'सोना पापू' सिंडिकेट मामला: ईडी ने कोलकाता डीसीपी शांतनु बिस्वास को दूसरी बार भेजा समन
सारांश
Key Takeaways
- ईडी ने 28 अप्रैल 2026 को कोलकाता डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास को 'सोना पापू' सिंडिकेट मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दूसरी बार सीजीओ कॉम्प्लेक्स में तलब किया।
- सोना पप्पू का असली नाम बिस्वजीत पोद्दार है; उस पर जमीन कब्जाने, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं।
- ईडी ने इस मामले में व्यवसायी जॉय कामदार को पहले ही गिरफ्तार किया और डीसीपी के फर्न रोड आवास पर छापा मारा।
- पिछले समन पर शांतनु बिस्वास और उनके बेटे सायंतन व मनीष में से कोई भी ईडी दफ्तर नहीं गया।
- बिस्वास रेत तस्करी से जुड़े वित्तीय हेराफेरी मामले में भी ईडी की जांच के दायरे में हैं।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 28 अप्रैल 2026 को 'सोना पापू' सिंडिकेट मामले में कोलकाता के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) शांतनु सिन्हा बिस्वास को पूछताछ के लिए दोबारा तलब किया है। यह समन पश्चिम बंगाल में मतदान के दूसरे और अंतिम चरण से ठीक एक दिन पहले जारी किया गया है। डीसीपी बिस्वास को मंगलवार को सीजीओ कॉम्प्लेक्स, कोलकाता में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
ईडी अधिकारियों के अनुसार, यह समन सोना पप्पू उर्फ बिस्वजीत पोद्दार द्वारा कथित तौर पर संचालित अपराधी-लिंक्ड सिंडिकेट के खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत जारी किया गया है। दक्षिण कोलकाता के बालीगंज निवासी सोना पप्पू पर जमीन कब्जाने और रंगदारी मांगने समेत कई गंभीर आरोप हैं। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत भी एक अलग मामला दर्ज है।
गिरफ्तारी और छापेमारी
इन आरोपों की जांच के दौरान ईडी ने व्यवसायी जॉय कामदार को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले से प्राप्त जानकारी के आधार पर केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस महीने फर्न रोड स्थित डीसीपी शांतनु बिस्वास के आवास पर छापा मारा था। तलाशी अभियान शुरू होने के बाद से वह सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे हैं।
पिछले समन की अनदेखी
तलाशी अभियान के अगले दिन ईडी ने शांतनु बिस्वास और उनके दो बेटों — सायंतन और मनीष — को सीजीओ कॉम्प्लेक्स में तलब किया था। हालांकि, उस दिन उनमें से कोई भी ईडी दफ्तर में पेश नहीं हुआ। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ईडी ने बिस्वास को रेत तस्करी मामले की जांच के लिए भी बुलाया था, लेकिन वह उस बार भी उपस्थित नहीं हुए। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने अपने व्यस्त कार्यक्रम का हवाला देते हुए जांच एजेंसी से समय मांगा और उनके वकील ईडी दफ्तर गए।
रेत तस्करी मामले में भी जांच के दायरे में
भवानीपुर स्थित कालीघाट पुलिस थाने के पूर्व प्रभारी रहे शांतनु बिस्वास रेत तस्करी से जुड़े वित्तीय हेराफेरी के आरोपों की जांच में भी ईडी के रडार पर हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारी इस मामले में भी उनसे पूछताछ करना चाहते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल पहले से ही गरमाया हुआ है और चुनावी प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। आने वाले दिनों में ईडी की कार्रवाई और डीसीपी बिस्वास की प्रतिक्रिया इस मामले की दिशा तय करेगी।