जापानी पीएम ताकाइची ने कहा, ट्रंप ही ला सकते हैं विश्व में शांति
सारांश
Key Takeaways
- जापानी पीएम ने ट्रंप को शांति का स्रोत बताया।
- व्यापार और सुरक्षा पर चर्चा हुई।
- ईरान की गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की गई।
- अमेरिका-जापान संबंध मजबूत रहने की उम्मीद।
- ऊर्जा सुरक्षा में सहयोग की आवश्यकता।
वॉशिंगटन, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के दौरान कहा कि वर्तमान वैश्विक सुरक्षा संकट के बीच शांति स्थापित करने में केवल ट्रंप ही सक्षम हैं।
व्हाइट हाउस में हुई इस बैठक के दौरान, ताकाइची ने कहा, "मध्य पूर्व और अन्य क्षेत्रों में इस समय स्थिति बेहद गंभीर है। इन हालातों का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी बड़ा असर होगा।" उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि "केवल आप ही दुनिया में शांति ला सकते हैं।"
ट्रंप ने ताकाइची का स्वागत करते हुए उनकी नेतृत्व क्षमता और चुनावी जीत की तारीफ की। उन्होंने कहा कि अमेरिका-जापान के संबंध अत्यंत मजबूत हैं और भविष्य में भी ये संबंध इसी प्रकार मजबूत बने रहेंगे।
दोनों नेताओं ने व्यापार, सुरक्षा, और द्विपक्षीय सहयोग सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। ईरान के संदर्भ में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका वहां अपनी सेना नहीं भेजेगा। उन्होंने कहा, "मैं कहीं भी सेना नहीं भेज रहा हूं।"
हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि मौजूदा संघर्ष जल्द समाप्त हो जाएगा और अमेरिकी कार्रवाई ने विरोधियों की क्षमताओं को काफी हद तक कमजोर कर दिया है।
उन्होंने सहयोगी देशों से अधिक योगदान की आवश्यकता पर भी बल दिया, जबकि यह भी कहा कि अमेरिका अपनी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं है। ट्रंप ने जापान की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वह अपनी जिम्मेदारियों को निभा रहा है।
ताकाइची ने ईरान की गतिविधियों पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे क्षेत्रीय स्थिरता प्रभावित हो रही है और ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देना चाहिए। उन्होंने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ने वाले असर का जिक्र किया और कहा कि ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के लिए उनके पास सुझाव हैं।
उन्होंने अमेरिका-जापान गठबंधन को मजबूत बताते हुए आर्थिक सहयोग बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की। चीन के संदर्भ में, उन्होंने कहा कि जापान संवाद के लिए हमेशा खुला रहा है और संतुलित तरीके से बातचीत कर रहा है।
अक्टूबर 2025 में पद संभालने के बाद यह ताकाइची की पहली व्हाइट हाउस यात्रा थी। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका अपने सहयोगी देशों से ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता में अधिक भूमिका निभाने की अपेक्षा कर रहा है।