आचार्य प्रशांत को डॉ. अंबेडकर के सम्मान पर मिली हत्या की धमकी
सारांश
Key Takeaways
- आचार्य प्रशांत को डॉ. भीमराव अंबेडकर के सम्मान में बयान देने के बाद मिली धमकी।
- प्रशांतअद्वैत फाउंडेशन ने औपचारिक शिकायत दर्ज की।
- सोशल मीडिया पर आचार्य प्रशांत के खिलाफ चल रहा है संगठित दुष्प्रचार।
- आचार्य प्रशांत को सुरक्षा नहीं मिली है।
- धमकियों का कारण उनके विचारों का विरोध है।
नई दिल्ली, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रसिद्ध दार्शनिक और लेखक आचार्य प्रशांत को एक बार फिर से हत्या की धमकी मिली है। यह धमकी उन्हें डॉ. भीमराव अंबेडकर के सम्मान में दिए गए बयान के बाद एक यूट्यूब अकाउंट के माध्यम से दी गई है।
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इस मामले में प्रशांतअद्वैत फाउंडेशन ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आईआईटी दिल्ली और आईआईएम अहमदाबाद से शिक्षित आचार्य प्रशांत एक शिक्षक और लेखक हैं, जिनका कार्य आत्म-अन्वेषण और उसके समकालीन जीवन में अनुप्रयोग पर केंद्रित है। वे अपने स्पष्टवादी विचारों के लिए प्रसिद्ध हैं।
यह पहली बार नहीं है जब आचार्य प्रशांत को जान से मारने की धमकियां मिली हैं। पिछले वर्षों में भी उन्हें कई बार विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से धमकियां दी गई हैं। फाउंडेशन के प्रवक्ता ने कहा कि जब वे महिलाओं के अधिकारों का समर्थन करते हैं, तो एक विशेष समुदाय से धमकियां आती हैं, और जब वे अंधविश्वास के खिलाफ बोलते हैं, तो एक अन्य समूह से धमकियां मिलती हैं। यह चिंताजनक है कि वे किसी भी धार्मिक या राजनीतिक विचारधारा से संबंधित नहीं हैं, फिर भी विभिन्न धर्मों के कट्टरपंथियों द्वारा उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
चिंता का विषय यह है कि कई वर्षों से आचार्य प्रशांत के खिलाफ सोशल मीडिया पर संगठित दुष्प्रचार चल रहा है। उनके दृष्टिकोणों को संदर्भ से हटा कर पेश किया जाता है, जिससे समाज में भ्रम और विद्वेष फैलता है। इसका परिणाम इस तरह की हिंसक धमकियों के रूप में सामने आ रहा है।
यह उल्लेखनीय है कि इन सभी घटनाओं के बावजूद आचार्य प्रशांत को राज्य या पुलिस सुरक्षा नहीं दी गई है।