क्या आम आदमी पार्टी का हर कार्यकर्ता कट्टर ईमानदार है? : आतिशी

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क्या आम आदमी पार्टी का हर कार्यकर्ता कट्टर ईमानदार है? : आतिशी

सारांश

दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को सीबीआई द्वारा पीडब्ल्यूडी भर्ती घोटाले में क्लोजर रिपोर्ट देने के बाद मिली राहत ने आम आदमी पार्टी के नेताओं के बीच एक नई उत्साहवर्धक चर्चा शुरू कर दी है। क्या यह सच में ईमानदारी का प्रमाण है?

Key Takeaways

  • सत्येंद्र जैन को सीबीआई से मिली राहत
  • कोर्ट ने कोई आपराधिक साक्ष्य नहीं पाया
  • भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता का कोई प्रमाण नहीं
  • आम आदमी पार्टी का समर्थन बढ़ा
  • सत्य की जीत के नारे गूंजे

नई दिल्ली, 4 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली सरकार के पूर्व लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री सत्येंद्र जैन को एक महत्वपूर्ण राहत मिली है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 2019 के पीडब्ल्यूडी भर्ती घोटाले में एक क्लोजर रिपोर्ट प्रस्तुत की है, जिसे राउज एवेन्यू कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।

सीबीआई ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जैन के खिलाफ कोई आपराधिक साक्ष्य नहीं मिले हैं। साथ ही, भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता या कानून के उल्लंघन के प्रमाण नहीं पाए गए हैं। सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि दिल्ली सरकार को इस भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार का वित्तीय नुकसान नहीं हुआ है।

कोर्ट ने इस रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए कहा, "कई वर्षों की गहन जांच के बावजूद न तो भ्रष्टाचार निरोधक कानून और न ही किसी अन्य आपराधिक कानून के तहत आरोपों को प्रमाणित करने योग्य साक्ष्य मिले हैं।"

कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी भी आपराधिक षड्यंत्र या दुर्भावनापूर्ण नियुक्तियों के कोई संकेत नहीं मिले हैं। केवल संदेह के आधार पर किसी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा नहीं चलाया जा सकता है। इसके लिए ठोस साक्ष्य होना आवश्यक है। यह मामला दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी विभाग में पेशेवरों की भर्ती में नियमों के उल्लंघन से जुड़ा था, जिसमें विजिलेंस विभाग की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी।

इस मामले में आम आदमी पार्टी (आप) की प्रतिक्रिया भी आई है। 'आप' नेता आतिशी ने कहा, "आज कोर्ट ने भाजपा के एक और झूठे मुकदमे का पर्दाफाश कर दिया। यह साबित हो गया कि सत्येंद्र जैन और आम आदमी पार्टी का हर कार्यकर्ता कट्टर ईमानदार है। हम पहले भी तानाशाही और झूठे आरोपों से नहीं डरे थे और आगे भी नहीं डरेंगे।"

'आप' ने कहा कि राजनीतिक द्वेषवश उनके नेताओं को झूठे मामलों में फंसाया गया था, लेकिन सत्य की जीत हुई है। पार्टी समर्थकों ने सोशल मीडिया पर "सत्यमेव जयते" और "कट्टर ईमानदार आप" जैसे हैशटैग के साथ इस फैसले को ऐतिहासिक बताया।

Point of View

जिसमें भ्रष्टाचार के आरोपों की गहन जांच के बाद अदालत ने स्पष्ट किया है कि आरोपों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं। इस फैसले ने एक बार फिर राजनीतिक द्वेष और आरोपों की गंभीरता पर सवाल खड़े किए हैं।
NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

सत्येंद्र जैन को सीबीआई से कितनी राहत मिली है?
उनके खिलाफ कोई आपराधिक साक्ष्य नहीं मिले हैं और भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई है।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने क्या कहा?
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत आरोपों का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
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