सीएजी रिपोर्ट: 'आप' सरकार में डीटीसी ईपीएफ ट्रस्ट को ₹5.5 करोड़ ब्याज नुकसान, दिल्ली विधानसभा में खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की एक रिपोर्ट 7 अगस्त 2026 को दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन पेश की गई, जिसमें अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के कार्यकाल में दिल्ली परिवहन निगम (DTC) ईपीएफ ट्रस्ट के अतिरिक्त फंड के निवेश में देरी के चलते ₹5.50 करोड़ के संभावित ब्याज नुकसान पर गंभीर टिप्पणी की गई है। यह रिपोर्ट 31 मार्च 2023 को समाप्त वर्ष के लिए सीएजी रिपोर्ट नंबर 01/2026 के रूप में प्रस्तुत की गई।
मुख्य घटनाक्रम
सीएजी ऑडिट के पैरा 2.8 में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि अप्रैल 2020 से मार्च 2023 की अवधि के दौरान डीटीसी ईपीएफ ट्रस्ट कर्मचारियों के प्रॉविडेंट फंड योगदान से प्राप्त अतिरिक्त राशि का समय पर निवेश करने में विफल रहा। रिपोर्ट के अनुसार, एक महीने तक राशि का निवेश न किए जाने के कारण यह संभावित नुकसान हुआ।
सीएजी रिपोर्ट में कहा गया, 'डीटीसी ईपीएफ ट्रस्ट अप्रैल 2020 से मार्च 2023 की अवधि के दौरान कर्मचारियों के प्रॉविडेंट फंड योगदान से मिली अतिरिक्त राशि का समय पर निवेश करने में विफल रहा, जिसके परिणामस्वरूप ₹5.50 करोड़ के ब्याज का संभावित नुकसान हुआ।' ऑडिट ने यह भी सुझाव दिया कि ट्रस्ट को समर्पित अधिकारी नियुक्त कर उन्हें अतिरिक्त राशि के नियमित निवेश की जिम्मेदारी सौंपनी चाहिए थी।
डीवाटरिंग कार्यों में अनावश्यक भुगतान
इसी रिपोर्ट के पैरा 2.7 में एक अन्य वित्तीय अनियमितता का भी उल्लेख है। डीवाटरिंग (भूमिगत जल निकासी) कार्यों से संबंधित मात्रा में बड़े पैमाने पर बदलाव के कारण ₹5.63 करोड़ का अनावश्यक भुगतान किया गया।
सीएजी रिपोर्ट के अनुसार, डीवाटरिंग कार्यों के तीन मदों की अनुमानित मात्रा में 108 प्रतिशत से 2,545 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रिपोर्ट में कहा गया कि यह भारी विचलन एग्रीमेंट में दर्ज मात्रा में गलतियों के कारण था, जो सीधे तौर पर सबसॉइल वाटर की गहराई और मल्टीप्लाइंग फैक्टर से जुड़ी थीं। ऑडिट ने इसे वित्तीय समझदारी और उचित सावधानी की कमी का परिणाम बताया।
विधानसभा में रिपोर्ट की प्रस्तुति
दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र में बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार दो सीएजी रिपोर्टें सदन के पटल पर रखी गईं। पहली रिपोर्ट 31 मार्च 2023 को समाप्त वर्ष के लिए सीएजी रिपोर्ट नंबर 01/2026 थी, जबकि दूसरी 2024-25 के राज्य वित्त पर सीएजी रिपोर्ट नंबर 02/2026 थी।
गौरतलब है कि ये रिपोर्टें ऐसे समय में सामने आई हैं जब दिल्ली में सत्ता परिवर्तन के बाद पूर्व AAP सरकार के कार्यकाल की वित्तीय जवाबदेही की जाँच तेज हो गई है।
सीएजी की सिफारिशें
ऑडिट रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया कि डीटीसी ईपीएफ ट्रस्ट को संबंधित अधिसूचना की आवश्यकताओं के अनुरूप अतिरिक्त राशि के समय-समय पर निवेश के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की नियुक्ति करनी चाहिए। रिपोर्ट ने कर्मचारियों और हितधारकों के वित्तीय हितों की रक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
यह रिपोर्ट दिल्ली सरकार के सार्वजनिक परिवहन तंत्र में वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही को लेकर नई बहस को जन्म दे सकती है। आने वाले दिनों में विधानसभा में इस पर चर्चा और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ अपेक्षित हैं।