दिल्ली में बिजली कटौती पर केजरीवाल का BJP सरकार पर हमला, 45°C गर्मी में लोग बेहाल
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 20 मई को दिल्ली में जारी बिजली कटौती के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार को कठघरे में खड़ा किया। राजधानी में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुँच जाने और मौसम विभाग द्वारा हीटवेव अलर्ट जारी किए जाने के बीच बार-बार हो रही बिजली आपूर्ति बाधित होने से आम जनता की परेशानी बढ़ गई है।
केजरीवाल का आरोप: दोहरी मार झेल रही जनता
केजरीवाल ने बुधवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि दिल्लीवासी इस समय दोहरी मार झेल रहे हैं — एक ओर 45 डिग्री से ऊपर का तापमान घर से बाहर निकलना दूभर कर रहा है, वहीं दूसरी ओर घंटों चलने वाली बिजली कटौती ने राहत के सभी रास्ते बंद कर दिए हैं। उन्होंने कई नागरिकों की सोशल मीडिया शिकायतों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि राजधानी के अलग-अलग इलाकों में लोग लंबे समय तक बिजली के बिना रहने को मजबूर हैं।
AAP के कार्यकाल से तुलना
केजरीवाल ने दावा किया कि AAP सरकार के दौरान दिल्ली की बिजली व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार आया था और लोग पावर कट जैसी समस्या को लगभग भूल चुके थे। उन्होंने कहा कि उस दौर में निर्बाध आपूर्ति के चलते इनवर्टर की बिक्री तक कम हो गई थी। उनके अनुसार, BJP सरकार के सत्ता में आने के बाद बिजली व्यवस्था 'पुराने दौर' में लौट गई है और राजधानी को 15 साल पीछे धकेल दिया गया है।
सरकार पर विफलता का आरोप
केजरीवाल ने कहा कि भीषण गर्मी के इस दौर में निर्बाध बिजली आपूर्ति सबसे बड़ी ज़रूरत है, लेकिन मौजूदा सरकार इस मोर्चे पर 'पूरी तरह असफल' साबित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में हीटवेव की चेतावनी जारी कर रखी है।
सोशल मीडिया पर जनता की नाराज़गी
सोशल मीडिया पर नागरिक बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और लंबे समय तक आपूर्ति बाधित रहने की शिकायतें साझा कर रहे हैं। AAP इस मुद्दे को जनता से जुड़े बड़े राजनीतिक मुद्दे के रूप में उठाकर BJP सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है। दिल्ली की सियासत में बिजली संकट एक बार फिर केंद्र में आ गया है।
आगे क्या
फिलहाल BJP सरकार की ओर से केजरीवाल के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जैसे-जैसे गर्मी का मौसम आगे बढ़ेगा और बिजली की माँग चरम पर पहुँचेगी, यह मुद्दा दिल्ली की राजनीति में और गर्माने की संभावना है।