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बसवराज बोम्मई ने महिला आरक्षण विधेयक के लिए राजनीतिक मतभेद भुलाने का किया आग्रह

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बसवराज बोम्मई ने महिला आरक्षण विधेयक के लिए राजनीतिक मतभेद भुलाने का किया आग्रह

सारांश

बसवराज बोम्मई ने सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करने की अपील की है। उन्होंने कांग्रेस के प्रति अल्पसंख्यक समुदायों में बढ़ती नाराजगी पर भी चर्चा की। इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर एकता की आवश्यकता है।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन जरूरी है।
सभी राजनीतिक दलों को मतभेद भुलाकर एकजुट होना चाहिए।
कांग्रेस के प्रति अल्पसंख्यक समुदायों में बढ़ती नाराजगी।
सरकार के प्रदर्शन पर अंकुश लगाने के आरोप।
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को अपने विधायकों पर नियंत्रण की आवश्यकता।

बेंगलुरु, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद बसवराज बोम्मई ने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया है कि वे अपने आपसी मतभेदों को भुलाकर महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय में कांग्रेस के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।

बेंगलुरु में मीडिया से बात करते हुए बोम्मई ने सभी दलों से निवेदन किया कि वे भारत के लोकतांत्रिक भविष्य के लिए एकजुट होकर महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करें।

उन्होंने कहा कि जल्द ही लोकसभा का विशेष सत्र होगा और उन्हें खुशी है कि संसद महिला आरक्षण और परिसीमन पर एक ऐतिहासिक चर्चा करने जा रही है। आंबेडकर ने हिंदू कोड बिल के माध्यम से महिलाओं के लिए कई प्रावधान किए थे।

बोम्मई ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच भी इसी दिशा में है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी इस तरह के कदम का समर्थन किया था। कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने 2008 में महिला आरक्षण विधेयक (108वां संशोधन विधेयक) पेश किया था, जिसे 2010 में राज्यसभा में पारित किया गया।

उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं को आरक्षण देना एक साझा आकांक्षा है और विपक्षी दलों से इस विधेयक का समर्थन करने की अपील की।

सरकारी नौकरियों के लिए प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर केस दर्ज होने के मामले में बोम्मई ने कहा कि पिछले आधे साल से सरकारी नौकरी की मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं और अब ये प्रदर्शन बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने कर्नाटक सरकार पर युवाओं के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया और कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने एक महीने में नोटिफिकेशन जारी करने का वादा किया था, जो पूरा नहीं हुआ।

बोम्मई ने आरोप लगाया कि सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति नहीं दे रही है और इसे 'संविधान विरोधी' बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि भले ही अभी पुलिस कार्रवाई से प्रदर्शन दबाए जा रहे हों, लेकिन भविष्य में इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

कांग्रेस के भीतर अल्पसंख्यक नेताओं से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने कहा कि यह केवल नेतृत्व का मामला नहीं है, बल्कि अल्पसंख्यक समुदायों में व्यापक असंतोष का संकेत है। जो समुदाय पहले कांग्रेस के वोट बैंक माने जाते थे, वे अब उससे नाराज हो रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय भी कांग्रेस से भरोसा खो रहे हैं और भविष्य में इसका कड़ा विरोध कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री सिद्दारमैया का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एएचआईएनडीए के बैनर तले शासन चलाने के बावजूद कई समुदाय अब खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।

कांग्रेस विधायकों के दिल्ली जाने की खबरों पर उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि मुख्यमंत्री अपने मंत्रियों और विधायकों पर नियंत्रण खो चुके हैं। सिद्दारमैया, एक अनुभवी नेता होने के बावजूद, अपने ही खेमे में असंतोष का सामना कर रहे हैं। यह भी अटकलें हैं कि मुख्यमंत्री स्वयं इन घटनाओं के पीछे हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

उन्होंने कांग्रेस पर लग रहे आरोपों को भी उजागर किया है। यह विषय न केवल राजनीतिक है, बल्कि समाज के विभिन्न समुदायों के लिए भी महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण विधेयक क्या है?
महिला आरक्षण विधेयक का उद्देश्य संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देना है।
बसवराज बोम्मई कौन हैं?
बसवराज बोम्मई पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान सांसद हैं।
क्यों जरूरी है महिला आरक्षण?
महिला आरक्षण से महिलाओं को राजनीति में अधिक भागीदारी मिलती है, जिससे उनकी आवाज़ अधिक प्रभावी होती है।
कांग्रेस के प्रति अल्पसंख्यक समुदायों की नाराजगी क्यों बढ़ रही है?
बसवराज बोम्मई के अनुसार, कांग्रेस के प्रति अल्पसंख्यक समुदायों में असंतोष बढ़ता जा रहा है, जिसके कारण उन्हें राजनीतिक समर्थन में कमी आ रही है।
क्या सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को रोक रही है?
बसवराज बोम्मई का आरोप है कि सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को अनुमति नहीं दे रही, जिसे उन्होंने संविधान विरोधी बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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