हर्षवर्धन श्रृंगला ने टीएमसी शासन को माफिया राज कहा, सीपीआई (एम) के गुंडों का आरोप

Click to start listening
हर्षवर्धन श्रृंगला ने टीएमसी शासन को माफिया राज कहा, सीपीआई (एम) के गुंडों का आरोप

सारांश

पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल गरमाया हुआ है। राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन श्रृंगला ने टीएमसी पर माफिया राज का आरोप लगाया और कहा कि लोग बदलाव की चाह रखते हैं। जानिए इस सियासी संघर्ष की पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • टीएमसी के शासन में माफिया राज का आरोप
  • सीपीआई (एम) के गुंडों का टीएमसी में शामिल होना
  • जनता में बदलाव की चाह
  • समान नागरिक संहिता का महत्व
  • चाय बागान श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी की आवश्यकता

सिलीगुड़ी, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल थमने का नाम नहीं ले रही है। विभिन्न राजनीतिक दल एक-दूसरे पर राज्य में विकास का अभाव होने का आरोप लगा रहे हैं। इसी संदर्भ में, राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन श्रृंगला ने टीएमसी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इनके शासन में माफिया राज का प्रभाव बढ़ गया है।

उन्होंने राष्ट्र प्रेस को बताया, "पश्चिम बंगाल में गुंडों का शासन कायम है। सीपीआई (एम) के गुंडे अब टीएमसी में शामिल हो गए हैं, और यहाँ माफिया राज और सिंडिकेट सिस्टम का खेल चल रहा है। ऐसे माहौल में लोगों और व्यापारियों से जबरदस्ती पैसे वसूले जा रहे हैं। मैंने कहा है कि लोग बदलाव की चाह रखते हैं, लेकिन इसके लिए निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव की आवश्यकता है।"

उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता परेशान है, इसलिए वे टीएमसी को हटाकर भाजपा की सरकार लाने का मन बना रहे हैं। उन्हें ज्ञात है कि कौन सा दल वास्तव में विकास कर सकता है, और वे भाजपा-शासित प्रदेशों में हो रहे विकास को देख रहे हैं।

हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा, "जब भी उत्तरी बंगाल ने भाजपा का समर्थन किया है, तब यह देखा गया है कि टीएमसी सरकार से कोई फंडिंग नहीं आ रही है। ग्रामीण इलाकों में राज्य सरकार की ओर से कोई उचित फंडिंग नहीं हो रही है।"

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर उन्होंने कहा, "मैंने तीन साल तक बांग्लादेश में राजदूत के रूप में कार्य किया है। बांग्लादेश को एक धर्मनिरपेक्ष राज्य माना जाता है और वहां सभी के लिए समान नागरिक संहिता लागू है।"

उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा, "कांग्रेस ने कुछ पहलें शुरू की थीं, लेकिन वे उन्हें सफलतापूर्वक लागू नहीं कर पाईं। उदाहरण के लिए, 'नारी शक्ति अभियान' भी ऐसा ही एक प्रयास था जो पूरी तरह से अमल में नहीं आ सका।"

उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सिलीगुड़ी दौरे के दौरान, लोगों की भारी भीड़ उनके समर्थन में थी। जनता को पता है कि उनके शासन में विकास की गति तेज होगी।"

हर्षवर्धन श्रृंगला ने संसद में भी यह मुद्दा उठाया कि उत्तरी बंगाल या पूरे बंगाल में चाय बागान श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी 250 रुपये होनी चाहिए। वर्तमान में, मजदूरों के लिए यह राशि इतनी कम है कि परिवार का भरण-पोषण करना भी कठिन हो रहा है।

Point of View

NationPress
14/04/2026

Frequently Asked Questions

हर्षवर्धन श्रृंगला ने टीएमसी पर क्या आरोप लगाया?
उन्होंने टीएमसी के शासन को माफिया राज बताया और कहा कि सीपीआई (एम) के गुंडे टीएमसी में शामिल हो गए हैं।
क्या लोग टीएमसी को हटाने का मन बना रहे हैं?
हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता टीएमसी को हटाकर भाजपा की सरकार लाने की सोच रही है।
बांग्लादेश के संविधान के बारे में हर्षवर्धन श्रृंगला का क्या कहना था?
उन्होंने बताया कि बांग्लादेश एक धर्मनिरपेक्ष राज्य है और वहां सभी के लिए समान नागरिक संहिता लागू है।
Nation Press