फौजिया खान का ट्रंप पर हमला: सभी देशों को अमेरिका का बहिष्कार करना चाहिए
सारांश
Key Takeaways
- फौजिया खान का ट्रंप पर कड़ा विरोध।
- अमेरिका का बहिष्कार करने का आह्वान।
- मोदी और पेज़ेशकियान के बीच वार्ता का महत्व।
- शांति की आवश्यकता पर जोर।
- देश में नफरत खत्म करने के लिए प्रयास करने की जरूरत।
नई दिल्ली, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। एनसीपी (एससीपी) की राज्यसभा सांसद फौजिया खान ने नरेंद्र मोदी और मसूद पेज़ेशकियान के बीच खाड़ी के तनाव और नौवहन स्वतंत्रता पर हुई बातचीत, ईरान द्वारा अमेरिका-इजराइल के खिलाफ ब्रिक्स में भारत की भूमिका पर जोर और डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज पर दी गई चेतावनी पर प्रतिक्रिया दी।
फौजिया खान ने इस वार्ता पर राष्ट्र प्रेस से कहा, "यदि शांति स्थापित होती है, तो सब कुछ अपने आप ठीक हो जाएगा और भारत को भी इसका लाभ मिलेगा। भारत की जनता, जो वर्तमान में ऊर्जा के मामले में प्रभावित होने की संभावना रखती है, को शांति स्थापित करने की पहल करनी चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा, "ट्रंप और अमेरिका की दादागीरी ही युद्ध के लिए जिम्मेदार है, क्योंकि वे मानते हैं कि उनका सभी पर अधिकार है और बाकी देश उनके सामने झुकें। जैसे पहले कई देशों को अंग्रेजों ने गुलाम बनाया था, वैसे ही ट्रंप युद्ध के माध्यम से दुनिया को झुकाने की कोशिश कर रहे हैं। यह सही नहीं है कि बिना किसी ठोस कारण के दूसरे देशों पर हमला किया जाए। ट्रंप का उद्देश्य अन्य देशों की स्वतंत्रता को बाधित करना और अपने देश को श्रेष्ठ बनाना है। सभी देशों को अमेरिका और ट्रंप का बहिष्कार करना चाहिए।"
फौजिया खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सबसे लंबे समय तक सरकार चलाने के रिकॉर्ड पर बधाई दी और कहा कि प्रधानमंत्री ने देश की सेवा में कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। हालांकि, उन्होंने सुझाव दिया कि देश के अल्पसंख्यक और गरीब वर्ग को सुरक्षित महसूस कराने के लिए नीतियों का निर्माण किया जाए और दोहरे मापदंडों का पालन न किया जाए। देश में नफरत और सांप्रदायिकता के माहौल को समाप्त करने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए।