ओडिशा विधानसभा में बीजद और कांग्रेस का स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन

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ओडिशा विधानसभा में बीजद और कांग्रेस का स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन

सारांश

ओडिशा विधानसभा में बीजद और कांग्रेस के विधायकों ने स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। कटक के एससीबी अस्पताल में आग लगने की घटना के बाद यह मांग उठी, जिसमें 12 लोगों की जान चली गई।

मुख्य बातें

12 लोगों की जान जाने वाली आग की घटना ओडिशा में हुई।
विपक्ष ने स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।
प्रदर्शनकारी ने 1 करोड़ रुपए मुआवजे की मांग की है।
भाजपा ने कहा कि यह घटना राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहिए।
राज्य सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं।

भुवनेश्वर, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा विधानसभा में बुधवार को विपक्षी दल बीजद और कांग्रेस के विधायकों ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मुकेश महालिंग के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। यह मांग कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में लगी आग से जुड़ी है, जिसमें 12 लोगों की जान गई थी।

विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान, विपक्षी विधायक पोस्टर और तख्तियों के साथ स्पीकर सुरमा पाधी के पोडियम के समीप पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। उन्होंने एससीबी अस्पताल में हुई भीषण घटना के लिए प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की।

इस हंगामे के बीच, स्पीकर ने सदन को कई बार स्थगित किया। इस दौरान, बीजद और कांग्रेस के विधायकों ने एससीबी अस्पताल में हुई अग्निकांड को रोकने में राज्य सरकार की कथित विफलता के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की एक प्रतीकात्मक अंतिम यात्रा निकाली। विपक्षी विधायक विधानसभा परिसर में स्वास्थ्य मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए मार्च करने लगे।

प्रश्नकाल को बाधित करने वाले इस प्रदर्शन में दोनों दलों के सदस्यों ने हर पीड़ित परिवार के लिए 1 करोड़ रुपए मुआवजे की मांग की और सरकार की प्रस्तावित 25 लाख रुपए की अनुग्रह राशि को अपर्याप्त बताया।

बीजद अध्यक्ष और विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने कहा, "हमारी सरकार के समय में एक निजी अस्पताल में आग लगी थी और स्वास्थ्य मंत्री ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दे दिया था। जबकि यहां, एक सरकारी अस्पताल में इतनी मौतें हो रही हैं, लेकिन वे स्वास्थ्य मंत्री से इस्तीफा नहीं दिलवा रहे हैं। पूरे राज्य में स्वास्थ्य सेवा और अस्पतालों में सुधार के लिए कदम उठाने चाहिए।"

इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक तारा प्रसाद बहिनीपति ने कहा, "हमने ये सुविधाएं लोगों की जान बचाने के लिए बनाई थीं, लेकिन आज ओडिशा में चिकित्सा सुविधाओं की हालत ऐसी है कि अस्पताल मौत के जाल बन गए हैं। जनता की गुहार पूरे राज्य में गूंज रही है, फिर भी सरकार अनसुनी कर रही है। आज हम जो 'अंतिम संस्कार' कर रहे हैं, वह जनता के गुस्से का प्रतीक है। स्वास्थ्य मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।"

वहीं, भाजपा विधायक मानस दत्ता ने कहा कि एससीबी मेडिकल कॉलेज में लगी आग एक अत्यंत दुखद घटना है, लेकिन मानवीय आपदा को राजनीतिक नाटक का मुद्दा बनाना निंदनीय है। उन्होंने बीजद और कांग्रेस के सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने का अनुरोध किया। भाजपा के अन्य विधायकों ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा इस हादसे का समाधान नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी दर्शाती है कि राजनीतिक दलों के बीच स्वास्थ्य मुद्दों पर उठने वाले सवाल कितने गंभीर हो सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा मांगने वाले प्रदर्शन से साफ है कि राजनीतिक दबाव की स्थिति लगातार बनी हुई है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एससीबी अस्पताल में आग लगने की घटना कब हुई?
यह घटना हाल ही में हुई थी, जिसमें 12 लोगों की जान चली गई।
विपक्ष ने स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ क्या आरोप लगाए?
विपक्ष ने स्वास्थ्य मंत्री पर प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाया है।
क्या विपक्ष ने मुआवजे की मांग की है?
हाँ, विपक्ष ने हर पीड़ित परिवार के लिए 1 करोड़ रुपए मुआवजे की मांग की है।
इस घटना के बाद विधानसभा में क्या हुआ?
विधानसभा में हंगामा हुआ और कई बार सदन को स्थगित किया गया।
क्या भाजपा ने इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी की है?
भाजपा ने कहा कि इस घटना को राजनीतिक नाटक का मुद्दा बनाना निंदनीय है।
राष्ट्र प्रेस
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