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बिहार में नए मुख्यमंत्री की घोषणा की तैयारी: रामकृपाल यादव का बयान

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बिहार में नए मुख्यमंत्री की घोषणा की तैयारी: रामकृपाल यादव का बयान

सारांश

बिहार के नए मुख्यमंत्री की घोषणा निकट है। मंत्री रामकृपाल यादव ने बताया कि मंगलवार को पार्टी बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाएगा। क्या नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़ेंगे? जानें इस पर उनकी प्रतिक्रिया और महिला आरक्षण विधेयक के बारे में क्या कहा।

मुख्य बातें

नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद छोड़ने की संभावना है।
महिला आरक्षण विधेयक एक बड़ा बदलाव लाने का वादा करता है।
रामकृपाल यादव ने नीतीश कुमार के योगदान की सराहना की।
पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की स्थिति कमजोर हुई है।
केंद्र सरकार सभी के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

पटना, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में नए मुख्यमंत्री की घोषणा शीघ्र होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि मंगलवार को इस संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया जा सकता है। इस मुद्दे पर मंत्री रामकृपाल यादव ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मंगलवार दोपहर में पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें विधायक दल के सदस्य उपस्थित होंगे और इसी बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। खास बात यह है कि इस बैठक में केंद्रीय नेतृत्व से शिवराज सिंह चौहान भी शामिल होंगे।

रामकृपाल यादव ने कहा कि जैसे ही नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य चुने जाएंगे, वे संभवतः आज मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं और उसके बाद नया नेता चुना जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार का बिहार के विकास में योगदान अत्यधिक महत्वपूर्ण रहा है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने याद दिलाया कि एक समय बिहार को अंधकार में माना जाता था, लेकिन नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य ने विकास की दिशा में प्रगति की। यही कारण है कि आज भी लोग उन्हें पसंद करते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़ते हैं तो निश्चित रूप से लोगों को दुख होगा, लेकिन यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है, जिस पर कुछ अधिक नहीं कहा जा सकता।

उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक पर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो वादा किया था, उसे पूरा करने की दिशा में कार्य शुरू हो चुका है और जल्द ही इसकी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। उनके अनुसार, यह केवल आरक्षण नहीं बल्कि एक बड़ा बदलाव है, जो देश में एक नए युग की शुरुआत करेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है और इससे समाज में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा।

रामकृपाल यादव ने विपक्ष पर भी टिप्पणी की। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पश्चिम बंगाल दौरे के संदर्भ में उन्होंने कहा कि राहुल गांधी एक प्रमुख नेता हैं और चुनाव के समय प्रचार के लिए जाना स्वाभाविक है, लेकिन वहां कांग्रेस की स्थिति काफी कमजोर हो चुकी है। अब वहां तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधी टक्कर है और कांग्रेस के लिए वहां टिकना मुश्किल हो रहा है।

उन्होंने ममता बनर्जी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे घबराई हुई हैं और अपनी राजनीतिक स्थिति कमजोर होते देख भावनात्मक बातें कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी गलत अफवाहें फैला रही हैं और लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रही हैं। रामकृपाल यादव ने यह स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी हर भाषा, जाति और धर्म का सम्मान करती है और सभी को समान अवसर देने में विश्वास रखती है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' की नीति पर कार्य कर रही है और जनता ने इसी विश्वास के साथ प्रधानमंत्री मोदी को समर्थन दिया है। सरकार बिना किसी भेदभाव के देश के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और आगे भी यही प्रयास जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने की संभावना ने एक नई बहस को जन्म दिया है। रामकृपाल यादव का यह मानना है कि नीतीश कुमार का योगदान अविस्मरणीय है, लेकिन यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है। वहीं, महिला आरक्षण विधेयक के प्रति सरकार का सकारात्मक दृष्टिकोण भी ध्यान देने योग्य है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद क्यों छोड़ा?
नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की संभावना व्यक्त की गई है।
महिला आरक्षण विधेयक का महत्व क्या है?
यह विधेयक महिलाओं को राजनीतिक क्षेत्र में सशक्त बनाता है और समाज में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में कार्य करता है।
रामकृपाल यादव का बयान क्या है?
उन्होंने बताया कि पार्टी की बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी और नीतीश कुमार के विकास के योगदान की सराहना की।
कांग्रेस की स्थिति पश्चिम बंगाल में क्या है?
पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की स्थिति कमजोर हो चुकी है, और वहां तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधी प्रतिस्पर्धा है।
केंद्र सरकार की नीति क्या है?
केंद्र सरकार 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' की नीति पर काम कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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