2 अक्टूबर 2026
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नई दिल्ली में धारा 163 लागू: जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले सभाओं, रैलियों पर पूर्ण प्रतिबंध

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नई दिल्ली में धारा 163 लागू: जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले सभाओं, रैलियों पर पूर्ण प्रतिबंध

सारांश

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर AAP, वामदलों और यूथ कांग्रेस के जंतर-मंतर प्रदर्शन से ठीक पहले दिल्ली पुलिस ने पूरे नई दिल्ली जिले में बीएनएसएस धारा 163 लागू कर दी है। 5 या अधिक लोगों के जमावड़े, नारेबाजी और बैनर पर पाबंदी है; उल्लंघन पर बीएनएस धारा 223 के तहत कार्रवाई होगी।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने 2 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली जिले में बीएनएसएस धारा 163 लागू की।
बिना पूर्व लिखित अनुमति के 5 या अधिक लोगों की सभा, जुलूस, धरना और नारेबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध।
प्रतिबंध का कारण: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर जंतर-मंतर पर घोषित विरोध-प्रदर्शन।
AAP , वामपंथी दल और यूथ कांग्रेस ने प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी।
UP और हरियाणा सीमाओं पर भी चौकसी बढ़ाई गई; अर्धसैनिक बल तैनात।
उल्लंघन पर बीएनएस धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की चेतावनी।

नई दिल्ली में 2 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 लागू कर दी है, जिसके तहत नई दिल्ली जिले में बिना पूर्व लिखित अनुमति के किसी भी सार्वजनिक सभा, जुलूस, धरने या प्रदर्शन पर पूर्ण रोक लगा दी गई है। यह कदम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर जंतर-मंतर पर घोषित विरोध-प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में उठाया गया है।

प्रतिबंध का दायरा और शर्तें

दिल्ली पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार, बीएनएसएस धारा 163 के तहत 5 या उससे अधिक लोगों का जमावड़ा, नारेबाजी, सार्वजनिक भाषण और जुलूस सभी प्रतिबंधित हैं। साथ ही हथियार, बैनर, प्लेकार्ड, लाठी, तलवार, डंडे, ईंट-पत्थर या कोई भी अन्य आपत्तिजनक वस्तु साथ लेकर चलने पर भी सख्त मनाही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह निषेधाज्ञा जन-सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और ट्रैफिक की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है।

दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट कर इस आदेश की जानकारी सार्वजनिक की और नागरिकों, आगंतुकों तथा सभी संबंधित लोगों से इसका सख्ती से पालन करने की अपील की।

विरोध-प्रदर्शन की पृष्ठभूमि

आम आदमी पार्टी (AAP), वामपंथी दलों और यूथ कांग्रेस समेत कई राजनीतिक संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर जंतर-मंतर पर शुक्रवार के प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों में तनाव चल रहा है, और इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में समर्थकों के जुटने की आशंका जताई जा रही थी।

सुरक्षा व्यवस्था और बॉर्डर पर चौकसी

प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए नई दिल्ली के वीवीआईपी इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पहले से कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों के हज़ारों जवानों को भी तैनात किया गया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश और हरियाणा की सीमाओं पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है ताकि बाहर से आने वाले प्रदर्शनकारियों पर नज़र रखी जा सके और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 223 और कानून के अन्य लागू प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश तब तक प्रभावी रहेगा जब तक प्रशासन इसे वापस नहीं लेता।

अब सबकी नज़रें इस पर टिकी हैं कि विपक्षी दल और संगठन अदालत का रुख करते हैं या फिर वैकल्पिक तरीकों से अपना विरोध दर्ज कराते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और उस पर एहतियाती निषेधाज्ञा लगाना नागरिक स्वतंत्रता बनाम राज्य-नियंत्रण की बहस को फिर तेज़ करता है। UP-हरियाणा सीमाओं पर चौकसी बताती है कि प्रशासन को वास्तव में बड़ी भीड़ की आशंका थी — जो विपक्षी एकता की एक संकेत भी है।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नई दिल्ली में बीएनएसएस धारा 163 क्या है और यह क्यों लागू की गई?
बीएनएसएस धारा 163 एक निषेधाज्ञा प्रावधान है जो किसी क्षेत्र में सभा, जुलूस और प्रदर्शन पर अस्थायी रोक लगाने का अधिकार प्रशासन को देता है। 2 अक्टूबर 2026 को यह नई दिल्ली जिले में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर जंतर-मंतर पर घोषित विरोध-प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में लागू की गई।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किसने बुलाया था और माँग क्या थी?
आम आदमी पार्टी (AAP), वामपंथी दलों और यूथ कांग्रेस समेत कई संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर जंतर-मंतर पर शुक्रवार को विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया था।
धारा 163 के तहत क्या-क्या प्रतिबंधित है?
इस आदेश के तहत नई दिल्ली जिले में बिना पूर्व लिखित अनुमति के 5 या अधिक लोगों का जमावड़ा, सभा, जुलूस, धरना, नारेबाजी और सार्वजनिक भाषण प्रतिबंधित हैं। हथियार, बैनर, प्लेकार्ड, लाठी, डंडे, ईंट-पत्थर जैसी आपत्तिजनक वस्तुएँ साथ लेकर चलना भी मना है।
निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने पर क्या सज़ा हो सकती है?
दिल्ली पुलिस के अनुसार, धारा 163 का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 223 और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली में सुरक्षा के क्या इंतज़ाम किए गए हैं?
नई दिल्ली के वीवीआईपी इलाकों में दिल्ली पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों के हज़ारों जवान तैनात किए गए हैं। उत्तर प्रदेश और हरियाणा की सीमाओं पर भी चौकसी बढ़ाई गई है ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
राष्ट्र प्रेस
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