क्या बिहार में प्रतिभावान युवा खिलाड़ियों को 3 और 5 लाख की स्कॉलरशिप दी जाएगी?
सारांश
Key Takeaways
- खिलाड़ियों को 3 लाख और 5 लाख रुपये की स्कॉलरशिप मिलेगी।
- बिहार में 68 एकलव्य स्कूल खोले जाएंगे।
- मेडल लाओ नौकरी पाओ योजना के तहत 88 लोगों को नौकरी मिली है।
- बड़े खिलाड़ी बिहार में अपनी अकादमी खोलने की योजना बना रहे हैं।
- बिहार सरकार आईटी क्षेत्र में 10 से अधिक एमओयू पर हस्ताक्षर कर रही है।
जमुई, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार के खेल और आईटी मंत्री श्रेयसी सिंह ने बताया कि राज्य सरकार खिलाड़ियों के हित में कई योजनाएँ लागू करने का प्रयास कर रही है।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, "खेल विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। नए खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए स्पांसरशिप का पोर्ट खोला गया है। एक स्तर पर 3 लाख और दूसरे स्तर पर 5 लाख की सहायता दी जाएगी। आमतौर पर खिलाड़ियों को पदक जीतने के बाद प्रोत्साहन मिलता है, लेकिन बिहार सरकार ने इसे बदलते हुए उन खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है जिनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की क्षमता है।"
श्रेयसी सिंह ने कहा कि पहले मुख्यमंत्री की योजना हर जिले में एक एकलव्य स्कूल खोलने की थी, लेकिन अब राज्य में 68 स्कूल खोलने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में 15 स्कूल चालू हैं। इन स्कूलों में बच्चों को बुनियादी स्तर पर खेल प्रशिक्षण के साथ-साथ शिक्षा और पोषण की सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अतिरिक्त विभिन्न खेलों के लिए विशेष अकादमी भी बनाई जाएगी।
मेडल लाओ नौकरी पाओ योजना को लागू किया गया है। इसके तहत पिछले वर्ष 71 लोगों को नौकरी दी गई थी, और अब यह संख्या 88 हो गई है। उम्मीद है कि यह संख्या और बढ़ेगी।
बिहार की खेल मंत्री ने कहा कि उन्होंने साइना नेहवाल और पुलेला गोपीचंद से मुलाकात की थी। ये दोनों प्रमुख खिलाड़ी बिहार में अपनी अकादमी खोलने की इच्छा रखते हैं और इसके लिए सरकार से सहायता मांग रहे हैं। यदि ये खिलाड़ी अपनी अकादमी बिहार में स्थापित करते हैं, तो इससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में बिहार के खिलाड़ियों की सहभागिता बढ़ेगी और उनका प्रदर्शन भी सुधरेगा।
श्रेयसी ने कहा कि बिहार में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए आईटी क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है। निजी निवेशकों के साथ 10 से अधिक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति ने कहा था कि बिहार में 25 हजार में लड़कियाँ मिल जाती हैं। इस बयान को श्रेयसी सिंह ने निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि उनके शब्दों का चयन गलत था। उन्होंने सोशल मीडिया पर माफी मांगी है, लेकिन मैं उन्हें कभी माफ नहीं करूंगी।
बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसात्मक कार्रवाई को दुखद बताते हुए उन्होंने कहा कि इस बारे में विशेष जानकारी केवल केंद्र सरकार या केंद्रीय मंत्री ही दे सकते हैं।