सोपोर में कानून-व्यवस्था के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन, 25 उपद्रवी पकड़े गए

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सोपोर में कानून-व्यवस्था के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन, 25 उपद्रवी पकड़े गए

सारांश

जम्मू-कश्मीर के सोपोर में हाल ही में हुए हिंसक प्रदर्शनों में 25 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई एक शिक्षक के निलंबन और छात्रा द्वारा उत्पीड़न के आरोपों के बाद की गई। जानें इस घटना के पीछे का पूरा मामला।

Key Takeaways

  • 25 उपद्रवियों की गिरफ्तारी
  • शिक्षक का निलंबन
  • छात्रा द्वारा उत्पीड़न का आरोप
  • कक्षाएं 28 अप्रैल तक स्थगित
  • कानून-व्यवस्था की चुनौती

श्रीनगर, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के सोपोर नगर में पुलिस ने मंगलवार को कानून-व्यवस्था को बाधित करने के प्रयास में 25 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एक शिक्षक के निलंबन और उसके खिलाफ एक छात्रा द्वारा उत्पीड़न का आरोप लगाए जाने के बाद की गई थी।

पुलिस ने जानकारी दी कि सोपोर में कानून-व्यवस्था को भंग करने के प्रयास में 25 उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है और अन्य की पहचान भी कर ली गई है। पुलिस ने बताया कि शिक्षक के खिलाफ उपयुक्त धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही, विद्यालय शिक्षा निदेशक ने शिक्षक को निलंबित कर दिया है और उसके खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू की है।

कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से संवेदनशील इस क्षेत्र में कुछ शिक्षण संस्थानों में 28 अप्रैल तक कक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं।

सोपोर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) इफ्तिखार तालिब ने बताया कि छात्रा के आरोपों के बाद शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर आवश्यक जांच आरंभ की गई है। संयुक्त शिक्षा निदेशक को इस मामले की जांच के लिए नामित किया गया है और उन्हें 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने की निर्देशित किया गया है।

छात्रा के आरोपों के मद्देनजर सोपोर में छात्रों ने शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

सोपोर के अतिरिक्त उपायुक्त एस.ए. रैना ने कहा कि सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय, लड़कों के उच्च माध्यमिक विद्यालय और सरकारी डिग्री कॉलेज सोपोर में शैक्षणिक गतिविधियां 15 अप्रैल से 18 अप्रैल तक स्थगित रहेंगी। उत्पीड़न के आरोपों के चलते हुए विरोध प्रदर्शनों के चलते क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

कश्मीर के सेबों के शहर के रूप में मशहूर सोपोर हमेशा सकारात्मक खबरों के लिए चर्चा में नहीं रहा है। कभी अलगाववादी भावनाओं का गढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र में अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद 2019 से शांति का माहौल बना हुआ है। सोपोर उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले का हिस्सा है, जो कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील है। इसी कारण इसे पुलिस जिले का दर्जा प्राप्त है और इसका नेतृत्व एक पुलिस अधीक्षक (एसपी) करते हैं।

कानून-व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संभालने और उग्रवाद पर अंकुश लगाने के लिए 21 जनवरी 2010 को सोपोर को आधिकारिक तौर पर उत्तरी कश्मीर में एक अलग पुलिस जिले के रूप में स्थापित किया गया था। भौगोलिक दृष्टि से बारामूला जिले का हिस्सा होने के बावजूद, यह जम्मू और कश्मीर पुलिस व्यवस्था के अंतर्गत एक स्वतंत्र प्रशासनिक इकाई के रूप में कार्य करता है।

Point of View

NationPress
14/04/2026

Frequently Asked Questions

क्यों किया गया शिक्षक का निलंबन?
शिक्षक का निलंबन एक छात्रा द्वारा उत्पीड़न के आरोपों के बाद किया गया था।
पुलिस ने कितने उपद्रवियों को गिरफ्तार किया?
पुलिस ने 25 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है।
कक्षाएं कब तक स्थगित की गई हैं?
कक्षाएं 28 अप्रैल तक स्थगित कर दी गई हैं।
क्या सोपोर में यह पहली बार ऐसा हुआ है?
नहीं, सोपोर का इतिहास हिंसक प्रदर्शनों से भरा हुआ है।
सोपोर को पुलिस जिले का दर्जा क्यों मिला?
सोपोर को कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशीलता के कारण पुलिस जिले का दर्जा दिया गया है।
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