राजा सिंह: फ़िल्म 'धुरंधर 2' मुसलमानों के खिलाफ नहीं है
सारांश
Key Takeaways
- राजा सिंह ने फ़िल्म 'धुरंधर 2' का समर्थन किया।
- राजनीतिक दलों का विवाद फ़िल्म की सच्चाई को छिपाने का प्रयास है।
- फ़िल्म का केंद्र आतंकवाद और भारतीय एजेंट की कहानी है।
- कांग्रेस को फ़िल्म की सफलता से परेशानी है।
- यह फ़िल्म दर्शकों के लिए एक आकर्षक अनुभव है।
हैदराबाद, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता रणवीर सिंह की फ़िल्म 'धुरंधर 2' ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया है। दर्शकों से इसे भरपूर प्यार मिल रहा है, लेकिन इसके साथ ही विवाद भी खड़ा हो गया है। कई राजनीतिक दलों का कहना है कि यह फ़िल्म मुसलमानों को बदनाम करने के लिए एक विशेष एजेंडा के तहत बनाई गई है।
गोशामहल के विधायक राजा सिंह ने कहा कि कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दल जो इस फ़िल्म को लेकर आपत्ति जता रहे हैं, वे दरअसल अपनी सच्चाई के उजागर होने से भयभीत हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फ़िल्म भारतीय मुसलमानों के खिलाफ नहीं है।
राजा सिंह ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि यह दुखद है कि राजनीतिक दल फ़िल्म के बारे में बयानबाजी कर रहे हैं। मैंने अपने परिवार और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ 'धुरंधर 2' देखी। यह एक अद्भुत फ़िल्म है और मुझे लगता है कि सभी को इसे देखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस फ़िल्म में न तो कांग्रेस पार्टी का और न ही भारत के मुसलमानों का अनादर किया गया है।
राजा सिंह ने बताया कि फ़िल्म में दिखाया गया है कि कैसे एक भारतीय एजेंट पाकिस्तान में जाकर वहां की सरकार में प्रवेश करता है और आतंकवाद का सफाया करता है। लेकिन कांग्रेस को इस फ़िल्म से आपत्ति है। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस और अन्य दलों को इस फ़िल्म की सफलता से इतनी परेशानी क्यों हो रही है?
विधायक ने आगे कहा कि फ़िल्म में यह भी दर्शाया गया है कि भारत में नोटबंदी का निर्णय क्यों लिया गया, क्योंकि पाकिस्तान के साथ मिलकर एक यूपी का माफिया नकली नोटों की खेप लाना चाहता था। उस माफिया का संबंध दाउद इब्राहिम से भी था। कांग्रेस को इसी कारण समस्या है, क्योंकि उस समय वे दाउद इब्राहिम के साथ थे।
राजा सिंह ने कहा कि इस फ़िल्म के आने के बाद सारी सच्चाइयाँ सामने आ गई हैं, इसलिए कांग्रेस और एआईएमआईएम परेशान हैं। यही कारण है कि वे बौखला गए हैं, क्योंकि इतने वर्षों से छिपा हुआ उनका चेहरा अब उजागर हो गया है।