बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भंग किया मंत्रिमंडल, इस्तीफे की तैयारी
सारांश
Key Takeaways
- नीतीश कुमार ने मंत्रिमंडल भंग किया।
- यह बिहार की राजनीति में एक नया युग है।
- उन्होंने इस्तीफे की जानकारी दी।
- राज्यसभा में सक्रिय भूमिका निभाने की योजना।
- बिहार के विकास पर ध्यान देने का आश्वासन दिया।
पटना, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को अपनी मंत्रिमंडल को भंग कर दिया, जिससे यह माना जा रहा है कि बिहार में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।
लगभग दो दशकों तक बिहार की राजनीति में सक्रिय रहने के बाद अब नीतीश कुमार राष्ट्रीय जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए तैयार हैं।
इस दिन, मुख्यमंत्री ने अपने सचिवालय में अपनी अंतिम कैबिनेट बैठक की। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा सहित सभी विभागों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने औपचारिक रूप से अपने इस्तीफे की जानकारी अपने सहयोगियों को दी। इस समय का माहौल बहुत भावुक था क्योंकि मंत्रियों ने उनके नेतृत्व में बिताए गए लंबे समय को याद किया।
एक व्यक्तिगत और दुर्लभ पल में, नीतीश कुमार ने मंत्रियों से बात की, जिन्होंने उनके प्रति अपनी भावनाएं और आभार व्यक्त किया।
उन्होंने आश्वासन दिया कि भले ही वह दिल्ली जा रहे हैं, लेकिन बिहार के विकास पर उनकी नजरें हमेशा बनी रहेंगी। उन्होंने कहा, “यह एक बेहद भावुक क्षण है। मैं अब दिल्ली जा रहा हूं, लेकिन वहां से भी हर चीज पर ध्यान दूंगा।”
बैठक के बाद सचिवालय में एक फोटो सेशन भी हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तस्वीरें खिंचवाई, जो उनके कार्यकाल के अंतिम क्षणों का प्रतीक बनी।
थोड़ी देर बाद, नीतीश कुमार राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे, जिससे उनके कार्यकाल का औपचारिक अंत होगा और राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया आरंभ होगी।
राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद, वह राष्ट्रीय राजनीति में एक सक्रिय भूमिका निभाएंगे। हालांकि वह पद छोड़ रहे हैं, लेकिन बिहार की राजनीति और शासन पर उनका प्रभाव बना रहने की उम्मीद है।
यह केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं है, बल्कि बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जहां एक अध्याय समाप्त हो रहा है और नए की शुरुआत हो रही है।