18 अगस्त 2026
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वंदे मातरम अपमान और राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत राजू दास ने मांगी कांग्रेस पर कार्रवाई

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वंदे मातरम अपमान और राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत राजू दास ने मांगी कांग्रेस पर कार्रवाई

सारांश

अयोध्या के हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने वंदे मातरम के कथित अपमान और राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर कांग्रेस नेतृत्व के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मोदी-शाह से जांच का आग्रह किया और अदालत जाने तथा एफआईआर दर्ज कराने का संकेत दिया।

मुख्य बातें

महंत राजू दास ने 17 अगस्त 2026 को चंदौली में वंदे मातरम अपमान और राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर कांग्रेस के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
एक कांग्रेस सांसद के कथित बयान — 'वंदे मातरम नहीं कहा, आगे भी नहीं कहेंगे' — को महंत ने 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया।
सोनिया गांधी की वंदे मातरम गायन के दौरान कथित प्रतिक्रिया को महंत ने आपत्तिजनक करार दिया।
सर्वोच्च न्यायालय के संज्ञान और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख का हवाला देते हुए राम मंदिर चढ़ावा मामले में दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
राम जन्मभूमि परिसर में पुजारियों के लिए ड्रेस कोड का समर्थन किया; सनातन परंपरा में वेशभूषा को महत्वपूर्ण बताया।
महंत ने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से जांच का आग्रह किया और एफआईआर दर्ज कराने की बात कही।

अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने 17 अगस्त 2026 को चंदौली में वंदे मातरम के कथित अपमान और राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि धार्मिक और राष्ट्रीय भावनाओं से जुड़े विषयों को राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल न किया जाए।

राम मंदिर चढ़ावा मामले में जांच की मांग

महंत राजू दास ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले का संज्ञान लिया है और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में कथित अनियमितताओं को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उनका कहना था कि इसी कड़ी में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई होनी चाहिए और सभी साक्ष्य सार्वजनिक रूप से सामने आने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।

वंदे मातरम विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया

महंत राजू दास ने एक कांग्रेस सांसद के कथित बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने सुना कि उक्त सांसद ने कहा कि उन्होंने कभी वंदे मातरम नहीं कहा और आगे भी नहीं कहेंगे। महंत ने इसे 'दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया और कहा कि वंदे मातरम किसी व्यक्ति या समुदाय की आराधना नहीं, बल्कि उस मातृभूमि के प्रति सम्मान का प्रतीक है जिस पर हम सब निवास करते हैं। उनके अनुसार, राष्ट्रीय प्रतीकों को राजनीतिक विवाद का केंद्र बनाना उचित नहीं है।

सोनिया गांधी और खड़गे पर आरोप

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लेकर भी महंत राजू दास ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि वंदे मातरम गायन के दौरान सोनिया गांधी की कथित प्रतिक्रिया असामान्य और आपत्तिजनक थी। महंत ने कहा कि देश और संस्कृति से जुड़े प्रतीकों के प्रति सम्मान होना चाहिए और राजनीतिक मतभेदों को ऐसे अवसरों पर नहीं लाना चाहिए।

राम जन्मभूमि में ड्रेस कोड का समर्थन

महंत राजू दास ने राम जन्मभूमि परिसर में पुजारियों के लिए ड्रेस कोड लागू किए जाने के निर्णय का समर्थन किया और इसे एक सकारात्मक पहल बताया। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में वेशभूषा और पहचान का विशेष महत्व है — जिस प्रकार एक साधु की पहचान उसके चंदन, माला और पारंपरिक वेश से होती है, उसी प्रकार धार्मिक स्थलों पर अलग-अलग जिम्मेदारियों के अनुरूप ड्रेस कोड से पहचान स्पष्ट रहती है।

मोदी-शाह से कार्रवाई की अपील, अदालत जाने का संकेत

महंत राजू दास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से कांग्रेस नेतृत्व के विरुद्ध जांच की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि न्यायपालिका ने अन्य मामलों में स्वतः संज्ञान लिया है, तो वंदे मातरम से जुड़े विवाद पर क्यों नहीं। उन्होंने संकेत दिया कि वे इस मामले को लेकर अदालत का दरवाज़ा खटखटाएंगे और संबंधित लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने का प्रयास करेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर और राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़े विवाद राजनीतिक रूप से और अधिक संवेदनशील होते जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि राजनीतिक बयानबाज़ी न्यायिक प्रक्रिया से कहीं आगे निकल चुकी है।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महंत राजू दास ने वंदे मातरम विवाद पर क्या कहा?
महंत राजू दास ने एक कांग्रेस सांसद के कथित बयान — कि उन्होंने कभी वंदे मातरम नहीं कहा और आगे भी नहीं कहेंगे — को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उनके अनुसार वंदे मातरम किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति सम्मान की अभिव्यक्ति है और इसे राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में महंत राजू दास की क्या मांग है?
महंत राजू दास ने मांग की है कि सर्वोच्च न्यायालय के संज्ञान और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख के अनुरूप दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि सभी साक्ष्य सामने आने चाहिए और किसी भी दोषी को बचने का मौका नहीं मिलना चाहिए।
क्या महंत राजू दास अदालत का रुख करेंगे?
हाँ, महंत राजू दास ने संकेत दिया है कि वे वंदे मातरम विवाद को लेकर अदालत जाएंगे और संबंधित लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि न्यायपालिका ने अन्य मामलों में स्वतः संज्ञान लिया, तो इस विवाद पर क्यों नहीं।
राम जन्मभूमि में ड्रेस कोड पर महंत राजू दास का क्या रुख है?
महंत राजू दास ने राम जन्मभूमि परिसर में पुजारियों के लिए ड्रेस कोड लागू करने के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने इसे सनातन परंपरा के अनुरूप और धार्मिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखने के लिए उपयोगी बताया।
महंत राजू दास ने सोनिया गांधी पर क्या आरोप लगाए?
महंत राजू दास ने आरोप लगाया कि वंदे मातरम गायन के दौरान सोनिया गांधी की कथित प्रतिक्रिया असामान्य और आपत्तिजनक थी। उन्होंने कहा कि देश और संस्कृति से जुड़े प्रतीकों के प्रति सम्मान होना चाहिए और राजनीतिक मतभेदों को ऐसे अवसरों पर नहीं लाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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