दिल्ली में बिजली कटौती और दरें बढ़ीं: आतिशी का BJP सरकार पर तीखा हमला, CAG ऑडिट विवाद गहराया
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने 22 जून को एक बयान जारी कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की दिल्ली सरकार पर सीधा हमला बोला और कहा कि मौजूदा सरकार राजधानी की जनता को निर्बाध बिजली देने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। उन्होंने बिजली वितरण कंपनियों के सीएजी (CAG) ऑडिट और ऊर्जा मंत्री आशीष सूद के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए पलटवार किया।
मुख्य घटनाक्रम
आतिशी ने आरोप लगाया कि दिल्ली में बिजली कटौती अब आम बात हो गई है और बिजली दरों में बढ़ोतरी से आम नागरिक परेशान हैं। उनका कहना था कि BJP सरकार अपनी इन्हीं विफलताओं को छिपाने के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) पर निराधार आरोप लगा रही है।
आतिशी ने स्पष्ट किया कि बिजली वितरण कंपनियों के पेंशन सरचार्ज मामले में विशेष ऑडिट का आदेश स्वयं AAP सरकार ने अक्टूबर 2024 में दिया था। इस आदेश के तहत दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) को निर्देश दिया गया था कि CAG-स्वीकृत ऑडिटर्स के ज़रिए विशेष ऑडिट कराया जाए, जिससे दिल्ली विद्युत बोर्ड के 20,000 से अधिक पेंशनरों के हित सुरक्षित रह सकें।
आतिशी का तर्क
आतिशी ने सवाल उठाया कि यदि AAP और बिजली कंपनियों के बीच कोई मिलीभगत होती, तो AAP सरकार खुद ही CAG ऑडिट का आदेश क्यों देती। उनके अनुसार यह तथ्य ही BJP के आरोपों को खोखला साबित करता है।
सरकार की प्रतिक्रिया
दूसरी ओर, दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने दावा किया कि सरकार का मानना है कि बिजली कंपनियों, AAP और अरविंद केजरीवाल के बीच संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2015 में जब डिस्कॉम के CAG ऑडिट को लेकर सवाल उठे थे, तब अदालत के एक फैसले के बाद केजरीवाल सरकार चुप हो गई थी।
सूद ने यह भी कहा कि सरकार ने तय किया है कि बिजली दरों का बोझ जनता पर नहीं पड़ने दिया जाएगा और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। उनके अनुसार, बिजली कंपनियों के दिल्ली उच्च न्यायालय जाने और CAG ऑडिट के आदेश से यह साफ होता है कि गड़बड़ी की आशंका रही है और अब सच्चाई सामने आएगी।
आम जनता पर असर
राजधानी में बिजली कटौती और बढ़ती दरें आम दिल्लीवासियों के लिए सीधी चुनौती बन चुकी हैं। यह ऐसे समय में आया है जब गर्मी के मौसम में बिजली की माँग अपने चरम पर होती है। गौरतलब है कि दिल्ली में बिजली क्षेत्र वर्षों से राजनीतिक विवाद का केंद्र रहा है — AAP सरकार की मुफ्त बिजली नीति से लेकर अब CAG ऑडिट विवाद तक।
क्या होगा आगे
दिल्ली सरकार ने दावा किया है कि दिल्ली उच्च न्यायालय के हालिया निर्णय से बिजली कंपनियों के CAG ऑडिट का मार्ग प्रशस्त हुआ है। सरकार का कहना है कि वह बिजली क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने तथा दिल्लीवासियों को बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। ऑडिट के नतीजे आने के बाद यह विवाद और नया मोड़ ले सकता है।