क्या बंगाल में चुनाव होंगे निष्पक्ष? हुसैन दलवई ने उठाई चिंता
सारांश
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मुंबई, १४ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस, भाजपा और टीएमसी के प्रत्याशियों के बीच भयंकर प्रतिस्पर्धा चल रही है। कांग्रेस अपने बलबूते पर चुनावी मैदान में है। कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा कि मुझे इस बात का कोई भरोसा नहीं है कि बंगाल में चुनाव निष्पक्ष होंगे।
मुंबई में राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में हुसैन दलवई ने इस बात को दोहराया कि बंगाल में चुनाव निष्पक्षता के साथ नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर एसआईआर के माध्यम से लोगों के मतदान अधिकारों का हनन किया गया है। बंगाल में डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाये गए संविधान को नष्ट किया जा रहा है।
महिला आरक्षण बिल के संदर्भ में दलवई ने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने की प्रक्रिया राजीव गांधी के समय से चल रही है, यह कोई नई बात नहीं है। जिला परिषद, तालुका पंचायत, कॉर्पोरेशन, और नगरपालिका में जो आरक्षण प्राप्त हुआ, वह राजीव गांधी के प्रयासों का परिणाम है। अब विधानसभा और लोकसभा में भी आरक्षण दिलाने के प्रयास हो रहे हैं। इसका विरोध करने का कोई अर्थ नहीं है; यह एक सकारात्मक कदम है।
धर्मांतरण पर कांग्रेस नेता ने स्पष्ट रूप से कहा कि मेरा धर्मांतरण पर विश्वास नहीं है। यह गलत है। लोगों को धार्मिक रहने दिया जाना चाहिए। 'मेरा धर्म श्रेष्ठ, उसका धर्म तुच्छ' जैसी बातें, चाहे वह हिंदुत्व के नाम पर हों या किसी अन्य धर्म के नाम पर, पूरी तरह गलत हैं। यदि कोई व्यक्ति स्वयं धर्म परिवर्तन करना चाहता है, तो संविधान ने उसे इस अधिकार से सम्मानित किया है। लेकिन जबरदस्ती करना गलत है।
बीआर अंबेडकर स्मारक निर्माण पर दलवई ने कहा कि काम की गति बहुत धीमी है। १४ अप्रैल या ६ दिसंबर को देशभर से बड़ी संख्या में लोग आते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा और ठहरने की उचित व्यवस्था नहीं है। वहीं कुंभ मेले पर इतनी राशि खर्च की जा रही है, जो कई वर्षों बाद होती है। अंबेडकर स्मारक साल में दो बार बड़े कार्यक्रम का केंद्र होता है, फिर भी इस पर खर्च नहीं किया जा रहा है। यह एक दुखद स्थिति है।