केजरीवाल के राजघाट सत्याग्रह पर दिल्ली BJP अध्यक्ष सचदेवा का हमला, बोले — 'सर्कस जैसा राजनीतिक नाटक'
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली BJP अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने 28 अप्रैल को राजघाट पर केजरीवाल के सत्याग्रह को 'सर्कस जैसा राजनीतिक नाटक' बताया।
- सचदेवा ने आरोप लगाया कि यह प्रदर्शन कथित शराब घोटाले से जनता का ध्यान भटकाने के लिए रचा गया है।
- BJP का कहना है कि AAP नेता न्यायपालिका और जाँच एजेंसियों का राजनीतिकरण कर रहे हैं।
- सचदेवा ने दावा किया कि केजरीवाल अदालत में अपना पक्ष रखने में विफल रहे हैं।
- दिल्ली विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद AAP की यह पहली बड़ी सड़क-कार्रवाई मानी जा रही है।
दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने मंगलवार, 28 अप्रैल को राजघाट पर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक एवं पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा आयोजित 'सत्याग्रह' को 'सर्कस जैसा राजनीतिक नाटक' करार दिया। सचदेवा ने आरोप लगाया कि यह प्रदर्शन भ्रष्टाचार के आरोपों से जनता का ध्यान भटकाने की सुनियोजित कोशिश है।
मुख्य आरोप और बयान
सचदेवा ने कहा कि जब भी केजरीवाल या उनकी पार्टी के नेताओं पर आरोप लगते हैं, तो पूरी AAP इसी तरह के 'नाटक' का सहारा लेती है। उनके अनुसार, दिल्ली और देश की जनता कथित शराब घोटाले की सच्चाई से भलीभाँति परिचित हो चुकी है और कोई भी विरोध-प्रदर्शन उस सच्चाई को नहीं ढक सकता।
उन्होंने यह भी कहा कि AAP के नेता चाहे अदालतों के खिलाफ कितनी भी टिप्पणियाँ करें या न्यायाधीशों को पत्र लिखें, अंततः उन्हें कानून के दायरे में ही राहत पानी होगी। सचदेवा ने केजरीवाल पर न्यायपालिका और जाँच एजेंसियों के कामकाज का राजनीतिकरण करने का आरोप भी लगाया।
सत्याग्रह को बताया व्यक्तिगत हितों की रक्षा का हथियार
दिल्ली BJP अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यह विरोध-प्रदर्शन जन कल्याण के लिए नहीं, बल्कि व्यक्तिगत और राजनीतिक हितों की रक्षा के लिए रचा गया है। उनका कहना था कि केजरीवाल का रवैया लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अनादर दर्शाता है और यह लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है।
सचदेवा ने दावा किया कि केजरीवाल अदालत में अपना पक्ष रखने में विफल रहे हैं और अब इस विफलता को छिपाने के लिए इस तरह के कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि AAP के पास ठोस मुद्दे और उपलब्धियाँ होतीं, तो उसे ऐसे विरोध-प्रदर्शनों का सहारा लेने की कोई आवश्यकता नहीं पड़ती।
जनता पर असर और राजनीतिक संदर्भ
सचदेवा ने दावा किया कि दिल्ली की जनता अब इस तरह की राजनीति को भली-भाँति समझ चुकी है और इन आंदोलनों से प्रभावित नहीं होगी। गौरतलब है कि केजरीवाल कथित शराब नीति घोटाले से जुड़े मामलों में न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं, और यह ऐसे समय में आया है जब AAP हाल के विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद अपनी राजनीतिक ज़मीन पुनः मज़बूत करने की कोशिश में है।
आगे क्या
फिलहाल AAP की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कथित शराब घोटाले से जुड़े मामलों में न्यायिक प्रक्रिया जारी है और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में दोनों पार्टियों के बीच यह टकराव और तेज़ हो सकता है।