मास्टर प्लान दिल्ली-2047: डीडीए नवंबर तक 20 बैठकों में जोड़ेगा पक्षकारों को, एल-जी संधू की पहल
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने मास्टर प्लान फॉर दिल्ली-2047 (एमपीडी-2047) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक व्यापक जनसंपर्क अभियान की शुरुआत की है, जिसके तहत अगले तीन महीनों — अगस्त से नवंबर 2026 के बीच पक्षकारों के साथ 20 बैठकें आयोजित की जाएंगी। उपराज्यपाल (एल-जी) टी.एस. संधू के सुझाव पर तैयार की गई यह योजना निर्वाचित प्रतिनिधियों से लेकर किसानों, उद्योग जगत और नागरिक समूहों तक को एक साझा मंच पर लाएगी। यह जानकारी 23 अगस्त को एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी।
जनसंपर्क अभियान का दायरा
डीडीए के अनुसार, इन बैठकों में सांसद, विधायक, सरकारी एजेंसियाँ, पेशेवर संस्थाएँ, उद्योग संगठन, निवासी कल्याण संघ (आरडब्ल्यूए), जमीन मालिक और किसान शामिल होंगे। प्राधिकरण का उद्देश्य एमपीडी-2047 के प्रावधानों पर केंद्रित चर्चा के लिए एक संरचित मंच उपलब्ध कराना और योजना को जमीन पर उतारने के लिए समन्वय मजबूत करना है। गौरतलब है कि डीडीए के अध्यक्ष पद पर उपराज्यपाल ही आसीन होते हैं।
मुख्य विषय और प्रावधान
सांसदों और विधायकों के साथ होने वाली बैठकों में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी), हाई डेंसिटी कॉरिडोर (एचडीसी), लैंड पूलिंग और लो डेंसिटी एरिया (एलडीए) जैसे प्रमुख प्रावधानों पर चर्चा होगी। सीआईआई, फिक्की, पीएचडी चैंबर, एसोचैम और डीएसआईआईडीसी जैसे उद्योग संगठनों के साथ औद्योगिक विकास और भूमि उपलब्धता को सुगम बनाने के उपायों पर विचार-विमर्श होगा।
आर्किटेक्ट, टाउन प्लानर और निजी क्षेत्र के हितधारक भी टीओडी, एचडीसी और लैंड पूलिंग के तहत उभरते विकास अवसरों पर होने वाली विशेष चर्चाओं में भाग लेंगे। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए), ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी और कोऑपरेटिव सोसाइटी से ग्रुप हाउसिंग पुनर्विकास के मुद्दों पर अलग से संवाद किया जाएगा।
किसान और जमीन मालिकों से क्षेत्रवार संवाद
लैंड पूलिंग नीति के क्रियान्वयन को लेकर किसानों, जमीन मालिकों और स्थानीय पक्षकारों के साथ क्षेत्रवार बैठकें प्रस्तावित हैं। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब दिल्ली के बाहरी इलाकों में लैंड पूलिंग को लेकर वर्षों से अनिश्चितता बनी हुई है और हजारों एकड़ जमीन इस नीति के दायरे में आती है।
व्यापक विकास एजेंडा
जनसंपर्क कार्यक्रम में यमुना नदी का पुनर्जीवन, दिल्ली का ब्लू-ग्रीन नेटवर्क, विरासत संरक्षण, मिश्रित उपयोग विकास, वाणिज्यिक केंद्रों का पुनर्विकास, इन-सिटू झुग्गी पुनर्विकास और यातायात सुधार जैसे विषय भी शामिल किए गए हैं। इसके अलावा, शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों के साथ शिक्षा एवं चिकित्सा केंद्रों के विकास पर केंद्रित बैठकें भी प्रस्तावित हैं।
आगे की राह
डीडीए का कहना है कि इस अभियान के जरिए एमपीडी-2047 के तहत उपलब्ध अवसरों के बारे में जागरूकता बढ़ाना, क्रियान्वयन एजेंसियों के बीच समन्वय मजबूत करना और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना — ये तीन प्रमुख लक्ष्य हैं। यह अभियान दिल्ली के दीर्घकालिक शहरी भविष्य को आकार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।