20 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बाबासाहेब के योगदान के बिना दलितों का संघर्ष असंभव: रामदास आठवले ने अंबेडकर जयंती पर व्यक्त की भावना

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बाबासाहेब के योगदान के बिना दलितों का संघर्ष असंभव: रामदास आठवले ने अंबेडकर जयंती पर व्यक्त की भावना

सारांश

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने बाबासाहेब अंबेडकर की 135वीं जयंती पर उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि दलितों के लिए संघर्ष उनके बिना संभव नहीं है। उन्होंने संविधान को देश को सशक्त बनाने का माध्यम बताया।

मुख्य बातें

बाबासाहेब अंबेडकर का योगदान भारतीय संविधान में महत्वपूर्ण है।
बाबासाहेब के बिना दलितों का संघर्ष असंभव है।
रामदास आठवले ने अंबेडकर जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
समानता और जातिवाद के खिलाफ बाबासाहेब का सपना महत्वपूर्ण है।
देश के विकास में सभी को योगदान देना चाहिए।

नई दिल्ली, १४ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत रत्न बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती पर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब के बिना दलितों के लिए संघर्ष संभव नहीं होता। उन्होंने संविधान के माध्यम से राष्ट्र को मजबूत और सशक्त बनाया।

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने संसद परिसर में बाबासाहेब की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "आज बाबासाहेब अंबेडकर की १३५वीं जयंती है। यह हमारे लिए प्रेरणा का एक दिन है। आज भारत के हर कोने में अंबेडकर जयंती का उत्सव मनाया जा रहा है।"

उन्होंने आगे कहा, "यदि बाबासाहेब नहीं होते, तो हम नहीं जानते कि दलितों की स्थिति क्या होती। उनके बिना दलितों का संघर्ष संभव नहीं होता। बाबा साहेब ने देश का संविधान बनाया और इसके माध्यम से उन्होंने राष्ट्र को मजबूत और सशक्त किया। बाबासाहेब के सपने को पूरा करने की जिम्मेदारी हम सभी की है। मैं विश्वास करता हूँ कि एक दिन बाबासाहेब का सपना पूरा होगा। समानता आएगी, जातिवाद समाप्त होगा और देश मजबूती से आगे बढ़ेगा।"

इस अवसर पर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा, "मैं बाबा साहब के चरणों में नमन करती हूँ, जिन्होंने आज़ादी के बाद भारत को नई दिशा दी और संविधान बनाया, जिसके तहत आज दबे-कुचले लोग भी अपनी राजनीतिक भागीदारी और सामाजिक सम्मान प्राप्त कर रहे हैं। सभी देशवासियों को अंबेडकर जयंती की ढेर सारी शुभकामनाएं।"

उन्होंने यह भी कहा, "मैं देशवासियों से अनुरोध करती हूँ कि बाबासाहेब द्वारा बताए गए मार्ग पर चलकर हम अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकते हैं। मैं देख रही हूँ कि गांव का व्यक्ति भी साहस के साथ देश के विकास में अपना सहयोग दे रहा है।"

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि आज समानता और समरसता का संदेश फैलाने वाले बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती है। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति, लोकसभा स्पीकर और प्रधानमंत्री ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। मनोज तिवारी ने कहा, "न केवल भारत, बल्कि संपूर्ण विश्व को यदि किसी ने समानता और समरसता का रास्ता दिखाया है, तो वे हमारे बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर हैं।"

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बाबासाहेब अंबेडकर का योगदान क्या है?
बाबासाहेब अंबेडकर ने भारतीय संविधान का निर्माण किया और दलितों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया।
रामदास आठवले ने अंबेडकर जयंती पर क्या कहा?
रामदास आठवले ने कहा कि बाबासाहेब के बिना दलितों का संघर्ष संभव नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले