3 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नई दिल्ली में धारा 163 लागू, जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन पर रोक; 1,000 से अधिक हिरासत में

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नई दिल्ली में धारा 163 लागू, जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन पर रोक; 1,000 से अधिक हिरासत में

सारांश

जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में धारा 163 लागू कर दी। शुक्रवार को 1,000 से अधिक प्रदर्शनकारी हिरासत में, तीन एफआईआर दर्ज — और मतदाता सूची की कथित गड़बड़ियों को लेकर सियासी तनाव अभी थमा नहीं है।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में धारा 163 लागू की; किसी भी विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं।
प्रतिबंध का कारण: जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन, मतदाता सूची SIR में कथित गड़बड़ियों को लेकर।
तीन एफआईआर दर्ज — दो संसद मार्ग थाने में, एक कनॉट प्लेस थाने में; BNS धारा 223 के तहत।
शुक्रवार को 1,000 से अधिक प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए।
किसी एफआईआर में अभी तक कोई नामजद आरोपी नहीं; आयोजकों का विवरण मामलों में दर्ज।

नई दिल्ली में दिल्ली पुलिस ने शनिवार, 4 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि पूरे नई दिल्ली जिले में धारा 163 प्रभावी है और किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है। यह कदम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले उठाया गया, जिसमें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया जाना था।

निषेधाज्ञा के तहत क्या प्रतिबंधित है

डीसीपी नई दिल्ली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि सार्वजनिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और यातायात की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए यह आदेश लागू किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति के जमावड़ा, सार्वजनिक भाषण, नारेबाजी, जुलूस, धरने और प्रदर्शन पूरी तरह वर्जित हैं।

अधिकारियों ने नागरिकों से इस आदेश का कड़ाई से पालन करने और पुलिस को सहयोग देने की अपील की। साथ ही चेताया कि उल्लंघन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एफआईआर और हिरासत का ब्यौरा

पुलिस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में कुल तीन एफआईआर दर्ज की हैं — इनमें से दो संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में और एक कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन में। ये मामले भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत दर्ज किए गए हैं।

अधिकारियों के अनुसार, किसी भी एफआईआर में अभी तक किसी व्यक्ति या संगठन को विशेष रूप से आरोपी नामजद नहीं किया गया है। हालाँकि, प्रदर्शनों का प्रस्ताव रखने वाले या उनमें शामिल होने वाले आयोजकों और संगठनों का विवरण मामलों में दर्ज किया गया है।

गौरतलब है कि शुक्रवार को पुलिस ने 1,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था, जब वे बैरिकेड्स पार कर निर्धारित विरोध स्थल की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे।

विरोध की पृष्ठभूमि

यह विवाद मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियों को लेकर उभरा है। विपक्षी दलों और विभिन्न नागरिक संगठनों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में अनियमितताएँ हुई हैं, जिसकी जवाबदेही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तय होनी चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज है।

आगे की स्थिति

फिलहाल धारा 163 नई दिल्ली जिले में लागू बनी हुई है और पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी विरोध प्रदर्शन के लिए न तो अनुमति दी गई है, न ही किसी ऐसे प्रदर्शन की पूर्व सूचना मिली है। दर्ज एफआईआर में जाँच जारी है। प्रदर्शनकारी संगठनों की अगली रणनीति पर सबकी नजरें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 से अधिक प्रदर्शनकारियों की हिरासत यह सवाल खड़ा करती है कि क्या निषेधाज्ञा सार्वजनिक व्यवस्था की ज़रूरत थी या राजनीतिक असुविधा से बचने का माध्यम। मतदाता सूची SIR की पारदर्शिता पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक दृष्टि से वैध माँग है — और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सार्वजनिक बहस को रोकने की कोशिश उल्टा असर कर सकती है। मुख्यधारा की कवरेज एफआईआर और हिरासत की संख्या पर रुक जाती है, लेकिन असली मुद्दा — SIR प्रक्रिया में किस प्रकार की कथित अनियमितताएँ हुईं — अभी भी स्पष्ट नहीं है।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नई दिल्ली में धारा 163 क्यों लागू की गई?
दिल्ली पुलिस ने सार्वजनिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और यातायात की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए धारा 163 लागू की। यह कदम मुख्य रूप से जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले उठाया गया।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किस मुद्दे को लेकर था?
प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियों को लेकर था। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग कर रहे थे।
दिल्ली पुलिस ने कितने एफआईआर दर्ज किए और किस धारा के तहत?
पुलिस ने कुल तीन एफआईआर दर्ज की हैं — दो संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में और एक कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन में। ये मामले भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत दर्ज किए गए हैं।
शुक्रवार को कितने प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए?
अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को 1,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जब वे बैरिकेड्स पार कर निर्धारित विरोध स्थल की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे।
क्या एफआईआर में किसी को नामजद किया गया है?
अधिकारियों के अनुसार, अभी तक किसी भी एफआईआर में कोई व्यक्ति या संगठन विशेष रूप से नामजद नहीं है। हालाँकि, प्रदर्शनों का प्रस्ताव रखने वाले या उनमें भाग लेने वाले आयोजकों और संगठनों का विवरण मामलों में दर्ज किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 4 घंटे पहले
  3. कल
  4. कल
  5. कल
  6. कल
  7. कल
  8. 3 महीने पहले