अयोध्या में सावन के दौरान मछली भोज पर सियासी विवाद, ओपी राजभर और नरेंद्र कश्यप ने कांग्रेस को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में सावन माह के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के स्वागत कार्यक्रम में कथित तौर पर मछली-भात भोज आयोजित किए जाने को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। 24 अगस्त को सामने आए इस मामले ने सत्तारूढ़ दल के नेताओं को कांग्रेस पर तीखे हमले का अवसर दे दिया।
मंत्री ओपी राजभर की तीखी प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओपी राजभर ने इस विवाद पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि चर्चा में बने रहने के लिए बहुत से लोग सावन महीने में मछली भोज कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 'कांग्रेस के लोग धर्म को नहीं मानते हैं, धर्म के नाम पर ढोंग रचते हैं।'
गौरतलब है कि सावन का महीना हिंदू आस्था में अत्यंत पवित्र माना जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु मांसाहार से परहेज़ करते हैं। ऐसे में अयोध्या जैसे धार्मिक नगर में इस आयोजन ने भाजपा नेताओं को आक्रामक होने का मौका दिया।
मंत्री नरेंद्र कश्यप का बयान
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री नरेंद्र कश्यप ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 'अयोध्या धाम भगवान श्री राम की जन्मभूमि है और अयोध्याधाम से पूरी दुनिया के लोगों की आस्था जुड़ी हुई है।' उनका कहना था कि कांग्रेस नेताओं को स्वयं समझना चाहिए कि ऐसे धार्मिक शहर में किसी के स्वागत में मांसाहारी भोजन से बचना उचित होगा।
कश्यप ने यह भी कहा कि उनके विचार में यह 'हिंदू धर्म के लोगों को चिढ़ाने जैसा है, जो उचित नहीं है।' यह ऐसे समय में आया है जब अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद से राष्ट्रीय धार्मिक चर्चा के केंद्र में बनी हुई है।
चीनी के बढ़ते दामों पर भी बोले कश्यप
इसी बीच मंत्री नरेंद्र कश्यप ने चीनी की बढ़ती कीमतों पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार दोनों इस मुद्दे पर चिंतित हैं। सरकार ने पूरे प्रदेश में कार्रवाई तेज कर दी है और जिन जमाखोरों ने अवैध तरीके से चीनी का भंडारण किया था, उनकी जाँच की जा रही है तथा उन्हें पकड़ा जा रहा है।
कश्यप ने भरोसा दिलाया कि 'चीनी के दाम बहुत जल्दी सामान्य स्थिति में आ जाएंगे।' हालाँकि, उन्होंने कोई ठोस समयसीमा नहीं बताई।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की स्थिति
यह विवाद उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक गतिविधियों के बीच उभरा है, जहाँ सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बीच तनातनी लगातार बनी रहती है। अजय राय के स्वागत कार्यक्रम में कथित मछली भोज पर कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस आने वाले दिनों में और तेज़ होने की संभावना है।