वंदे मातरम अपमान और राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत राजू दास ने मांगी कांग्रेस पर कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने 17 अगस्त 2026 को चंदौली में वंदे मातरम के कथित अपमान और राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि धार्मिक और राष्ट्रीय भावनाओं से जुड़े विषयों को राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल न किया जाए।
राम मंदिर चढ़ावा मामले में जांच की मांग
महंत राजू दास ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले का संज्ञान लिया है और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में कथित अनियमितताओं को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उनका कहना था कि इसी कड़ी में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई होनी चाहिए और सभी साक्ष्य सार्वजनिक रूप से सामने आने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
वंदे मातरम विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया
महंत राजू दास ने एक कांग्रेस सांसद के कथित बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने सुना कि उक्त सांसद ने कहा कि उन्होंने कभी वंदे मातरम नहीं कहा और आगे भी नहीं कहेंगे। महंत ने इसे 'दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया और कहा कि वंदे मातरम किसी व्यक्ति या समुदाय की आराधना नहीं, बल्कि उस मातृभूमि के प्रति सम्मान का प्रतीक है जिस पर हम सब निवास करते हैं। उनके अनुसार, राष्ट्रीय प्रतीकों को राजनीतिक विवाद का केंद्र बनाना उचित नहीं है।
सोनिया गांधी और खड़गे पर आरोप
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लेकर भी महंत राजू दास ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि वंदे मातरम गायन के दौरान सोनिया गांधी की कथित प्रतिक्रिया असामान्य और आपत्तिजनक थी। महंत ने कहा कि देश और संस्कृति से जुड़े प्रतीकों के प्रति सम्मान होना चाहिए और राजनीतिक मतभेदों को ऐसे अवसरों पर नहीं लाना चाहिए।
राम जन्मभूमि में ड्रेस कोड का समर्थन
महंत राजू दास ने राम जन्मभूमि परिसर में पुजारियों के लिए ड्रेस कोड लागू किए जाने के निर्णय का समर्थन किया और इसे एक सकारात्मक पहल बताया। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में वेशभूषा और पहचान का विशेष महत्व है — जिस प्रकार एक साधु की पहचान उसके चंदन, माला और पारंपरिक वेश से होती है, उसी प्रकार धार्मिक स्थलों पर अलग-अलग जिम्मेदारियों के अनुरूप ड्रेस कोड से पहचान स्पष्ट रहती है।
मोदी-शाह से कार्रवाई की अपील, अदालत जाने का संकेत
महंत राजू दास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से कांग्रेस नेतृत्व के विरुद्ध जांच की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि न्यायपालिका ने अन्य मामलों में स्वतः संज्ञान लिया है, तो वंदे मातरम से जुड़े विवाद पर क्यों नहीं। उन्होंने संकेत दिया कि वे इस मामले को लेकर अदालत का दरवाज़ा खटखटाएंगे और संबंधित लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने का प्रयास करेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर और राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़े विवाद राजनीतिक रूप से और अधिक संवेदनशील होते जा रहे हैं।