हरीश रावत की मांग: एक्सप्रेसवे का नाम डॉ. अंबेडकर के नाम पर रखा जाए
सारांश
Key Takeaways
- हरीश रावत ने एक्सप्रेसवे का नाम डॉ. अंबेडकर के नाम पर रखने की मांग की है।
- इस कदम को बाबासाहेब को श्रद्धांजलि माना जा रहा है।
- देहरादून में ट्रैफिक की समस्या बढ़ने की आशंका है।
- सरकार से जनहित में ठोस कदम उठाने की अपील की गई है।
नई दिल्ली, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। देहरादून में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन से पहले, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि इस एक्सप्रेसवे का नाम डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर रखा जाना चाहिए।
उनका मानना है कि अंबेडकर जयंती के अवसर पर यह कदम बाबासाहेब को एक सच्ची श्रद्धांजलि होगा।
हरीश रावत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा करते हुए कहा कि आज माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से कनेक्टिविटी में वृद्धि तो होगी, लेकिन देहरादून शहर में ट्रैफिक जाम और बाधाओं की समस्या भी बढ़ सकती है।
उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शहर में भीड़ और जाम का असर आम लोगों के जीवन पर पड़ेगा, जिससे उनकी कठिनाई और बढ़ जाएगी। इसका प्रतिकूल प्रभाव दैनिक यातायात और जनजीवन पर भी पड़ेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि देहरादून से बाहर जाने वाली गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो रही है, जिससे किराए में वृद्धि की संभावना है, जिससे आम यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस एक्सप्रेसवे का नाम बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के नाम पर रखा जाता है, तो लोग इन समस्याओं को सहन करने के लिए तैयार हैं। इसे उत्तराखंड की ओर से बाबासाहेब को एक महत्वपूर्ण श्रद्धांजलि के रूप में देखा जाएगा।
उन्होंने सरकार से अपील की कि जनहित को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक और यातायात की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।