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रक्षा खडसे ने मिजोरम के सैतुअल और कोलासिब में जिला समीक्षा बैठकें कीं, खेल और नशा-मुक्ति पर जोर

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रक्षा खडसे ने मिजोरम के सैतुअल और कोलासिब में जिला समीक्षा बैठकें कीं, खेल और नशा-मुक्ति पर जोर

सारांश

केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने मिजोरम के सैतुअल और कोलासिब में जिला समीक्षा बैठकें कर खेलो इंडिया, नशा मुक्त भारत अभियान और वीबी-ग्राम-जी पहल के तहत 51 गाँवों में खेल मैदान बनाने का सुझाव दिया। पूर्वोत्तर की खेल प्रतिभाओं को संस्थागत समर्थन देने की दिशा में यह दौरा एक अहम प्रशासनिक पहल है।

मुख्य बातें

रक्षा खडसे ने 15-16 सितंबर को मिजोरम के सैतुअल और कोलासिब में जिला-स्तरीय समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता की।
बैठकों में खेल बुनियादी ढाँचे, खेलो इंडिया योजना , युवा जुड़ाव, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और आजीविका की समीक्षा हुई।
नशा मुक्त भारत अभियान के तहत युवाओं, सामुदायिक संगठनों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।
कोलासिब में फुटबॉल, हॉकी और कुश्ती को प्रमुख खेल विधाओं के रूप में चिह्नित किया गया; एक विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने पर चर्चा हुई।
वीबी-ग्राम-जी पहल के तहत कोलासिब के 51 गाँवों में खेल मैदान विकसित करने का सुझाव दिया गया।
दोनों बैठकें जिला प्रशासन, खेल निकायों और सामुदायिक संगठनों के बीच समन्वित विकास के संकल्प के साथ संपन्न हुईं।

केंद्रीय युवा मामलों और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने 15 और 16 सितंबर को मिजोरम के आधिकारिक दौरे के दौरान सैतुअल और कोलासिब जिलों में जिला-स्तरीय समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता की। इन बैठकों में खेल बुनियादी ढाँचे, युवाओं की भागीदारी, नशा-मुक्ति, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और आजीविका के अवसरों सहित केंद्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई।

सैतुअल समीक्षा बैठक: मुख्य घटनाक्रम

सैतुअल में आयोजित बैठक में जिला कलेक्टर श्रीनिवास साडी, पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार मौर्य, जिले के वरिष्ठ अधिकारी तथा खेल संघों एवं सामुदायिक संगठनों के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। बैठक का केंद्रीय विषय युवाओं में नशीले पदार्थों के सेवन की रोकथाम रहा।

राज्य मंत्री खडसे ने 'नशा मुक्त भारत अभियान' के महत्व को रेखांकित करते हुए युवा समूहों, सामुदायिक संगठनों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने साथियों द्वारा जागरूकता फैलाने और सामुदायिक स्तर पर निरंतर प्रयासों को नशे की रोकथाम में सबसे प्रभावी माध्यम बताया।

स्थानीय खेल संघों के प्रतिनिधियों ने खेल बुनियादी ढाँचे और खिलाड़ियों के विकास से जुड़ी ज़मीनी ज़रूरतों को उजागर किया। खडसे ने स्पष्ट किया कि केवल बुनियादी ढाँचा पर्याप्त नहीं है — नियमित कोचिंग, व्यवस्थित प्रशिक्षण और खिलाड़ियों को निरंतर सहयोग मिलना भी उतना ही ज़रूरी है। उन्होंने 'खेलो इंडिया योजना' की ज़मीनी स्तर पर खेल के अवसर बढ़ाने में भूमिका को भी रेखांकित किया।

कोलासिब में खेल और युवा विकास पर चर्चा

कोलासिब की समीक्षा बैठक में जिला कलेक्टर एच. डोलियनबुआइया, पुलिस अधीक्षक पु लालरिनपुइया वर्टे, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न विभागों के प्रमुख उपस्थित रहे। बुनियादी ढाँचे, स्वास्थ्य सेवा और कृषि की समीक्षा के साथ-साथ जिले में जमीनी स्तर पर खेलों को सुदृढ़ करने पर विशेष चर्चा हुई।

कोलासिब में फुटबॉल, हॉकी और कुश्ती को प्रमुख खेल विधाओं के रूप में चिह्नित किया गया। जिले के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की फुटबॉल लीग में भाग ले रहे हैं, जिले में एक हॉकी मैदान भी है और यहाँ से एक राष्ट्रीय स्तर का हॉकी खिलाड़ी भी निकला है। स्थानीय प्रतिभाओं को व्यवस्थित कोचिंग और निरंतर प्रशिक्षण देने के लिए एक विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने पर विचार-विमर्श हुआ।

राज्य मंत्री खडसे ने वीबी-ग्राम-जी पहल के तहत निर्मित हो रहे खेल बुनियादी ढाँचे का जायज़ा लिया, जिसमें फुटबॉल और वॉलीबॉल मैदान तथा मौजूदा सुविधाओं का रखरखाव शामिल है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस पहल के अंतर्गत जिले के 51 गाँवों में खेल मैदान विकसित किए जाएँ, ताकि युवा अपने समुदाय के निकट ही खेल सुविधाओं का लाभ उठा सकें।

नशा-मुक्ति और युवा जुड़ाव

कोलासिब में भी नशीले पदार्थों की रोकथाम और युवाओं को सकारात्मक दिशा में जोड़ने का विषय केंद्र में रहा। पुलिस अधीक्षक ने मंत्री को जिले की नशा-मुक्ति पहलों से अवगत कराया। राज्य मंत्री खडसे ने युवाओं की ऊर्जा को खेल, शिक्षा, सामुदायिक सेवा और रचनात्मक सामाजिक कार्यों की ओर मोड़ने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रमों और युवाओं पर साथियों के सकारात्मक प्रभाव को भी रेखांकित किया।

समन्वय और समावेशी विकास पर ज़ोर

दोनों जिलों की बैठकों का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि जिला प्रशासन, पुलिस, युवा संस्थाओं, खेल निकायों, कृषि संस्थानों, सहकारी समितियों और सामुदायिक संगठनों के बीच प्रभावी तालमेल सुनिश्चित किया जाएगा। राज्य मंत्री खडसे ने कहा कि भारत के युवा देश की विकास यात्रा की धुरी हैं और उनकी क्षमता को खेल, शिक्षा, उद्यमिता और उत्पादक आजीविका की दिशा में लगाना राष्ट्रीय प्राथमिकता है।

गौरतलब है कि मिजोरम जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में खेल प्रतिभाओं की प्रचुरता के बावजूद बुनियादी ढाँचे और संस्थागत सहयोग की कमी एक पुरानी चुनौती रही है। इस दौरे को उस दिशा में एक ठोस प्रशासनिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा इन बैठकों के बाद के क्रियान्वयन में होगी। कोलासिब में 51 गाँवों में खेल मैदान बनाने का सुझाव सराहनीय है, परंतु वीबी-ग्राम-जी जैसी पहलों के तहत धरातल पर काम की गति अक्सर धीमी रही है। नशा-मुक्ति पर जोर देना प्रासंगिक है क्योंकि मिजोरम म्यांमार सीमा से सटा होने के कारण नशे की तस्करी की चुनौती से जूझता रहा है, लेकिन जागरूकता अभियानों से आगे ठोस पुनर्वास और रोज़गार ढाँचे की माँग अनुत्तरित है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रक्षा खडसे ने मिजोरम में कौन-सी जिला समीक्षा बैठकें कीं?
केंद्रीय युवा मामलों और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने 15 और 16 सितंबर को मिजोरम के सैतुअल और कोलासिब जिलों में जिला-स्तरीय समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता की। इन बैठकों में खेल बुनियादी ढाँचे, नशा-मुक्ति, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और केंद्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।
सैतुअल समीक्षा बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
सैतुअल बैठक में नशीले पदार्थों की रोकथाम, नशा मुक्त भारत अभियान, खेलो इंडिया योजना, खेल बुनियादी ढाँचे और युवाओं की सामुदायिक भागीदारी पर विशेष चर्चा हुई। जिला कलेक्टर श्रीनिवास साडी और पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार मौर्य सहित वरिष्ठ अधिकारी और खेल संघों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कोलासिब में खेल के संदर्भ में क्या अहम निर्णय हुए?
कोलासिब में फुटबॉल, हॉकी और कुश्ती को प्रमुख खेल विधाओं के रूप में चिह्नित किया गया और एक विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने पर विचार हुआ। वीबी-ग्राम-जी पहल के तहत जिले के 51 गाँवों में खेल मैदान विकसित करने का सुझाव भी दिया गया।
वीबी-ग्राम-जी पहल क्या है और इसका मिजोरम से क्या संबंध है?
वीबी-ग्राम-जी पहल के तहत ग्रामीण स्तर पर फुटबॉल, वॉलीबॉल जैसे खेल मैदान और सुविधाएँ विकसित की जाती हैं। राज्य मंत्री खडसे ने कोलासिब दौरे में इस पहल के तहत निर्मित हो रहे बुनियादी ढाँचे का निरीक्षण किया और 51 गाँवों में इसका विस्तार करने का सुझाव दिया।
मिजोरम दौरे में नशा-मुक्ति पर इतना जोर क्यों दिया गया?
मिजोरम म्यांमार की सीमा से सटा होने के कारण नशीले पदार्थों की तस्करी और युवाओं में नशे की समस्या एक संवेदनशील चुनौती है। रक्षा खडसे ने दोनों जिलों में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत युवाओं की ऊर्जा को खेल, शिक्षा और सामुदायिक सेवा की ओर मोड़ने और साथियों के माध्यम से जागरूकता फैलाने पर विशेष बल दिया।
राष्ट्र प्रेस
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