अंबेडकर के सिद्धांतों से प्रेरित होकर गरीबों के लाभ के लिए योजनाओं का विस्तार: सीएम योगी
सारांश
Key Takeaways
- डॉ. अंबेडकर की जयंती पर उनके विचारों का महत्व।
- गरीबों और वंचितों के लिए योजनाओं का विस्तार।
- शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं का महत्व।
- जीरो पॉवर्टी कार्यक्रम का कार्यान्वयन।
- समरसता और न्याय की दिशा में कदम।
लखनऊ, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत रत्न डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर की जयंती से पहले एक महत्वपूर्ण संदेश साझा किया। उन्होंने बाबासाहेब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों की आज के संदर्भ में प्रासंगिकता को उजागर किया।
सीएम योगी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, "14 अप्रैल को भारत रत्न डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर जी की पावन जयंती है। यह अवसर उन महान विचारों को सम्मानित करने का है, जिन्होंने करोड़ों लोगों को गरिमामय जीवन जीने का अधिकार दिया।"
उन्होंने आगे बताया, "बाबासाहेब के हर एक शब्द प्रेरणादायक हैं, विशेष रूप से उनकी आर्थिक दृष्टि और शिक्षा के प्रति उनका दृष्टिकोण अत्यंत मूल्यवान है। उन्होंने राजकोषीय संघवाद का विचार प्रस्तुत किया और कहा था, शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो। बाबासाहेब अपने समय में सबसे अधिक शिक्षित व्यक्तियों में से एक थे और उन्होंने 35 हजार से अधिक पुस्तकों का संग्रह किया।"
सीएम योगी ने कहा, "स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री के रूप में, बाबासाहेब की पहचान एक न्यायविद्, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और संवेदनशील समाज सुधारक के रूप में है। उन्होंने सुदामा नामक व्यक्ति को अपने घर में रखा था, जो एक बार देर रात फिल्म देखकर लौटने पर बाहर सो गए थे। सुबह जब वे जागे, तो पाया कि बाबासाहेब ने उन्हें अपने ओवरकोट से ढक दिया था।"
उन्होंने कहा, "बाबासाहेब के विचारों को अपनाकर हमारी सरकार हर गरीब, वंचित, महिला और युवा तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। चाहे वह राशन, आवास, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं हों या महिलाओं को 'घरौनी' के माध्यम से मालिकाना अधिकार देना। छात्रवृत्तियाँ, सामूहिक विवाह योजना और प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना वंचितों के लिए संबल बनी हैं। अटल आवासीय विद्यालयों में वंचित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है।"
उन्होंने बताया, "बाबासाहेब के नाम पर छात्रावासों के पुनर्निर्माण और नवनिर्माण की योजना से दलित और कमजोर वर्गों के छात्रों को शिक्षा में सहायता मिलेगी। उत्तर प्रदेश में 6 करोड़ से अधिक लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं और अब सरकार जीरो पॉवर्टी कार्यक्रम के तहत आगे बढ़ रही है।"
उन्होंने अंत में कहा, "बाबासाहेब के विचारों को अपनाने से ही एक समरस, सशक्त और समृद्ध प्रदेश का निर्माण संभव है। प्रदेशवासियों से मेरा आग्रह है कि वे अपने घर में अच्छी पुस्तकें रखें, स्वयं पढ़ें और बच्चों को भी पढ़ने के लिए प्रेरित करें, तभी बाबासाहेब का सपना साकार होगा।"