यूपी सरकार का ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाना, मशरूम उत्पादन से कमाएं 10 लाख
सारांश
Key Takeaways
- मशरूम उत्पादन: एक लाभदायक व्यवसाय का विकल्प।
- सामुदायिक सहयोग: अन्य महिलाओं को रोजगार देना।
- आर्थिक स्वतंत्रता: ग्रामीण महिलाओं के लिए सशक्तिकरण।
- सरकारी योजनाएँ: सही मार्गदर्शन का महत्व।
- स्वरोजगार: महिलाओं की सफलता की कुंजी।
लखनऊ, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। खेती अब सिर्फ गेहूं और धान की फसल तक सीमित नहीं रह गई है। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले की निवासी पप्पू देवी ने इसे अपने कार्य से साबित किया है।
योगी सरकार के उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) की सहायता से उन्होंने मशरूम उत्पादन की शुरुआत की और आज उनकी वार्षिक आय 8 से 10 लाख रुपए तक पहुंच गई है।
यह मिशन अब राज्य की ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता की एक संजीवनी बन गया है। भदोही जैसे क्षेत्रों में, जहां अधिकतर परिवार पारंपरिक खेती पर निर्भर हैं, वहीं पप्पू देवी ने कुछ नया करने का साहस दिखाया।
यूपीएसआरएलएम और डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स के मार्गदर्शन ने उनके सपने को पंख दिए। उन्होंने अपनी जमापूंजी से लगभग ढाई लाख रुपए का निवेश किया और 50 हजार रुपए का ऋण लेकर मशरूम उगाने की प्रक्रिया शुरू की। सीमित संसाधनों और थोड़ी सी जगह से शुरू हुआ यह उद्यम अब एक लाभदायक व्यवसाय में बदल गया है।
पप्पू देवी की सफलता केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार तक सीमित नहीं है। वे अब अपने गाँव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध करवा रही हैं। उनका यह मॉडल स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और ग्रामीण महिलाओं के लिए एक प्रेरणा बन गया है।
पप्पू देवी का मानना है कि यदि महिलाओं को सही प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं का समर्थन प्राप्त हो, तो वे स्वरोजगार के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल कर सकती हैं। योगी सरकार के इस प्रयास से प्रदेश में महिला उद्यमिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।