आर. माधवन ने 'जना नायकन' लीक पर जताया दुख, फैंस से की अपील
सारांश
Key Takeaways
- आर. माधवन ने फ़िल्म के लीक पर चिंता जताई।
- फैंस से अपील की गई कि पायरेसी का समर्थन न करें।
- सूर्या शिवकुमार ने भी लीक के खिलाफ ट्वीट किया।
- सेंसर बोर्ड ने फ़िल्म को सर्टिफिकेट नहीं दिया है।
- दक्षिण भारतीय सिनेमा ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मुंबई, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। थलपति विजय की बहुप्रतीक्षित राजनीतिक एक्शन थ्रिलर फ़िल्म 'जना नायकन' रिलीज़ से पहले लीक होने की वजह से सुर्खियों में है।
इस फ़िल्म में विजय के एंट्री सीन सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे हैं, और दक्षिण भारतीय सिनेमा के कई सितारे इसका विरोध कर चुके हैं। हाल ही में, 'धुरंधर' फ़िल्म में अपनी बेहतरीन अदाकारी से सबका दिल जीतने वाले आर. माधवन ने इस मामले पर अपनी चिंता व्यक्त की है।
आर. माधवन, जिन्होंने मणिरत्नम की तमिल फ़िल्म से अपने करियर की शुरुआत की थी, भले ही हिंदी सिनेमा में एक बड़ा नाम बन चुके हैं, लेकिन उनकी जड़ें आज भी दक्षिण भारतीय सिनेमा से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारतीय सिनेमा में रिलीज़ से पहले लीक होने वाली या बाद में पायरेसी का शिकार होने वाली फ़िल्मों को लेकर उन्हें गहरा दुख है। अभिनेता ने सूर्या शिवकुमार के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए उनके विचारों का समर्थन किया।
उन्होंने लिखा, "मैं पूरी तरह सहमत हूं, यह अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। लोग इस तरह की हरकतें करके कैसे बच जाते हैं? कृपया इस फ़िल्म में शामिल सभी लोगों की मेहनत का सम्मान करें। पायरेटेड प्लेटफॉर्म पर इसे देखने से बचें।"
सूर्या शिवकुमार ने 'जना नायकन' के समर्थन में ट्वीट कर कहा है कि लोग ऐसे वीडियो न देखें और न ही साझा करें। उन्होंने लिखा, "यह दिल दहला देने वाला और अन्यायपूर्ण है। पूरी टीम की मेहनत इस तरह बर्बाद हो गई। मैं आप सभी से निवेदन करता हूं, कृपया इस फ़िल्म को न देखें, न साझा करें, और न ही इस पर चर्चा करें। उनके काम का सम्मान करें। मैं अपने दोस्तों के साथ खड़ा हूं और इस कृत्य की निंदा करता हूं।"
गौरतलब है कि विजय की 'जना नायकन' लंबे समय से रिलीज़ का इंतज़ार कर रही है क्योंकि सेंसर बोर्ड ने फ़िल्म को कुछ कारणों से सर्टिफिकेट नहीं दिया है। हालांकि, सेंसर बोर्ड ने फ़िल्म के सीन के लीक होने को अफवाह बताया है। दक्षिण भारतीय सिनेमा ने फ़िल्म निर्माताओं के समर्थन में एकजुट होकर इस कार्य में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।