दिल्ली में 106 प्रदूषणकारी औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई, 33 को बंद करने के आदेश
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली सरकार ने जनवरी से जुलाई 2026 के बीच चलाए गए प्रदूषण-रोधी अभियान के तहत 2,011 औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया, जिनमें से 106 इकाइयाँ निर्धारित पर्यावरण मानकों का उल्लंघन करती पाई गईं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 21 अगस्त 2026 को यह जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है और आगे भी जारी रहेगी।
मुख्य घटनाक्रम
निरीक्षण में सामने आया कि 78 इकाइयाँ दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) की वैध संचालन अनुमति (सीटीओ) के बिना चल रही थीं। इसके अलावा 44 मामलों में पर्यावरण मुआवजा (ईसी) लगाया गया है, जबकि 33 इकाइयों को तत्काल बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शेष उल्लंघन के मामलों में भी संबंधित पर्यावरण कानूनों एवं विनियमों के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
सरकार की प्राथमिकता और रुख
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'दिल्ली को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पर्यावरण नियमों का पालन करने वाले उद्योगों को हर संभव सहायता दी जाएगी, लेकिन नियम तोड़ने वालों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि प्रदूषण को उसके स्रोत पर ही प्रभावी ढंग से नियंत्रित करना है।
औद्योगिक प्रदूषण से परे — व्यापक अभियान
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह अभियान केवल औद्योगिक इकाइयों तक सीमित नहीं है। सड़क की धूल, वाहनों से निकलने वाला धुआँ, निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियाँ, कचरा जलाना और अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों के विरुद्ध भी समानांतर कार्रवाई की जा रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली लगातार कई वर्षों से देश के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में शुमार रही है और सर्दियों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खतरनाक स्तर तक पहुँच जाता है। गौरतलब है कि औद्योगिक उत्सर्जन को दिल्ली की वायु गुणवत्ता बिगाड़ने वाले प्रमुख कारकों में माना जाता है।
निगरानी तंत्र को मज़बूती
सरकार ने औद्योगिक उत्सर्जन की नियमित ज़मीनी निगरानी को सुदृढ़ करने की बात कही है, ताकि उल्लंघन की समय पर पहचान हो सके। मुख्यमंत्री ने दिल्ली के नागरिकों से भी अपील की कि यदि उन्हें कहीं औद्योगिक प्रदूषण, खुला दहन, धूल प्रदूषण या पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाली कोई गतिविधि दिखे, तो वे तुरंत सरकार को सूचित करें।
उन्होंने कहा, 'एक नागरिक की एक जिम्मेदार रिपोर्ट से प्रदूषण फैलाने वालों की तेज़ी से पहचान और समय पर कार्रवाई संभव हो सकती है।'
आगे क्या
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आश्वस्त किया कि स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने के लिए सरकार के प्रयास न केवल जारी रहेंगे, बल्कि और अधिक प्रभावी होंगे। सर्दियों से पहले यह अभियान विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब दिल्ली में प्रदूषण का स्तर सामान्यतः चरम पर होता है।