24 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मास्टर प्लान दिल्ली-2047: डीडीए नवंबर तक करेगा 20 हितधारक बैठकें, एल-जी संधू के निर्देश पर बड़ा अभियान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मास्टर प्लान दिल्ली-2047: डीडीए नवंबर तक करेगा 20 हितधारक बैठकें, एल-जी संधू के निर्देश पर बड़ा अभियान

सारांश

दिल्ली के भविष्य की नींव रखने वाले मास्टर प्लान-2047 को ज़मीन पर उतारने के लिए डीडीए ने बड़ा दांव खेला है — नवंबर तक 20 बैठकों में सांसद से लेकर किसान तक, सभी पक्षकारों को एक मेज़ पर लाने की तैयारी है।

मुख्य बातें

डीडीए ने एमपीडी-2047 पर अगस्त से नवंबर 2026 के बीच 20 हितधारक बैठकें आयोजित करने का प्रस्ताव रखा है।
यह अभियान उपराज्यपाल टी.एस.
संधू के सुझाव पर शुरू किया गया है, जो डीडीए के अध्यक्ष भी हैं।
बैठकों में टीओडी , एचडीसी , लैंड पूलिंग , यमुना पुनर्जीवन और इन-सिटू झुग्गी पुनर्विकास प्रमुख विषय होंगे।
सीआईआई, फिक्की, पीएचडी चैंबर, एसोचैम सहित उद्योग संगठनों से औद्योगिक भूमि उपलब्धता पर चर्चा होगी।
किसानों, आरडब्ल्यूए, शैक्षणिक व स्वास्थ्य संस्थानों के साथ भी अलग-अलग केंद्रित बैठकें प्रस्तावित हैं।

दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने मास्टर प्लान फॉर दिल्ली-2047 (एमपीडी-2047) के क्रियान्वयन को गति देने के लिए एक व्यापक जनसंपर्क अभियान की शुरुआत की है। उपराज्यपाल (एल-जी) टी.एस. संधू के सुझाव पर तैयार इस योजना के तहत अगस्त से नवंबर 2026 के बीच विभिन्न पक्षकारों के साथ कुल 20 बैठकें आयोजित की जाएंगी। यह जानकारी 23 अगस्त को डीडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी।

अभियान का उद्देश्य और दायरा

डीडीए के अनुसार, इस जनसंपर्क अभियान का मुख्य लक्ष्य एमपीडी-2047 के प्रावधानों पर सीधा संवाद स्थापित करना और योजना को ज़मीनी स्तर पर लागू करने के लिए बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना है। प्राधिकरण निर्वाचित प्रतिनिधियों, सरकारी एजेंसियों, पेशेवर संस्थाओं, उद्योग जगत, निवासियों और जमीन मालिकों सहित सभी प्रमुख पक्षकारों तक पहुँचेगा। गौरतलब है कि डीडीए के अध्यक्ष स्वयं उपराज्यपाल होते हैं, जिससे इस अभियान को सर्वोच्च प्रशासनिक समर्थन प्राप्त है।

मुख्य विषय और प्रावधान

बैठकों में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी), हाई डेंसिटी कॉरिडोर (एचडीसी), लैंड पूलिंग और लो डेंसिटी एरिया (एलडीए) जैसे एमपीडी-2047 के प्रमुख प्रावधानों पर केंद्रित चर्चा होगी। इसके अतिरिक्त, यमुना नदी का पुनर्जीवन, दिल्ली के ब्लू-ग्रीन नेटवर्क का विकास, विरासत संरक्षण, मिश्रित उपयोग विकास, वाणिज्यिक केंद्रों का पुनर्विकास, इन-सिटू झुग्गी पुनर्विकास और भीड़भाड़ कम करने के उपाय भी एजेंडे में शामिल हैं।

उद्योग और पेशेवर संस्थाओं से संवाद

सीआईआई, फिक्की, पीएचडी चैंबर, एसोचैम और डीएसआईआईडीसी जैसे प्रमुख उद्योग संगठनों के साथ औद्योगिक विकास और भूमि उपलब्धता को सरल बनाने के उपायों पर विशेष बैठकें होंगी। आर्किटेक्ट, टाउन प्लानर और निजी क्षेत्र के हितधारक भी टीओडी, एचडीसी और लैंड पूलिंग से जुड़े विकास अवसरों पर चर्चा में भाग लेंगे।

किसानों, आरडब्ल्यूए और शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी

लैंड पूलिंग नीति के संदर्भ में किसानों और जमीन मालिकों के साथ क्षेत्रवार बैठकें अलग से आयोजित की जाएंगी। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए), ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी और कोऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी से ग्रुप हाउसिंग पुनर्विकास के मुद्दों पर संपर्क किया जाएगा। शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों के साथ भी केंद्रित बैठकें प्रस्तावित हैं, जो दिल्ली में शिक्षा और चिकित्सा केंद्रों के विकास की दिशा तय करेंगी।

आगे की राह

डीडीए का कहना है कि यह अभियान एमपीडी-2047 के तहत उपलब्ध अवसरों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और आने वाले दशकों में दिल्ली के विकास की दिशा तय करने में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेगा। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली की बढ़ती आबादी और बुनियादी ढाँचे की माँग के बीच एक सुनियोजित विकास रोडमैप की ज़रूरत पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है। नवंबर 2026 तक सभी 20 बैठकें पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी क्रियान्वयन अब तक सीमित रहा है — 20 बैठकों का यह अभियान उस खाई को पाटने की कोशिश है। असली सवाल यह है कि क्या ये बैठकें महज़ औपचारिकता बनेंगी या इनसे निकले सुझाव वास्तव में योजना को प्रभावित करेंगे। लैंड पूलिंग जैसे विवादास्पद प्रावधानों पर किसानों और जमीन मालिकों की असली चिंताओं को संस्थागत रूप से दर्ज और संबोधित किया जाना ज़रूरी है। बिना पारदर्शी फीडबैक तंत्र के, यह अभियान कागज़ पर भागीदारी और ज़मीन पर एकतरफा फैसलों का पुराना पैटर्न दोहरा सकता है।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मास्टर प्लान फॉर दिल्ली-2047 क्या है?
मास्टर प्लान फॉर दिल्ली-2047 (एमपीडी-2047) दिल्ली विकास प्राधिकरण द्वारा तैयार किया गया दीर्घकालिक शहरी विकास दस्तावेज़ है, जो आवास, परिवहन, उद्योग, हरित क्षेत्र और बुनियादी ढाँचे के विकास की दिशा तय करता है। इसमें ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट, लैंड पूलिंग और यमुना पुनर्जीवन जैसे प्रमुख प्रावधान शामिल हैं।
डीडीए की 20 हितधारक बैठकें कब और किनके साथ होंगी?
ये 20 बैठकें अगस्त से नवंबर 2026 के बीच आयोजित की जाएंगी। इनमें सांसद, विधायक, सरकारी एजेंसियाँ, उद्योग संगठन, आर्किटेक्ट, टाउन प्लानर, आरडब्ल्यूए, किसान, जमीन मालिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थान शामिल होंगे।
इन बैठकों में कौन-से मुख्य मुद्दे उठाए जाएंगे?
बैठकों में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी), हाई डेंसिटी कॉरिडोर (एचडीसी), लैंड पूलिंग, लो डेंसिटी एरिया, यमुना पुनर्जीवन, विरासत संरक्षण, इन-सिटू झुग्गी पुनर्विकास और औद्योगिक भूमि उपलब्धता प्रमुख विषय होंगे।
किसानों और जमीन मालिकों के लिए इस अभियान में क्या है?
लैंड पूलिंग नीति के संदर्भ में किसानों और जमीन मालिकों के साथ क्षेत्रवार अलग बैठकें आयोजित की जाएंगी। इनका उद्देश्य लैंड पूलिंग प्रक्रिया को लेकर उनकी चिंताओं और अपेक्षाओं को सीधे सुनना और समन्वय बेहतर करना है।
इस जनसंपर्क अभियान का दीर्घकालिक लक्ष्य क्या है?
डीडीए का लक्ष्य एमपीडी-2047 के प्रावधानों के बारे में जागरूकता बढ़ाना, क्रियान्वयन एजेंसियों के बीच समन्वय मजबूत करना और दिल्ली के भविष्य के विकास में नागरिकों व पक्षकारों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 16 घंटे पहले
  2. 16 घंटे पहले
  3. 2 दिन पहले
  4. 3 दिन पहले
  5. 3 दिन पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले