बिहार बनेगा देश का प्रमुख स्पोर्ट्स हब: रक्षा खडसे का विश्वास
सारांश
Key Takeaways
- बिहार स्पोर्ट्स कॉनक्लेव 2026 का आयोजन पटना में हुआ।
- रक्षा खडसे ने बिहार को स्पोर्ट्स हब बनाने का विश्वास जताया।
- गांव स्तर तक खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पहल की जा रही है।
- खेल मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की आवश्यकता पर जोर दिया।
- खेलों के विकास के लिए आधारभूत संरचनाओं पर ध्यान दिया जा रहा है।
पटना, २२ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की राजधानी पटना में रविवार को खेल विभाग के राज्य खेल प्राधिकरण और स्पोर्ट्स स्टार के सहयोग से बिहार स्पोर्ट्स कॉनक्लेव २०२६ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे और राज्य की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह भी उपस्थित रहीं।
केंद्रीय राज्य खेल मंत्री रक्षा खडसे ने बिहार दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बिहार हुनरमंदों का राज्य है। यहां के लोगों को खेलों की ओर प्रेरित करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि बिहार में खेलों के प्रति गहरा पैशन है और इसे गांव स्तर तक प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पहल की जा रही है। मनरेगा के सहयोग से गांवों में खेल के मैदानों का निर्माण किया जाएगा। इस योजना को केंद्र सरकार ने भी अपनाया है।
उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए खेल संयम, समय प्रबंधन और लीडरशिप जैसी महत्वपूर्ण बातें सिखाते हैं। केंद्र सरकार सभी राज्यों के साथ मिलकर खेलों को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय है। उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार जल्द ही देश का स्पोर्ट्स हब बनेगा।
खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि राज्य में खेल और खिलाड़ियों के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता ने सकारात्मक परिणाम दिखाए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम का निर्माण किया गया है और खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने के लिए आधारभूत संरचनाओं पर भी ध्यान दिया गया है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि खेलों को विकसित करने के लिए यहां अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं निरंतर आयोजित होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भारत को 2036 में ओलंपिक खेलों की मेज़बानी मिलती है, तो बिहार में भी एक या दो खेल आयोजित किए जाने चाहिए।
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवीन्द्रण शंकरन ने कहा कि बिहार इतिहास नहीं लिखता, बल्कि रचता है। आज ओलंपिक खेलों के आयोजन की बात हो रही है। हमें मेडल जीतने वाले खेलों पर अधिक ध्यान केंद्रित करना होगा और उन खेलों को बुनियादी स्तर से ही प्रोत्साहित करना होगा। इस स्पोर्ट्स कॉनक्लेव के विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर विचार विमर्श किया।