिले सुरागों के आधार पर ईडी ने फर्न रोड स्थित कोलकाता पुलिस अधिकारी शांतनु सिन्हा बिस्वास के घर पर छापा मारा। शांतनु को पहले पप्पू मामले में पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

फरारी के दौरान संभावित हवाला नेटवर्क

जांचकर्ताओं का कथित तौर पर मानना है कि पप्पू के लापता रहने के दौरान उसे हवाला नेटवर्क के ज़रिए धन भेजा गया होगा। यह ऐसे समय में आया है जब ईडी कोलकाता में सिंडिकेट-आधारित अवैध वित्तीय गतिविधियों पर शिकंजा कस रही है।

आगे क्या होगा

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ईडी पप्पू को इस मामले में गिरफ्तार करेगी। पेशी के बाद जांच एजेंसी उससे विस्तृत पूछताछ कर सकती है। सिंडिकेट नेटवर्क और हवाला कड़ियों को उजागर करना अब जांच की प्राथमिकता बताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक रणनीतिक चाल भी हो सकती है — जो गिरफ्तारी से पहले 'सहयोग' का भाव दिखाने की कोशिश है। असली सवाल यह है कि महीनों की फरारी के दौरान वह कहाँ था और किसने उसे संरक्षण दिया। एक पुलिस अधिकारी की गिरफ्तारी यह संकेत देती है कि सिंडिकेट नेटवर्क की जड़ें कानून-व्यवस्था तंत्र के भीतर तक फैली हो सकती हैं। हवाला कनेक्शन की जांच यदि ठोस नतीजे देती है, तो यह मामला कोलकाता के राजनीतिक-आपराधिक गठजोड़ की एक बड़ी परत उघाड़ सकता है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोना पप्पू कौन है और उस पर क्या आरोप हैं?
सोना पप्पू का असली नाम बिस्वजीत पोद्दार है, जो कथित तौर पर दक्षिण कोलकाता के कस्बा और बालीगंज इलाकों में कई सिंडिकेट चलाता है। उस पर रंगदारी, ज़मीन कब्जे, धमकी और आर्म्स एक्ट सहित कई मामलों में एफआईआर दर्ज हैं।
ईडी ने पप्पू के घर से क्या बरामद किया था?
अप्रैल 2025 में ईडी ने पप्पू के आवास पर छापेमारी कर करीब ₹2 करोड़ नकद, एक महंगी कार और संपत्ति के कई दस्तावेज जब्त किए थे।
रबींद्र सरोवर घटना क्या थी जिसमें पप्पू का नाम आया?
फरवरी 2026 में रबींद्र सरोवर इलाके में दो गुटों के बीच झड़प हुई थी, जिसमें पप्पू का नाम सामने आया। इसके बाद से पुलिस और ईडी दोनों उसे तलाश कर रही थीं।
इस मामले में और कौन गिरफ्तार हुए हैं?
ईडी ने इस मामले में कंस्ट्रक्शन कारोबारी जॉय कामदार को पहले ही गिरफ्तार किया है। इसके अलावा, कोलकाता पुलिस के अधिकारी शांतनु सिन्हा बिस्वास को भी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया है।
क्या सोना पप्पू को गिरफ्तार किया जाएगा?
18 मई को पेश होने के बाद उसकी गिरफ्तारी होगी या नहीं, यह अभी तय नहीं है। ईडी उससे विस्तृत पूछताछ करेगी और हवाला नेटवर्क की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
राष्ट्र प्रेस
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