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पूर्व कोलकाता DCP शांतनु सिन्हा बिस्वास पर ₹2.80 करोड़ भ्रष्टाचार का नया मामला दर्ज

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पूर्व कोलकाता DCP शांतनु सिन्हा बिस्वास पर ₹2.80 करोड़ भ्रष्टाचार का नया मामला दर्ज

सारांश

कोलकाता पुलिस के पूर्व डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत ₹2.80 करोड़ के कथित आर्थिक लाभ का नया मामला दर्ज हुआ है — जबकि वे पहले से ही ED के ₹3 करोड़ गबन मामले में जमीन कब्जे के आरोप में न्यायिक हिरासत में हैं।

मुख्य बातें

पूर्व कोलकाता DCP शांतनु सिन्हा बिस्वास के खिलाफ दक्षिण कोलकाता के गरियाहाट थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत नई शिकायत दर्ज।
शिकायत में कुल ₹2.80 करोड़ के प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष आर्थिक लाभ का आरोप।
बिस्वास की पत्नी को एक कंपनी से ₹74.36 लाख वेतन मिला; ₹82 लाख के दो फ्लैट गुप्त रूप से खरीदने का आरोप।
कारोबारी जॉय कामदार से ₹13 लाख नकद व उपहार तथा ₹2 लाख अतिरिक्त लेने का आरोप।
ED पहले ही जमीन कब्जाने के मामले में ₹3 करोड़ गबन का आरोपत्र दाखिल कर चुकी है; बिस्वास मिदनापुर केंद्रीय सुधारगृह में न्यायिक हिरासत में।

कोलकाता पुलिस के पूर्व डिप्टी कमिश्नर (DCP) शांतनु सिन्हा बिस्वास के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत दक्षिण कोलकाता के गरियाहाट थाने में एक नई शिकायत दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बिस्वास ने अपने पद का दुरुपयोग कर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से नकद तथा उपहारों के रूप में कुल ₹2.80 करोड़ का आर्थिक लाभ अर्जित किया।

मुख्य आरोप और कथित आर्थिक लाभ

पुलिस के अनुसार, नई शिकायत में पूर्व अधिकारी और उनके सहयोगियों से जुड़े आर्थिक अनियमितताओं के कई मामलों का विस्तृत उल्लेख किया गया है। शिकायत के मुताबिक, बिस्वास की पत्नी को एक कंपनी से वेतन के रूप में ₹74.36 लाख प्राप्त हुए।

इसके अलावा, शिकायत में आरोप है कि उन्होंने गुप्त रूप से ₹82 लाख मूल्य के दो फ्लैट खरीदे और अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अपने बेटे की कॉलेज फीस के लिए ₹20.27 लाख की निकासी कराई। मुर्शिदाबाद जिले के कांदी क्षेत्र में एक मकान की मरम्मत के नाम पर कथित तौर पर ₹61 लाख की अतिरिक्त प्राप्ति का भी आरोप है।

कारोबारी जॉय कामदार से कथित लेन-देन

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि गिरफ्तार कारोबारी जॉय कामदार से बिस्वास ने नकद और उपहारों के रूप में ₹13 लाख लिए। पत्नी के लिए उपहार खरीदने के नाम पर ₹2 लाख अलग से वसूलने का भी आरोप है। शिकायत के अनुसार, विभिन्न संगठनों को लाभ पहुँचाने के एवज में एक बार ₹10 लाख और दूसरी बार ₹15 लाख लेने का भी उल्लेख है।

प्रवर्तन निदेशालय की पूर्व कार्रवाई

गौरतलब है कि बिस्वास को इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जमीन कब्जाने के एक अलग मामले में गिरफ्तार किया था। ED ने पिछले जुलाई में उनके खिलाफ ₹3 करोड़ के गबन का आरोप लगाते हुए आरोपपत्र दाखिल किया था। उनका नाम सोना पप्पू उर्फ बिश्वजीत पोद्दार के खिलाफ चल रही जमीन कब्जाने की जाँच के दौरान सामने आया था।

यह ऐसे समय में आया है जब कोलकाता में पुलिस-राजनीति-अपराध के कथित गठजोड़ को लेकर जाँच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ी हुई है।

वर्तमान स्थिति और न्यायिक हिरासत

फिलहाल शांतनु सिन्हा बिस्वास पश्चिम मेदिनीपुर जिले के मिदनापुर केंद्रीय सुधारगृह में न्यायिक हिरासत में बंद हैं। कारोबारी जॉय कामदार और बिश्वजीत पोद्दार भी न्यायिक हिरासत में हैं। ED सूत्रों के अनुसार, इन तीनों ने कथित तौर पर अवैध तरीकों से जमीनों पर कब्जा किया और जमीन मालिकों को परेशान करने के लिए प्रभाव का इस्तेमाल किया।

आगे क्या होगा

गरियाहाट थाने में दर्ज नई शिकायत के आधार पर जाँच की दिशा और दायरा अब और व्यापक होने की संभावना है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामले में अदालती कार्यवाही और ED की समानांतर जाँच आने वाले हफ्तों में नए तथ्य सामने ला सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अब भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत ताजा शिकायत — जो संकेत देती है कि जाँच एजेंसियाँ मामले की परतें एक-एक कर उघाड़ रही हैं। सवाल यह है कि एक सक्रिय IPS अधिकारी के खिलाफ इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितताएँ विभागीय निगरानी से कैसे बचती रहीं। पश्चिम बंगाल में पुलिस-राजनीति-अपराध के कथित गठजोड़ को लेकर यह मामला व्यापक संस्थागत जवाबदेही की माँग को फिर से केंद्र में ला देता है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शांतनु सिन्हा बिस्वास के खिलाफ नया मामला क्या है?
दक्षिण कोलकाता के गरियाहाट थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत एक नई शिकायत दर्ज की गई है, जिसमें आरोप है कि पूर्व DCP बिस्वास ने पद का दुरुपयोग कर कुल ₹2.80 करोड़ का प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष आर्थिक लाभ उठाया।
शांतनु सिन्हा बिस्वास अभी कहाँ हैं?
वे फिलहाल पश्चिम मेदिनीपुर जिले के मिदनापुर केंद्रीय सुधारगृह में न्यायिक हिरासत में बंद हैं। उन्हें इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने जमीन कब्जाने के मामले में गिरफ्तार किया था।
ED ने बिस्वास पर क्या आरोप लगाए हैं?
ED ने पिछले जुलाई में बिस्वास के खिलाफ ₹3 करोड़ के गबन का आरोपत्र दाखिल किया था। उनका नाम सोना पप्पू उर्फ बिश्वजीत पोद्दार के खिलाफ चल रही जमीन कब्जाने की जाँच के दौरान सामने आया था।
इस मामले में अन्य आरोपी कौन हैं?
कारोबारी जॉय कामदार और बिश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू भी इस मामले में आरोपी हैं और फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। नई शिकायत में जॉय कामदार से नकद व उपहारों के रूप में ₹13 लाख लेने का भी आरोप है।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
गरियाहाट थाने में दर्ज नई शिकायत के आधार पर जाँच का दायरा और व्यापक हो सकता है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामले और ED की समानांतर जाँच से आने वाले हफ्तों में अदालती कार्यवाही में नए तथ्य सामने आने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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