रक्षा खडसे का शिलांग में नशा-मुक्त जन आंदोलन का आह्वान, 'मेरा युवा भारत' कार्यक्रम में 24 संगठन एकजुट
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने 28 मई 2026 को शिलांग के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM शिलांग) में आयोजित 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत – पूर्वोत्तर' कार्यक्रम में युवाओं में बढ़ती नशे की लत से निपटने के लिए मिशन-मोड में सामूहिक जन आंदोलन छेड़ने का आह्वान किया। यह कार्यक्रम युवा मामले विभाग की पहल 'मेरा युवा भारत' के तहत आयोजित किया गया, जिसमें पूर्वोत्तर क्षेत्र में नशा-विरोधी जागरूकता को नई गति देने पर विशेष ज़ोर दिया गया।
कार्यक्रम का स्वरूप और भागीदारी
इस एक दिवसीय कार्यक्रम में 24 आध्यात्मिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, युवा अधिकारी, नागरिक समाज के हितधारक और संस्थागत नेता एक मंच पर एकत्र हुए। इनका उद्देश्य पूर्वोत्तर राज्यों में नशा-विरोधी जागरूकता अभियानों की रणनीति तैयार करना और युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने की पहलों को मज़बूत करना था। कार्यक्रम में युवा मामले विभाग की सचिव पल्लवी जैन गोविल, 'मेरा युवा भारत' की सीईओ डॉ. प्रियंका शुक्ला और IIM शिलांग की निदेशक प्रो. नलिनी प्रभा त्रिपाठी भी उपस्थित रहीं।
मंत्री का संदेश: युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत
सभा को संबोधित करते हुए रक्षा खडसे ने कहा, 'हमें सामूहिक रूप से नशा मुक्त अभियान को मिशन-मोड में आगे बढ़ाना चाहिए। हमारे युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्हें सही दिशा दिखाना हमारी साझी जिम्मेदारी है। यदि हम उन्हें सकारात्मक मार्गदर्शन और अवसर प्रदान करते हैं, तो हम निश्चित रूप से विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे।' उन्होंने नशे की लत को केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि एक व्यापक सामाजिक चिंता बताया जिसके समाधान के लिए समन्वित सामुदायिक प्रयास और निरंतर संस्थागत हस्तक्षेप आवश्यक है।
खेल और संस्कृति को बताया परिवर्तन का माध्यम
खडसे ने खेल को एक परिवर्तनकारी सामाजिक शक्ति के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने कहा, 'खेल युवाओं की ऊर्जा को एक रचनात्मक दिशा में लगाने के सबसे प्रभावी माध्यमों में से एक बन सकते हैं। पूर्वोत्तर के राज्यों के साथ-साथ झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और गोवा में पहले से ही एक मज़बूत खेल संस्कृति मौजूद है।' उन्होंने युवा अधिकारियों और सहयोगी संगठनों से आग्रह किया कि 'मेरा युवा भारत' की पहलें देश के हर ज़िले और समाज के हर वर्ग तक पहुँचें। सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों में युवाओं की बढ़ती भागीदारी को उन्होंने सामूहिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का एक सशक्त अवसर बताया।
IIM शिलांग की भूमिका और संस्थागत प्रतिबद्धता
प्रो. नलिनी प्रभा त्रिपाठी ने कहा कि खेल और प्रबंधन शिक्षा मिलकर जिम्मेदार नागरिक और भविष्य के नेता गढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि IIM शिलांग छात्रों में सकारात्मक सामाजिक और भावनात्मक विकास सुनिश्चित करने के लिए खेलों, योग, ध्यान, सांस्कृतिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भागीदारी को लगातार प्रोत्साहित करता है। प्रो. त्रिपाठी ने प्रतिभागियों से नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ 'राजदूत' की भूमिका निभाने का आग्रह किया और विश्वास जताया कि इस विचार-विमर्श से राष्ट्रीय नशा-विरोधी आंदोलन को नई मज़बूती मिलेगी।
सामूहिक संकल्प के साथ समापन
कार्यक्रम के दौरान 'मेरा युवा भारत' पोर्टल की संस्थागत पहलों और नशा-मुक्ति के क्षेत्र में कार्यरत संगठनों की सर्वोत्तम प्रथाओं पर प्रस्तुतियाँ भी दी गईं। कार्यक्रम का समापन 'विकसित भारत 2047' के दृष्टिकोण के अनुरूप एक नशा-मुक्त, स्वस्थ और सामाजिक रूप से सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में युवाओं के नेतृत्व वाले प्रयासों को मज़बूत करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। यह आयोजन पूर्वोत्तर में नशा-विरोधी अभियान को एक नई संस्थागत दिशा देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।