पश्चिम बंगाल में ईडी की कार्रवाई: सोना पप्पू के ठिकानों पर छापेमारी

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पश्चिम बंगाल में ईडी की कार्रवाई: सोना पप्पू के ठिकानों पर छापेमारी

सारांश

ईडी ने कोलकाता में सोना पप्पू और अन्य पर छापेमारी कर 1.47 करोड़ की नकदी, सोने के गहने और अन्य सामग्री जब्त की। जानें पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • कोलकाता में ईडी की छापेमारी से 1.47 करोड़ की नकदी जब्त।
  • सोना पप्पू और अन्य पर संगठित अपराध का आरोप।
  • पश्चिम बंगाल पुलिस के सहयोग से कार्रवाई की गई।
  • अवैध धन कमाने के लिए आपराधिक गतिविधियों का पता चला।
  • छापेमारी में रिवॉल्वर और फॉर्च्यूनर गाड़ी भी जब्त की गई।

कोलकाता, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को एक आधिकारिक बयान में जानकारी दी कि कोलकाता जोनल ऑफिस ने हाल ही में बिस्वजीत पोद्दार उर्फ ​​सोना पप्पू, जय एस. कामदार और अन्य से संबंधित मामले में कोलकाता के आठ स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।

इस तलाशी के दौरान, लगभग 1.47 करोड़ रुपए की नकदी, 67.64 लाख रुपए के सोने के गहने और चांदी, साथ ही कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी बरामद किए गए। तलाशी के दौरान एक फॉर्च्यूनर गाड़ी को भी जब्त किया गया, जिसका उपयोग बिस्वजीत पोद्दार उर्फ ​​सोना पप्पू द्वारा किया जा रहा था।

इसके अतिरिक्त, दक्षिण कोलकाता के फ़र्न रोड स्थित सोना पप्पू के निवास से एक रिवॉल्वर भी बरामद की गई, जिस पर 'मेड इन यूएसए' लिखा हुआ था।​

ईडी ने बताया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष और निडर चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रवर्तन निदेशालय का यह कदम उठाया गया है, और इसे पश्चिम बंगाल पुलिस विभाग को सौंप दिया गया है।

प्रवर्तन निदेशालय ने सोना पप्पू और अन्य के खिलाफ जांच शुरू की है। यह जांच पश्चिम बंगाल पुलिस/कोलकाता पुलिस द्वारा भारतीय दंड संहिता, 1860 और शस्त्र अधिनियम, 1959 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किए गए कई एफआईआर के आधार पर की जा रही है। इन पर दंगा, हत्या का प्रयास, आपराधिक साजिश रचने और शस्त्र अधिनियम का उल्लंघन करने का आरोप है।

सोना पप्पू सहित ये आरोपी लोग पश्चिम बंगाल में संगठित आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं और उन्होंने गिरोह के संचालन के माध्यम से अवैध रूप से भारी धन अर्जित किया है।

सोना पप्पू दक्षिण कोलकाता के गोलपार्क के पास कंकुलिया रोड पर हुई हिंसा के मामले में भी पुलिस द्वारा वांछित है और वह वर्तमान में फरार है। प्रवर्तन निदेशालय ने सोना पप्पू को समन भी जारी किया है, लेकिन वह अब तक जांच में शामिल नहीं हुआ है।

प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत ईडी की जांच में अब तक यह स्पष्ट हुआ है कि अपराध से अर्जित धन गैर-कानूनी गतिविधियों से कमाया गया था। इन गतिविधियों में जबरन वसूली, रियल एस्टेट पर कब्जा करना और सोना पप्पू तथा उसके सहयोगियों द्वारा नियंत्रित संस्थाओं के माध्यम से अनधिकृत निर्माण कार्य शामिल है।

इस बीच, ईडी के कोलकाता जोनल ऑफिस ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 के अंतर्गत साउथ पॉइंट एजुकेशन सोसाइटी से 20 करोड़ रुपये से अधिक की रकम के गबन के मामले में चल रही जांच के तहत, कृष्णा दमानी, उनके परिवार के सदस्यों और संबंधित संस्थाओं से जुड़ी 18.50 करोड़ रुपये की चल संपत्ति (म्यूचुअल फंड और शेयर के रूप में) को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है।

Point of View

जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।
NationPress
13/04/2026

Frequently Asked Questions

ईडी ने किसके खिलाफ जांच शुरू की है?
ईडी ने बिस्वजीत पोद्दार उर्फ ​​सोना पप्पू और अन्य के खिलाफ जांच शुरू की है।
क्या सामग्री ईडी ने जब्त की है?
ईडी ने लगभग 1.47 करोड़ रुपए की नकदी, सोने के गहने, चांदी, और कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए हैं।
सोना पप्पू क्यों वांछित है?
सोना पप्पू दक्षिण कोलकाता में हुई हिंसा के मामले में पुलिस द्वारा वांछित है और वह फरार है।
ईडी की जांच का उद्देश्य क्या है?
ईडी की जांच का उद्देश्य मनी लॉन्ड्रिंग और संगठित अपराध की गतिविधियों का पता लगाना है।
क्या ईडी ने किसी अन्य ठिकाने पर छापेमारी की है?
हाँ, ईडी ने कोलकाता में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की है।
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