नशामुक्त भारत शपथ: हरिद्वार से केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार ने किया नेतृत्व, 1.31 करोड़ नागरिक जुड़े
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार ने 26 जून 2026 को हरिद्वार के देव संस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज परिसर में आयोजित राष्ट्रीय जागरूकता कार्यक्रम में नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध शपथ दिलाई और 'सम्मान के साथ बुढ़ापा' के संदेश को देशभर में प्रसारित किया। आधिकारिक बयान के अनुसार, इस अभियान में 1.31 करोड़ से अधिक नागरिकों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से भागीदारी की।
कार्यक्रम का मुख्य घटनाक्रम
यह आयोजन 'नशा मुक्त भारत सप्ताह' के समापन अवसर पर हुआ, जो नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय दिवस के उपलक्ष्य में मनाया गया था। केंद्रीय मंत्री ने 4,000 से अधिक प्रतिभागियों के साथ 'नशा मुक्त रैली' का नेतृत्व किया और उनका उत्साहवर्धन किया। यह कार्यक्रम सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार तथा अखिल विश्व गायत्री परिवार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
किसने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में छात्र-छात्राएँ, युवा, विभिन्न आध्यात्मिक संगठनों के स्वयंसेवक, उत्तराखंड सरकार के प्रतिनिधि और स्थानीय हितधारक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों, संबंधित मंत्रालयों व विभागों, अनुदान प्राप्त संस्थानों, नशा मुक्ति केंद्रों और देशभर के अन्य हितधारकों के प्रतिनिधियों ने भी भागीदारी कर 'नशा मुक्त भारत' बनाने की अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता दोहराई।
अभियान का उद्देश्य और दायरा
इस अभियान का लक्ष्य जागरूकता बढ़ाना, समुदाय को एकजुट करना, नशीली दवाओं की माँग कम करना और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण को बढ़ावा देना है। 'नशा मुक्ति मित्रों' के उत्कृष्ट योगदान को भी कार्यक्रम में सराहा गया, जिन्होंने समुदायों को एकजुट करने में अहम भूमिका निभाई। गौरतलब है कि यह सप्ताहभर चला अभियान देश के कोने-कोने तक पहुँचा, जिसमें विभिन्न स्तरों पर सहभागिता सुनिश्चित की गई।
मंत्री का संदेश
वीरेंद्र कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि इस विशाल रैली में प्रमुख आचार्यों, हजारों छात्र-छात्राओं, वरिष्ठ अधिकारियों और नशामुक्त भारत के स्वयंसेवकों ने नशामुक्ति का व्यापक संदेश दिया। उन्होंने नशा-मुक्त और समावेशी समाज बनाने के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को एक बार फिर रेखांकित किया।
आगे की राह
इस अभियान के ज़रिये केंद्र सरकार नशीली दवाओं की माँग में कमी लाने और वरिष्ठ नागरिकों के सम्मानजनक जीवन को सुनिश्चित करने के दोहरे लक्ष्य पर काम कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में नशे की समस्या से निपटने के लिए सामुदायिक भागीदारी को नीति का केंद्र बनाया जा रहा है।