ओडिशा विधानसभा में एससीबी आगकांड पर हंगामे का सिलसिला, विपक्ष ने जिम्मेदारी की मांग की

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ओडिशा विधानसभा में एससीबी आगकांड पर हंगामे का सिलसिला, विपक्ष ने जिम्मेदारी की मांग की

सारांश

ओडिशा विधानसभा में एससीबी मेडिकल कॉलेज में आग की घटना पर हंगामा जारी है। विपक्ष ने स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। क्या सरकार इस पर कार्रवाई करेगी?

मुख्य बातें

ओडिशा विधानसभा में हंगामा जारी है।
विपक्ष ने स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
सरकार ने चार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की।
13 लोग आग में प्रभावित हुए।
सदन की कार्यवाही को स्थगित किया गया।

भुवनेश्वर, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा विधानसभा में एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, कटक में 16 मार्च को घटित भीषण आग की घटना को लेकर तीसरे दिन भी हंगामे का दौर जारी रहा। बीजू जनता दल (बीजेडी) और कांग्रेस के विधायकों ने स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग के इस्तीफे की मांग करते हुए सदन की कार्यवाही को बाधित कर दिया।

गुरुवार को कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य पोस्टर और बैनर लेकर स्पीकर के पोडियम के निकट पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस हंगामे के चलते प्रश्नकाल शुरू होने के कुछ ही क्षणों में स्पीकर को सदन की कार्यवाही 11:30 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद शून्यकाल में भी विरोध जारी रहा, जिसके कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी।

स्पीकर ने गतिरोध समाप्त करने और सदन की कार्यवाही को सुचारू रखने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई, लेकिन यह बैठक भी बेनतीजा रही।

बीजेडी विधायक सारदा प्रसन्ना जेना ने कहा कि एससीबी आगकांड में जब तक जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक विपक्ष का विरोध जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना में 13 लोगों की मौत और कई लोग घायल हुए हैं, फिर भी सरकार ने उचित कार्रवाई नहीं की है।

जेना ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की और मृतकों के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की भी मांग की। उनका दावा है कि राज्य सरकार ने इस मांग को ठुकरा दिया है।

दूसरी ओर, बीजेडी की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के कार्यकाल में एक निजी अस्पताल में आग लगने की घटना के बाद तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया था और अस्पताल के मालिक को गिरफ्तार किया गया था। लेकिन इस बार इतने बड़े हादसे के बावजूद मौजूदा स्वास्थ्य मंत्री ने अपना पद नहीं छोड़ा है।

वहीं, भाजपा विधायक मनोरंजन ध्यान सामंतरा ने स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग को खारिज करते हुए विपक्ष से सदन के अंदर रचनात्मक चर्चा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और अब तक चार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।

सामंतरा ने कहा कि प्रशासन खामियों को दूर करने और व्यवस्था में सुधार के लिए चरणबद्ध तरीके से कदम उठा रहा है। उन्होंने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि 25 वर्षों के शासनकाल में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत किया गया होता, तो आज ऐसी स्थिति नहीं बनती।

उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे सदन में अपनी बात रखें और रचनात्मक भूमिका निभाएं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि सरकार पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे मामलों में राजनीतिक स्थिरता और जनता की सुरक्षा दोनों की आवश्यकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एससीबी आगकांड में कितने लोग प्रभावित हुए?
इस आगकांड में 13 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
विपक्ष का क्या मुख्य मांग है?
विपक्ष ने स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग के इस्तीफे की मांग की है।
सरकार ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
सरकार ने चार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
बीजेडी विधायक ने क्या कहा?
बीजेडी विधायक सारदा प्रसन्ना जेना ने जवाबदेही की मांग की और मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की बात कही।
क्या सदन की कार्यवाही स्थगित हुई?
हाँ, हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही 11:30 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
राष्ट्र प्रेस
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