नई दिल्ली में धारा 163 लागू: जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले सभाओं, रैलियों पर पूर्ण प्रतिबंध
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 2 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 लागू कर दी है, जिसके तहत नई दिल्ली जिले में बिना पूर्व लिखित अनुमति के किसी भी सार्वजनिक सभा, जुलूस, धरने या प्रदर्शन पर पूर्ण रोक लगा दी गई है। यह कदम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर जंतर-मंतर पर घोषित विरोध-प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में उठाया गया है।
प्रतिबंध का दायरा और शर्तें
दिल्ली पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार, बीएनएसएस धारा 163 के तहत 5 या उससे अधिक लोगों का जमावड़ा, नारेबाजी, सार्वजनिक भाषण और जुलूस सभी प्रतिबंधित हैं। साथ ही हथियार, बैनर, प्लेकार्ड, लाठी, तलवार, डंडे, ईंट-पत्थर या कोई भी अन्य आपत्तिजनक वस्तु साथ लेकर चलने पर भी सख्त मनाही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह निषेधाज्ञा जन-सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और ट्रैफिक की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है।
दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट कर इस आदेश की जानकारी सार्वजनिक की और नागरिकों, आगंतुकों तथा सभी संबंधित लोगों से इसका सख्ती से पालन करने की अपील की।
विरोध-प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
आम आदमी पार्टी (AAP), वामपंथी दलों और यूथ कांग्रेस समेत कई राजनीतिक संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर जंतर-मंतर पर शुक्रवार के प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों में तनाव चल रहा है, और इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में समर्थकों के जुटने की आशंका जताई जा रही थी।
सुरक्षा व्यवस्था और बॉर्डर पर चौकसी
प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए नई दिल्ली के वीवीआईपी इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पहले से कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों के हज़ारों जवानों को भी तैनात किया गया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश और हरियाणा की सीमाओं पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है ताकि बाहर से आने वाले प्रदर्शनकारियों पर नज़र रखी जा सके और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 223 और कानून के अन्य लागू प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश तब तक प्रभावी रहेगा जब तक प्रशासन इसे वापस नहीं लेता।
अब सबकी नज़रें इस पर टिकी हैं कि विपक्षी दल और संगठन अदालत का रुख करते हैं या फिर वैकल्पिक तरीकों से अपना विरोध दर्ज कराते हैं।