14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

संसद में अंबेडकर जयंती पर उपराष्ट्रपति और पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
संसद में अंबेडकर जयंती पर उपराष्ट्रपति और पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

सारांश

संसद परिसर में अंबेडकर जयंती पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन, पीएम मोदी और अन्य नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। जानें इस मौके की खास बातें और अंबेडकर के अद्वितीय योगदान के बारे में।

मुख्य बातें

अंबेडकर जयंती पर श्रद्धांजलि समारोह में कई प्रमुख नेता शामिल हुए।
उपराष्ट्रपति और पीएम मोदी ने अंबेडकर के योगदान को सराहा।
राष्ट्रपति मुर्मु ने भी अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी।
अंबेडकर का जीवन और कार्य समाज के लिए प्रेरणा है।
समाज में समानता और न्याय के प्रति अंबेडकर का दृष्टिकोण महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर मंगलवार को उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य प्रमुख नेताओं ने संसद परिसर में उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, राज्यसभा सदस्य रामदास अठावले और कांग्रेस नेता उदित राज भी उपस्थित थे। पीएम मोदी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच इस दौरान कुछ हल्की-फुल्की बातचीत भी हुई।

इससे पहले, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी बाबासाहेब अंबेडकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। राष्ट्रपति मुर्मु वर्तमान में गुजरात दौरे पर हैं और वहां लोकभवन में भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा, "भारतीय संविधान के प्रमुख निर्माता, महान समाज सुधारक बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर मैं उन्हें सादर नमन करती हूं। बाबासाहेब अंबेडकर एक विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, प्रखर चिंतक और समतामूलक समाज व्यवस्था के सशक्त प्रवक्ता रहे हैं। उन्होंने समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर संघर्ष किया और उनके हित में ऐतिहासिक योगदान दिया।"

उन्होंने आगे कहा, "बाबासाहेब ने महिलाओं की शिक्षा और अधिकारों को प्राथमिकता दी। उनका बहुआयामी योगदान भावी पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। आइए, इस अवसर पर हम बाबासाहेब अंबेडकर के आदर्शों को अपनाने का संकल्प लें और एक न्यायपूर्ण, समावेशी एवं प्रगतिशील भारत के निर्माण में योगदान दें।"

पीएम मोदी ने बीआर अंबेडकर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके योगदान राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणादायक हैं।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "बाबासाहेब अंबेडकर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। राष्ट्र निर्माण में उनके प्रयास अत्यंत प्रेरणादायक हैं। उनका जीवन और कार्य एक न्यायपूर्ण और प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।"

उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा, "बाबासाहेब अंबेडकर का व्यक्तित्व और कृतित्व राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणास्त्रोत बने रहेंगे।" पीएम मोदी ने 'संस्कृत सुभाषितम्' भी साझा किया, जिसमें लिखा है, "अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्। उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्॥"

इस सुभाषित में कहा गया है, "उदार और विशाल हृदय वाले लोग संकीर्ण सोच से ऊपर उठकर सम्पूर्ण संसार को अपना परिवार मानते हैं। उनके लिए कोई भी पराया नहीं, बल्कि हर व्यक्ति अपना होता है, और यही भावना प्रेम, एकता और सौहार्द का आधार बनाती है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें देश के प्रमुख नेता एकत्रित हुए। अंबेडकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करना दर्शाता है कि उनके विचार और योगदान आज भी हमारे लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. भीमराव अंबेडकर कौन थे?
डॉ. भीमराव अंबेडकर भारतीय संविधान के प्रमुख निर्माता और महान समाज सुधारक थे।
अंबेडकर जयंती कब मनाई जाती है?
अंबेडकर जयंती हर वर्ष 14 अप्रैल को मनाई जाती है।
पीएम मोदी ने अंबेडकर के बारे में क्या कहा?
पीएम मोदी ने अंबेडकर के योगदान को प्रेरणादायक और पीढ़ियों तक प्रभावी बताया।
अंबेडकर का मुख्य योगदान क्या है?
अंबेडकर ने सामाजिक न्याय, समानता और भारतीय संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राष्ट्रपति ने अंबेडकर को श्रद्धांजलि क्यों दी?
राष्ट्रपति ने अंबेडकर को उनके योगदान और समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए श्रद्धांजलि दी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले